हूतियों ने सऊदी सेना पर की बमों की बारिश, ताइज में हालात खराब, देखिए Video

ताइज में हूती विद्रोहियों के ड्रोन हमलों से सऊदी समर्थित सैनिक घिरे हुए हैं. टैंकों और ठिकानों पर धमाके किए गए. सऊदी सैनिक छिपने को मजबूर हो गए हैं. हूती लगातार आगे बढ़ रहे है. यमन में संघर्ष तेज हो गया है.

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लाल घेरे जो हिस्से दिख रहे हैं ड्रोन से गिराए गए बमों के विस्फोट है. (Screengrab:X) लाल घेरे जो हिस्से दिख रहे हैं ड्रोन से गिराए गए बमों के विस्फोट है. (Screengrab:X)

ऋचीक मिश्रा

  • नई दिल्ली,
  • 21 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 5:22 PM IST

यमन के ताइज प्रांत में हूती विद्रोहियों और सऊदी अरब की सरकारी बलों के बीच लड़ाई फिर से तेज हो गई है. हाल के दिनों में हूती बलों ने ड्रोन स्वार्म का इस्तेमाल कर सरकारी सैनिकों के ठिकानों पर बमबारी की है. टैंकों और सैन्य पोजीशनों के आसपास विस्फोट हो रहे हैं. सैनिक कवर लेने को मजबूर दिख रहे हैं. 

हूती ताइज शहर की घेराबंदी को और मजबूत करते हुए आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे हैं. यह घटनाक्रम 2022 के युद्धविराम के टूटने के बाद संघर्ष के नए चरण को दर्शाता है. हूती समूह लंबे समय से सस्ते और प्रभावी ड्रोन का इस्तेमाल कर रहा है. ये ड्रोन अक्सर बम ले जाकर सैन्य ठिकानों, वाहनों और सैनिकों के जमावड़ों पर गिरते हैं. 

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ताइज के आसपास कई मोर्चों पर ऐसे हमले रिपोर्ट हुए हैं. सऊदी समर्थित बल, जिनमें यमनी आर्मी और स्थानीय प्रतिरोध समूह शामिल हैं, इन हमलों का सामना कर रहे हैं. विस्फोटों से टैंक और अन्य उपकरण क्षतिग्रस्त होने की खबरें हैं. हूती न सिर्फ ड्रोन बल्कि आर्टिलरी, कात्युशा रॉकेट और बैलिस्टिक मिसाइलों का भी इस्तेमाल कर रहे हैं. 

इससे सरकारी बलों को पीछे हटना या बचाव की मुद्रा में आना पड़ रहा है. ताइज यमन का तीसरा सबसे बड़ा शहर है और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण. हूती ने शहर को लगभग घेर लिया है, आपूर्ति मार्ग काट दिए हैं. संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी है कि नागरिकों के लिए भोजन, ईंधन और दवाइयों की कमी गंभीर हो गई है. कई इलाकों में गोलाबारी से नागरिक हताहत हुए हैं.

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यमन का गृहयुद्ध 2014 से चल रहा है. हूती ईरान समर्थित माने जाते हैं, जबकि सरकार को सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन का समर्थन मिला है. 2022 के युद्धविराम के बाद सापेक्ष शांति थी, लेकिन 2026 में सना एयरपोर्ट पर हमलों और जवाबी कार्रवाई से संघर्ष फिर भड़क उठा. हूती सऊदी अरब के अंदर भी ड्रोन और मिसाइल हमले कर रहे हैं. जवाब में सऊदी गठबंधन हवाई हमले बढ़ा रहा है.

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ताइज मोर्चे पर दोनों पक्ष भारी नुकसान की रिपोर्ट कर रहे हैं. सरकारी बल दावा करते हैं कि उन्होंने कई हूती हमलों को विफल किया और दर्जनों लड़ाकों को मार गिराया. हूती पक्ष भी अपनी सफलताओं का दावा करता है. सच्चाई मैदान में तय हो रही है.

मानवीय संकट और आगे की चुनौतियां

लड़ाई का सबसे बड़ा शिकार आम नागरिक हैं. घर नष्ट हो रहे हैं, परिवार विस्थापित हो रहे हैं. संयुक्त राष्ट्र और मानवाधिकार समूह हूती घेराबंदी खोलने की अपील कर रहे हैं. आपूर्ति न पहुंचने से कीमतें आसमान छू रही हैं. अगर संघर्ष लंबा खिंचता है तो ताइज में मानवीय तबाही और बढ़ सकती है.

यमन का यह संघर्ष रेड सी की सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता को भी प्रभावित कर रहा है. ड्रोन तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल ने आधुनिक युद्ध की तस्वीर बदल दी है. छोटे और सस्ते ड्रोन बड़े सैन्य बल को चुनौती दे सकते हैं. ताइज की लड़ाई इसी नई हकीकत का उदाहरण है. दोनों पक्षों को बातचीत का रास्ता अपनाना होगा, वरना यमन की पीड़ा और बढ़ेगी.

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