Marco Rubio In India: अडानी और चंद्रशेखरन से मिले रुबियो, फिर जामनगर निकले... ये है प्लान

Marco Rubio ने बुधवार को अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी से मुंबई में मुलाकात की. इसके बाद वे टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन से भी मिले. इन दोनों से मुलाकात करने के बाद डोनाल्ड ट्रंप के मंत्री मुकेश अंबानी की रिलायंस रिफाइनरी का दौरा करने के लिए जामनगर निकल गए.

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मार्को रुबियो ने मुंबई में दी गौतम अडानी और एन चंद्रशेखरन से मुलाकात. (Photo: PTI/ITG) मार्को रुबियो ने मुंबई में दी गौतम अडानी और एन चंद्रशेखरन से मुलाकात. (Photo: PTI/ITG)

आजतक बिजनेस डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 21 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 4:30 PM IST

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो (Marco Rubio) भारत में हैं और उन्होंने बुधवार को मुंबई में अडानी समूह के चेयरमैन गौतम अडानी और टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन से मुलाकात की. इस मुलाकात के बाद रुबियो सीधे जामनगर के लिए रवाना हो गए, जहां पर वह मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज के विशाल ऑयल-रिफाइनिंग कॉम्प्लेक्स का विजिट करेंगे, जो कि दुनिया की सबसे बड़ी सिंगल-साइट रिफाइनरी है. 

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अडानी-चंद्रशेखरन से रुबियो की चर्चा
पीटीआई की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि मार्को रुबियो मंगलवार दोपहर मुंबई पहुंचे थे और बुधवार को सुबह सबसे पहले Gautam Adani से उनकी मुलाकात हुई. इसके बाद उन्होंने एन चंद्रशेखरन से चर्चा की. हालांकि, ये बातचीत किन-किन मुद्दों पर हुई दोनों में से किसी भी पक्ष ने इसके बारे में विस्तार से कोई जानकारी शेयर नहीं की है. 

क्यों ये मुलाकातें हैं अहम? 
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की ये मुलाकातें क्यों अहम हैं, इसका अंदाजा से इस बात से लगाया जा सकता है कि एक ओर गौतम अडानी भारत के सबसे बड़े व्यापारिक समूहों में से एक का नेतृत्व करते हैं. इसका कारोबार बंदरगाहों, हवाई अड्डों, एनर्जी, लॉजिस्टिक्स और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर तक में फैला हुआ है. अडानी ग्रुप अपने रिन्यूएबल एनर्जी और मैन्युफैक्चरिंग कारोबार का भी लगातार विस्तार कर रहा है. ये ऐसे सेक्टर हैं जो भारत की घरेलू सप्लाई चेन को मजबूत करने और वैश्विक निवेश को आकर्षित करने के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण हैं.

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वहीं टाटा समूह की होल्डिंग कंपनी Tata Sons के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन एक विशाल कारोबारी साम्राज्य की देखरेख करते हैं, जिसका काम ऑटोमोबाइल, स्टील, सूचना प्रौद्योगिकी (IT), विमानन, इलेक्ट्रॉनिक्स और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में फैला है. देश के सबसे पुराने कारोबारी घरानों में शामिल Tata Group सेमीकंडक्टर और बैटरी तकनीक में भी निवेश कर रहा है, क्योंकि भारत वैश्विक प्रौद्योगिकी और मैन्युफैक्चरिंग सप्लाई चेन में अपनी भूमिका को और बढ़ाना चाहता है.

जामनगर में क्या-क्या करेंगे रुबियो? 
Marco Rubio के जामनगर दौरे के बारे में बात करें, तो वे रिलायंस जामनगर रिफाइनरी का जायजा लेंगे, जो दुनिया की सबसे बड़ी सिंगल-साइट ऑयल रिफाइनरी है और इसकी कुल प्रोसेसिंग कैपेसिटी करीब 1.4 मिलियन बैरल प्रतिदिन है. इसी परिसर में 3,500 एकड़ से अधिक क्षेत्र में फैला 'वंतारा' भी स्थित है, जो रिलायंस इंडस्ट्रीज और रिलायंस फाउंडेशन द्वारा अनंत अंबानी के नेतृत्व में शुरू हुई पहल है और वन्यजीवों के बचाव, उपचार और पुनर्वास के लिए काम करती है. 

Relinace के जामनगर परिसर का एक और प्रमुख हिस्सा रिलायंस का प्रस्तावित 'न्यू-एनर्जी मैन्युफैक्चरिंग हब' है, जिसे 'धीरूभाई अंबानी ग्रीन एनर्जी गीगा कॉम्प्लेक्स' कहा जाता है. 5,000 एकड़ से ज्यादा क्षेत्र में फैले इस प्रोजेक्ट में सोलर फोटोवोल्टिक मॉड्यूल, बैटरी एनर्जी स्टोरेज, ग्रीन हाइड्रोजन इलेक्ट्रोलाइजर, फ्यूल सेल और पावर इलेक्ट्रॉनिक्स के लिए फैक्ट्रियां स्थापित की जाएंगी. सूत्रों की मानें, तो अमेरिका वापस लौटने से पहले मार्को रुबियो इन तीनों जगहों पर जाएंगे. 

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