ISI की साजिश, 3 हजार की सुपारी और खूनी खेल... Indo-Pak बॉर्डर की आदिया पोस्ट में हुए डबल मर्डर की पूरी कहानी

गुरदासपुर के आदिया गांव में भारत-पाक सीमा से एक किलोमीटर दूर पुलिस पोस्ट पर एएसआई गुरनाम सिंह और होमगार्ड अशोक कुमार की गोली मारकर हत्या कर दी गई. अब तफ्तीश में पता चला है कि ये साजिश सरहद पार से रची गई थी. पढ़ें इस केस में हुए पुलिस एनकाउंटर पर उठे सवालों की पूरी कहानी.

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इस मामले में ISI का हाथ आते ही एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं (फोटो-ITG) इस मामले में ISI का हाथ आते ही एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं (फोटो-ITG)

aajtak.in

  • चंडीगढ़,
  • 27 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 3:11 PM IST

सरहद पार पाकिस्तान से एक सुपारी दी जाती है. ड्यूटी पर मौजूद दो पुलिसवालों के कत्ल की सुपारी. सुपारी पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) देती है. पर जानते हैं दो पुलिसवालों का कत्ल करने के लिए तीन सुपारी किलर्स को ISI ने पेशगी के तौर पर कितने पैसे दिए थे? महज तीन हजार रुपये. यानि हर सुपारी किलर को हजार-हजार रुपये मिले. अब या तो सचमुच पाकिस्तन और पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी पूरी तरह कंगाल हो चुकी है या फिर सरहद के इस पार कि कहानी का सच कुछ और है? तस्वीर अभी तक साफ नहीं है.

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पंजाब पुलिस के मुताबिक, तफ्तीश के दौरान आदिया गांव के ही तीन लोगों के बारे में जानकारी मिली थी. इनमें से दो रंजीत सिंह और दिलावर सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. इनकी गिरफ्तारी के बाद पुलिस वारदात में इस्तेमाल हथियारों की बरामदगी के लिए रंजित को अपने साथ ले जा रही थी. लेकिन कोहरे और एक ट्रॉली के सामने आ जाने की वजह से यूपी की तरह पंजाब में भी पुलिस की गाड़ी पलट जाती है. रंजीत सिंह भाग जाता है. कुछ देर बाद वो एक मोटरसाइकिल पर मिलता है. अब उसके पास एक हथियार भी था. दोनों तरफ से अब गोलियां चलती हैं. एनकाउंटर पूरा होता है. रंजित मारा जाता है. 

फिलहाल, दिलावर पुलिस के कब्जे में है जबकि तीसरे आरोपी इंद्रजीत की तलाश के लिए कई टीमें लगी हुई हैं. इस सवाल पर कि बिना हथियार के जो आरोपी पुलिस की हिरासत में था, गाड़ी पलटने के बाद जब वो भागता है तो फिर कुछ ही देर में उसके पास बाइक और हथियार दोनों कहां से आ जाते हैं? पंजाब पुलिस का जवाब था कि हमने पेशेवराना अंदाज में काम किया है. बाकि कोर्ट देख लेगी. 

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हालांकि पंजाब पुलिस की दलील के उलट ये सवाल अपनी जगह कायम है कि एक पुलिस पोस्ट के दो पुलिसवालों. एक एएसआई और एक होमगार्ड को मारने की सुपारी देकर आईएसआई किस तरह पंजाब में अराजतका पैदा करेगी. खैर आइए, अब आपको सिलसिलेवार तरीके से बताते हैं कि आखिर 21 और 22 फरवरी की रात पाकिस्तानी सरहद से एक किलोमीटर पहले आदिया गांव में पंजाब पुलिस और बीएसएफ कि उस पुलिस चौकी पर क्या हुआ था?

उस खूनी रात की कहानी
गुरदासपुर जिले का एक गांव है आदिया. करीब ढाई हजार की आबादी वाला वो गांव भारत पाकिस्तान सरहद से सिर्फ एक किलोमीटर दूर है. इस गांव से पाकिस्तान की जो सरहद लगती है, पाकिस्तान के उस इलाके का नाम हाजी पीर है. बीएसएफ यानि बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स ने इस गांव को गोद ले रखा है. और उसी आदिया गांव में मौजूद है एक पुलिस पोस्ट. उस छोटे से पुलिस पोस्ट में पंजाब पुलिस और बीएसएफ के कुल पांच लोग अलग-अलग शिफ्ट में ड्यूटी पर होते हैं. उन पांच में से तीन पंजाब पुलिस के जवान और दो बीएसएफ के जवान होते हैं. पंजाब पुलिस का एएसआई यानि असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर इस पुलिस पोस्ट का इंचार्ज होता है. ये पुलिस पोस्ट गुरदासपुर जिले के डोरांगला थाने के तहत आता है.

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रविवार का दिन था. सुबह के वक्त डोरांगला थाने के एसएचओ पुलिस पोस्ट में फोन करते हैं. पर कई कॉल करने के बावजूद जब पोस्ट से कोई जवाब नहीं आता तब वो परेशान हो जाते हैं. क्योंकि ऐसा पहली बार हो रहा था. वो फौरन गांव के सरपंच कमलजीत को पुलिस पोस्ट जाकर ये पता लगाने को कहते हैं कि आखिर वहां के इंचार्ज या दूसरे पुलिसवाले फोन क्यों नहीं उठा रहे हैं.

इसी के बाद सरपंच कमलजीत उस पुलिस चौकी में पहुंचते हैं. सरपंच जब पुलिस चौकी में पहुंचे तो उन्हें पहला मंजर ये दिखाई दिया कि अंदर कुर्सी पर चौकी इंचार्ज एएसआई गुरनाम सिंह अपनी कुर्सी पर बैठे थे. पहले सरपंच को लगा कि शायद वो सो रहे हैं. लेकिन जैसे ही वो करीब गया सिर से रिसता खून देखते ही वो घबरा गए. इसके बाद जब सरपंच ने उसी चौकी के अंदर कुर्सी के बराबर में पड़ी चारपाई की तरफ देखा तो वहां रजाई ओढ़े एक दूसरा पुलिस वाला सो रहा था. कमलजीत जैसे ही उसे उठाने के लिए उसके करीब गए तो देखा कि उसके सिर से भी खून बह रहा था. 

दरअसल, वो दोनों पुलिसवाले मर चुके थे. उस पुलिस पोस्ट में दो लाशें पड़ीं थीं. एक एएसआई गुरनाम सिंह की और दूसरी होमगार्ड अशोक कुमार की. यानि भारत पाक सरहद के सिर्फ एक किलोमीटर अंदर पंजाब पुलिस और बीएसएफ की इस आखिरी पुलिस पोस्ट के अंदर दो पुलिसवालों की गोली मारकर हत्या की जा चुकी थी. जाहिर है इलाके को देखते हुए ये मामला अपने आप में बेहद चौंकाने वाला था. इस चेकपोस्ट पर इससे पहले कभी ऐसी कोई वारदात नहीं हुई थी.

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दो पुलिसवालों के कत्ल की बात पता चलते ही बीएसएफ और गुरदासपुर एसएसपी समेत तमाम पुलिसवाले मौके पर पहुंचे. जांच शुरु हो जाती है. जांच के दौरान पता चलता है कि इस पुलिस पोस्ट के सामने जो सीसीटीवी कैमरा लगा था, वो पिछले एक महीने से खराब पड़ा था. लेकिन एक दूसरे सीसीटीवी कैमरे में दो मोटरसाइकिल पर चार लोग शनिवार और रविवार की देर रात संदिग्ध हालत में जाते हुए दिखाई दिए. पुलिस को वहां से 6 खाली खोखे भी मिले. अब सवाल ये था कि बॉर्डर के करीब जहां बीएसएफ की मौजूदगी भी है, वहां एक पुलिस पोस्ट में घुसकर दो पुलिसवालों की हत्या करने का जोखिम कौन लेगा?

चूकि आदिया गांव पाकिस्तान से लगने वाली सरहद से सिर्फ एक किलोमीटर दूर है. लिहाजा, ये पूरा इलाका शुरु से ही बेहद संवेदनशील रहा है. बॉर्डर के आसपास का पूरा इलाका बीएसएफ की जिम्मेदारी है. बॉर्डर के एक किलोमीटर अंदर इस पुलिस पोस्ट की जिम्मेदारी बीएसएफ और पंजाब पुलिस दोनों की है. इसीलिए इस पुलिस पोस्ट में पंजाब पुलिस के तीन जवानों के साथ साथ बीएसएफ के दो जवानों की भी तैनाती की जाती है. इस पुलिस पोस्ट से आगे का पूरा इलाका पंजाब पुलिस के तहत आता है.

बात रविवार सुबह की है. डोरांगला थाने के एसएचओ पुलिस पोस्ट में फोन करते हैं. पर कई कॉल करने के बावजूद जब पोस्ट से कोई जवाब नहीं आता तब वो परेशान हो जाते हैं. क्योंकि ऐसा पहली बार हो रहा था. वो फौरन गांव के सरपंच कमलजीत को पुलिस पोस्ट जाकर ये पता लगाने को कहते हैं कि आखिर वहां के इंचार्ज या दूसरे पुलिसवाले फोन क्यों नहीं उठा रहे हैं.

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इसी के बाद सरपंच कमलजीत उस पुलिस चौकी में पहुंचते हैं. सरपंच जब पुलिस चौकी में पहुंचे तो उन्हें पहला मंजर ये दिखाई दिया कि अंदर कुर्सी पर चौकी इंचार्ज एएसआई गुरनाम सिंह अपनी कुर्सी पर बैठे थे. पहले सरपंच को लगा कि शायद वो सो रहे हैं. लेकिन जैसे ही वो करीब गया सिर से रिसता खून देखते ही वो घबरा गए. इसके बाद जब सरपंच ने उसी चौकी के अंदर कुर्सी के बराबर में पड़ी चारपाई की तरफ देखा तो वहां रजाई ओढ़े एक दूसरा पुलिस वाला सो रहा था. कमलजीत जैसे ही उसे उठाने के लिए उसके करीब गए तो देखा कि उसके सिर से भी खून बह रहा था. 

दरअसल, वो दोनों पुलिसवाले मर चुके थे. उस पुलिस पोस्ट में दो लाशें पड़ीं थीं. एक एएसआई गुरनाम सिंह की और दूसरी होमगार्ड अशोक कुमार की. यानि भारत पाक सरहद के सिर्फ एक किलोमीटर अंदर पंजाब पुलिस और बीएसएफ की इस आखिरी पुलिस पोस्ट के अंदर दो पुलिसवालों की गोली मारकर हत्या की जा चुकी थी. जाहिर है इलाके को देखते हुए ये मामला अपने आप में बेहद चौंकाने वाला था. इस चेकपोस्ट पर इससे पहले कभी ऐसी कोई वारदात नहीं हुई थी.

दो पुलिसवालों के कत्ल की बात पता चलते ही बीएसएफ और गुरदासपुर एसएसपी समेत तमाम पुलिसवाले मौके पर पहुंचे. जांच शुरु हो जाती है. जांच के दौरान पता चलता है कि इस पुलिस पोस्ट के सामने जो सीसीटीवी कैमरा लगा था, वो पिछले एक महीने से खराब पड़ा था. लेकिन एक दूसरे सीसीटीवी कैमरे में दो मोटरसाइकिल पर चार लोग शनिवार और रविवार की देर रात संदिग्ध हालत में जाते हुए दिखाई दिए. पुलिस को वहां से 6 खाली खोखे भी मिले. अब सवाल ये था कि बॉर्डर के करीब जहां बीएसएफ की मौजूदगी भी है, वहां एक पुलिस पोस्ट में घुसकर दो पुलिसवालों की हत्या करने का जोखिम कौन लेगा?

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चूकि आदिया गांव पाकिस्तान से लगने वाली सरहद से सिर्फ एक किलोमीटर दूर है. लिहाजा, ये पूरा इलाका शुरु से ही बेहद संवेदनशील रहा है. बॉर्डर के आसपास का पूरा इलाका बीएसएफ की जिम्मेदारी है. बॉर्डर के एक किलोमीटर अंदर इस पुलिस पोस्ट की जिम्मेदारी बीएसएफ और पंजाब पुलिस दोनों की है. इसीलिए इस पुलिस पोस्ट में पंजाब पुलिस के तीन जवानों के साथ साथ बीएसएफ के दो जवानों की भी तैनाती की जाती है. इस पुलिस पोस्ट से आगे का पूरा इलाका पंजाब पुलिस के तहत आता है.

(गुरदासपुर के आदिया गांव से अमन भारद्वाज का इनपुट)

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