गैंगवार, बदले की साज़िश और कत्ल... पोस्टमार्टम के दौरान आयुष कोमकर के जिस्म में मिलीं 9 गोलियां

पुणे के नाना पेठ इलाके में 18 वर्षीय आयुष कोमकर की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. पुलिस ने इस मामले में यश पाटिल और अमित पाटोले को गिरफ्तार किया है. जांच में शक जताया जा रहा है कि यह हत्या एनसीपी नेता वानराज आंदेकर मर्डर केस का बदला है.

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पुलिस एक हमलावर समेत दो लोगों को पकड़ा है (फोटो-ITG) पुलिस एक हमलावर समेत दो लोगों को पकड़ा है (फोटो-ITG)

ओमकार

  • पुणे,
  • 08 सितंबर 2025,
  • अपडेटेड 10:20 PM IST

महाराष्ट्र के पुणे में आयुष कोमकर की हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है. पुलिस ने शुक्रवार शाम नाना पेठ में 18 वर्षीय आयुष कोमकर की हत्या के सिलसिले में दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक हमलावर भी शामिल है. 

सिविल इंजीनियरिंग का छात्र आयुष कोमकर, गणेश कोमकर का बेटा था. ये वही गणेश है जो पिछले साल पूर्व राकांपा पार्षद वनराज अंडेकर की हत्या के मुख्य आरोपियों में से एक था.

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पुलिस ने आयुष की मां की शिकायत पर, आयुष के दादा और कथित गैंगस्टर सूर्यकांत उर्फ ​​बंडू अंडेकर सहित 12 अन्य लोगों पर हत्या और आपराधिक साजिश के आरोप में मामला दर्ज किया है.

जांचकर्ताओं को शक है कि यह हत्या 1 सितंबर, 2024 को वनराज की हत्या का बदला लेने के लिए की गई थी. यह अपराध वनराज और उसकी बहनों के बीच लंबे समय से चल रहे संपत्ति विवाद से जुड़ा था. वनराज की बहनों की शादी दो भाइयों जयंत कोमकर और गणेश कोमकर के साथ हुई थी. 

पुलिस उपायुक्त (अपराध) निखिल पिंगले ने बताया कि गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों - यश सिद्धेश्वर पाटिल और अमित प्रकाश पटोले (19) - का कोई पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है. उन्होंने कहा, "पाटिल ने पीड़ित पर कई राउंड गोलियां चलाईं, जबकि पटोले पास में ही बैकअप के तौर पर खड़ा था. सीसीटीवी फुटेज के ज़रिए दोनों की पहचान हुई और बाद में पुलिस के दबाव में उन्होंने आत्मसमर्पण कर दिया."

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पुलिस अभी तक हमले में इस्तेमाल की गई बाइक और हथियार बरामद नहीं कर पाई है. घटनास्थल से दस खाली कारतूस और एक ज़िंदा गोली मिली है, जबकि पोस्टमॉर्टम में पीड़ित के शरीर में नौ गोलियां होने का पता चला है.

वनराज की हत्या के सिलसिले में नागपुर सेंट्रल जेल में बंद आयुष के पिता द्वारा पैरोल की मांग के कारण आयुष का अंतिम संस्कार 72 घंटे के लिए टाल दिया गया. अदालत की मंज़ूरी के बाद, उसे एक दिन की पैरोल दी गई और सोमवार शाम 50-60 पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में अंतिम संस्कार किया गया.

रविवार को, सहायक लोक अभियोजक दिलीप गायकवाड़ ने एक मजिस्ट्रेट अदालत को सूचित किया कि हथियारों का पता लगाने और व्यापक साज़िश का पर्दाफाश करने के लिए आरोपियों की पुलिस हिरासत ज़रूरी है. अदालत ने पाटिल और पटोले को 12 सितंबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है.

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