ईरान की 30 हजार निंजा महिला वॉरियर्स, क्या ये लेंगी अमेरिका से पंगा?

ईरान के तेहरान में कुनोइची निंजा स्कूल की महिलाएं लगातार मार्शल आर्ट्स की ट्रेनिंग ली रही हैं. 1989 में स्थापित इस स्कूल में करीब 30 हजार महिलाओं ने प्रशिक्षण लिया है. यह आत्मविश्वास और फिटनेस बढ़ाता है.

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तेहरान के कुनोइची निंजा स्कूल की फीमेल वॉरियर. (Screengrab:X) तेहरान के कुनोइची निंजा स्कूल की फीमेल वॉरियर. (Screengrab:X)

ऋचीक मिश्रा

  • नई दिल्ली,
  • 17 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 1:16 PM IST

ईरान की राजधानी तेहरान में कुनोइची निंजा स्कूल की स्नातक महिलाओं ने हाल ही में अपनी अद्भुत कलाबाजी और निंजुत्सु कौशलों का प्रदर्शन किया. वीडियो फुटेज में ये महिलाएं समन्वित लिफ्ट, स्टाफ वर्क और अन्य स्टंट्स करते हुए दिखाई दे रही हैं. यह स्कूल 1989 में कोच अकबर फराजी द्वारा स्थापित किया गया था. राष्ट्रीय मार्शल आर्ट्स फेडरेशन के तहत संचालित यह कार्यक्रम महिलाओं को आत्मरक्षा, कलाबाजी और अनुशासन सिखाता है. 

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अब तक करीब 30 हजार महिलाओं ने यहां प्रशिक्षण लिया है. यह सिर्फ शारीरिक व्यायाम नहीं बल्कि आत्मविश्वास बढ़ाने और रूढ़िवादी सोच को चुनौती देने का माध्यम भी बन गया है. टीमें अपने ऊर्जावान सार्वजनिक प्रदर्शन इंस्टाग्राम पर साझा कर रही हैं जिससे इसकी लोकप्रियता बढ़ रही है.

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कुनोइची शब्द जापानी भाषा से लिया गया है जिसका मतलब महिला निंजा होता है. अकबर फराजी ने 1989 में इस स्कूल की नींव रखी जब ईरान में महिलाओं के लिए ऐसे कार्यक्रम कम ही उपलब्ध थे. शुरुआती दिनों में सीमित संसाधनों के बावजूद स्कूल धीरे-धीरे बढ़ा. 

राष्ट्रीय मार्शल आर्ट्स फेडरेशन के समर्थन से यह एक संगठित कार्यक्रम बन गया. यहां प्रशिक्षण में निंजुतसु की पारंपरिक तकनीकें शामिल हैं जैसे चुपके से घूमना, हथियारों का इस्तेमाल और शरीर का नियंत्रण. महिलाओं को समन्वित टीम वर्क भी सिखाया जाता है जिसमें वे एक-दूसरे को उठाती हैं. 

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यह प्रशिक्षण न केवल शारीरिक शक्ति बढ़ाता है बल्कि मानसिक अनुशासन भी विकसित करता है. कई महिलाएं बताती हैं कि इस स्कूल में आने के बाद वे खुद को ज्यादा सक्षम महसूस करने लगीं. नियमित अभ्यास से उनकी फिटनेस सुधरी और रोजमर्रा की जिंदगी में आत्मविश्वास बढ़ा.

आत्मरक्षा और फिटनेस पर जोर

आज की दुनिया में महिलाओं की सुरक्षा एक महत्वपूर्ण मुद्दा है. कुनोइची स्कूल इसी जरूरत को पूरा करता है. यहां सिखाई जाने वाली तकनीकें महिलाओं को संभावित खतरों से निपटने में मदद करती हैं. कलाबाजी वाले स्टंट्स शरीर की लचीलापन और संतुलन बढ़ाते हैं. स्टाफ वर्क जैसे अभ्यास हाथ-पैर के तालमेल को मजबूत करते हैं. 

प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को अनुशासन, धैर्य और एकाग्रता पर भी जोर दिया जाता है. ये गुण सिर्फ मार्शल आर्ट्स में नहीं बल्कि पढ़ाई, नौकरी और पारिवारिक जीवन में भी काम आते हैं. स्कूल के कार्यक्रमों में विभिन्न उम्र की महिलाएं शामिल होती हैं. कुछ युवा लड़कियां हैं तो कुछ अलग आयु की महिलाएं भी. 

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सब एक साथ अभ्यास करती हैं जिससे एक सकारात्मक माहौल बनता है. सार्वजनिक प्रदर्शनों में वे अपनी उपलब्धियों को साझा करती हैं जिससे समाज में जागरूकता फैलती है. ईरान जैसे देश में महिलाओं की सार्वजनिक गतिविधियों पर अक्सर चर्चा होती है. कुनोइची स्कूल इस रूढ़ि को तोड़ने का काम कर रहा है. 

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महिलाएं विनम्र कपड़ों में शक्तिशाली चालें करती हैं जिससे यह साबित होता है कि पारंपरिक पोशाक में भी वे सक्रिय और सक्षम हो सकती हैं. इंस्टाग्राम पर साझा किए जा रहे वीडियो न केवल ईरान बल्कि दुनिया भर में देखे जा रहे हैं. लोग इन प्रदर्शनों की तारीफ कर रहे हैं और महिलाओं की ताकत की सराहना कर रहे हैं. 

यह कार्यक्रम दिखाता है कि मार्शल आर्ट्स सिर्फ पुरुषों का क्षेत्र नहीं है. महिलाएं भी इसमें उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकती हैं. कई प्रशिक्षु बताती हैं कि स्कूल में आने से पहले वे शारीरिक गतिविधियों से दूर रहती थीं. अब वे नियमित व्यायाम करती हैं और स्वस्थ जीवन शैली अपनाती हैं. इससे न केवल उनका शरीर बल्कि मानसिक स्वास्थ्य भी सुधरता है.

सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व

यह स्कूल ईरानी समाज में महिलाओं की भूमिका को सकारात्मक दिशा में ले जा रहा है. आत्मरक्षा के कौशल सीखकर महिलाएं खुद को सुरक्षित महसूस करती हैं. कलाबाजी और टीम वर्क से उनमें सहयोग की भावना बढ़ती है. राष्ट्रीय फेडरेशन के तहत होने के कारण यह कार्यक्रम सरकारी समर्थन भी प्राप्त करता है. 

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इससे इसकी विश्वसनीयता बढ़ती है. स्कूल के प्रदर्शनों में ऊर्जा और उत्साह दिखता है जो दर्शकों को प्रेरित करता है. युवा पीढ़ी इन महिलाओं को रोल मॉडल के रूप में देख सकती है. लंबे समय में ऐसे कार्यक्रम समाज में लैंगिक समानता की भावना को मजबूत कर सकते हैं. हालांकि चुनौतियां भी हैं जैसे संसाधनों की कमी या सामाजिक दबाव. लेकिन स्कूल लगातार आगे बढ़ रहा है और ज्यादा महिलाओं को आकर्षित कर रहा है.

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कुनोइची निंजा स्कूल का भविष्य उज्ज्वल दिखता है. जैसे-जैसे ज्यादा महिलाएं इसमें शामिल होंगी वैसे-वैसे इसकी पहुंच बढ़ेगी. इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म की मदद से यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचाना जा रहा है. यह सिर्फ एक मार्शल आर्ट्स स्कूल नहीं बल्कि महिलाओं के सशक्तिकरण का प्रतीक बन गया है. 

प्रशिक्षण से प्राप्त आत्मविश्वास महिलाओं को जीवन के अन्य क्षेत्रों में भी आगे बढ़ने में मदद करता है. स्वास्थ्य, सुरक्षा और अनुशासन के साथ यह कार्यक्रम समग्र विकास पर जोर देता है. ईरान में ऐसे सकारात्मक प्रयासों को बढ़ावा मिलना चाहिए ताकि ज्यादा महिलाएं लाभ उठा सकें. कुल मिलाकर यह स्कूल साबित करता है कि सही अवसर मिलने पर महिलाएं किसी भी क्षेत्र में कमाल कर सकती हैं.

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