रूस-यूक्रेन युद्ध के चौथे वर्ष में यूक्रेन ने रूस के अंदरूनी इलाकों पर लंबे दूरी के ड्रोन हमलों को और तेज कर दिया है. सोमवार को रूस के तातारस्तान क्षेत्र के निझनेकाम्स्क शहर पर हुए बड़े ड्रोन हमले में 12 लोगों की मौत हो गई और 39 घायल हो गए. स्थानीय अधिकारियों ने इसकी पुष्टि की है.
यह हमला औद्योगिक और नागरिक सुविधाओं दोनों को निशाना बनाकर किया गया बताया जा रहा है. निझनेकाम्स्क यूक्रेन की सीमा से 1200 किलोमीटर दूर है. यह रूस का महत्वपूर्ण तेल रिफाइनरी केंद्र है.
तातारस्तान के प्रमुख रुस्तम मिन्निखानोव के प्रेस सेवा के अनुसार, सोमवार सुबह निझनेकाम्स्क पर बड़े पैमाने पर ड्रोन हमला हुआ. शहर के मेयर रादमिर बेल्यायेव ने बताया कि औद्योगिक और नागरिक ठिकाने प्रभावित हुए. मौत और घायलों की संख्या की पुष्टि क्षेत्रीय अधिकारियों ने की.
मिन्निखानोव ने शोक की घोषणा की है. सोशल मीडिया पर अपुष्ट वीडियो में तेल रिफाइनरी क्षेत्र से धुआं उठता दिखाया जा रहा है, हालांकि स्वतंत्र रूप से इसकी पुष्टि अभी मुश्किल है. निझनेकाम्स्क की आबादी करीब 2 लाख 40 हजार है. यहां दो प्रमुख तेल रिफाइनरी और एक पेट्रोकेमिकल प्लांट स्थित हैं.
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इनमें टाटनेफ्ट की टैनको रिफाइनरी शामिल है, जो रूस की सबसे एडवांस रिफाइनरियों में से एक मानी जाती है. पहले भी जून में इस क्षेत्र पर यूक्रेनी ड्रोन हमले हो चुके हैं. यूक्रेनी अधिकारियों ने इस हमले पर तुरंत कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है.
यूक्रेन की रणनीति: तेल सुविधाओं पर निरंतर हमले
पिछले कई महीनों से यूक्रेन रूस की तेल सुविधाओं पर लगभग रोजाना लंबे दूरी के ड्रोन हमले कर रहा है. इन हमलों का मकसद रूसी तेल रिफाइनिंग क्षमता को नुकसान पहुंचाना, ईंधन की कमी पैदा करना और रूसी जनता में असंतोष बढ़ाना बताया जाता है.
यूक्रेनी राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की ने रविवार देर रात सोशल मीडिया पर कहा कि ये पूरी तरह जायज जवाबी कार्रवाइयां हैं. उन्होंने कहा कि हर रूसी हमले का जवाब दिया जाएगा. रूस का युद्ध उनके अपने घर में अधिक महसूस होगा. यह युद्ध अभी भी जारी है क्योंकि रूस इसे खत्म करने को तैयार नहीं है.
यूक्रेन के घरेलू विकसित लंबे दूरी के ड्रोन अब साइबेरिया तक पहुंच रहे हैं, जो सीमा से करीब 2000 दूर है. इन हमलों ने रूसी रिफाइनिंग क्षमता को प्रभावित किया है. कई इलाकों में ईंधन की कमी की खबरें आईं, हालांकि रूसी अधिकारियों का कहना है कि ज्यादातर समस्याएं हल हो चुकी हैं. निझनेकाम्स्क जैसे अंदरूनी शहरों पर हमले यूक्रेन की क्षमता को दर्शाते हैं कि वह युद्ध को रूसी क्षेत्र में ले जा रहा है.
रूस भी यूक्रेन पर नियमित रूप से मिसाइल, ग्लाइड बम और ड्रोन हमले कर रहा है. ये हमले अक्सर नागरिक क्षेत्रों को प्रभावित करते हैं. संयुक्त राष्ट्र के अनुसार हजारों नागरिक हताहत हुए हैं. सोमवार को विश्व स्वास्थ्य संगठन के यूरोपीय कार्यालय ने बताया कि यूक्रेन के मध्य द्निप्रो क्षेत्र में उसके एक गोदाम पर 24 घंटे से कम समय में दो बार हमला हुआ.
इससे फ्रंटलाइन स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए 5 लाख डॉलर मूल्य की आपात सामग्री नष्ट हो गई. दोनों पक्ष लंबे दूरी के हमलों को बढ़ा रहे हैं, जिससे नागरिक मौतों में वृद्धि हुई है. रूस का कहना है कि उसने रात भर में 450 से ज्यादा यूक्रेनी ड्रोन को मार गिराया, जो 16 क्षेत्रों और क्रीमिया को निशाना बना रहे थे. यूक्रेन का दावा है कि उसके हमले जवाबी हैं और रूसी आक्रमण को रोकने के लिए दबाव बनाने का हिस्सा हैं.
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रणनीतिक और आर्थिक प्रभाव
निझनेकाम्स्क जैसे तेल केंद्रों पर हमले रूसी अर्थव्यवस्था के लिए चुनौती हैं. तेल और पेट्रोकेमिकल उद्योग रूस की आय का बड़ा स्रोत है. रिफाइनरियों को नुकसान पहुंचाने से घरेलू ईंधन आपूर्ति प्रभावित होती है और युद्ध की लागत बढ़ती है. जेलेंस्की का लक्ष्य पुतिन को बातचीत की मेज पर लाना है, लेकिन रूस अभी तक युद्ध जारी रखने की पोजीशन में है.
यह हमला दिखाता है कि युद्ध पारंपरिक मोर्चे से आगे बढ़ चुका है. ड्रोन तकनीक ने दोनों पक्षों को दूर तक हमला करने की क्षमता दी है. यूक्रेन की स्वदेशी ड्रोन क्षमता उसकी रक्षा रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गई है. वहीं रूस की वायु रक्षा प्रणाली को चुनौती मिल रही है.
नागरिक हताहतों की संख्या बढ़ना चिंता का विषय है. संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय संगठन दोनों पक्षों से नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील करते रहे हैं. युद्ध के लंबे खिंचने से मानवीय संकट गहरा रहा है. विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे हमले जारी रह सकते हैं जब तक कोई कूटनीतिक समाधान नहीं निकलता.
यूक्रेन दबाव बनाए रखना चाहता है, जबकि रूस अपने क्षेत्रों की सुरक्षा बढ़ाने पर जोर दे रहा है. निझनेकाम्स्क हमला युद्ध की नई गतिशीलता को उजागर करता है, जहां दूरी अब सुरक्षा की गारंटी नहीं रही. दोनों पक्षों के बीच तनाव जारी है.
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