Warning For Global Economy: वेस्ट एशिया में टेंशन... संकट में दुनिया, अब यहां से आई बड़ी चेतावनी

Global Economy Crisis Warning: वेस्ट एशिया में संघर्ष से न सिर्फ कुछ देश, बल्कि पूरी दुनिया की अर्थव्सवस्था पर संकट बढ़ रहा है. एनर्जी प्राइस हाइक के चलते ग्लोबल इकोनॉमी की रफ्तार धीमी पड़ने की चेतावनी दी गई है.

Advertisement
वेस्ट एशिया की टेंशन से ग्लोबल इकोनॉमी पर बढ़ रहा संकट. (Photo: ITG) वेस्ट एशिया की टेंशन से ग्लोबल इकोनॉमी पर बढ़ रहा संकट. (Photo: ITG)

आजतक बिजनेस डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 11 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 1:02 PM IST

दुनिया संकट में हैं, ग्लोबल इकोनॉमी की ग्रोथ पर वेस्ट एशिया में तनाव का बेहद बुरा असर देखने को मिल सकता है. ये चेतावनी संयुक्त राष्ट्र के व्यापार और विकास निकाय यूएनसीटीएडी (UNCTAD Warning Global Economy) ने दी है. इसमें अलर्ट किया गया है कि मध्य पूर्व में टेंशन के चलते पैदा हुआ एनर्जी संकट सबसे बड़ा खतरा बना है और इससे विश्व अर्थव्यवस्था पर दबाव पड़ रहा है, जिसके चलते ग्लोबल इकोनॉमिक ग्रोख रेट बीते साल के 2.9% से घटकर 2026 में 2.6% रह सकती है. 

Advertisement

एनर्जी प्राइस का दुनिया की रफ्तार पर असर 
UNCTAD के मुताबिक, वेस्ट एशिया संघर्ष के कारण उत्पन्न ऊर्जा संकट का बुरा असर दुनिया की इकोनॉमिक रफ्तार पर पड़ रहा है. अपनी व्यापार और विकास रिपोर्ट में इसने जहां ग्लोबल इकोनॉमिक ग्रोथ रेट बीते साल के 2.9% से घटकर इस साल 2.6% होने का अनुमान जाहिर किया है. तो वहीं कहा है कि वस्तुओं और सेवाओं के वैश्विक व्यापार में इस वर्ष स्थिर कीमतों पर 4% की वृद्धि होने का अनुमान है. हालांकि, व्यापार में अनुमानित वृद्धि का अधिकांश हिस्सा हाई एनर्जी कॉस्ट के कारण होने की उम्मीद है.

संकट में भी नहीं रुकेगा भारत 
यूएनसीटीएडी का ताजा अनुमान बढ़ते भू-राजनीतिक जोखिमों, वैश्विक व्यापार के पैटर्न में बदलाव और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI के उछाल से जुड़े वित्तीय जोखिमों को लेकर चिंताओं के बीच आया है.
UNCTAD ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि 2026 में वैश्विक आर्थिक विकास में एशिया का योगदान 59% रहने का अनुमान है, जिसमें भारत की ग्रोथ रेट सबसे अधिक 7.3% रहेगी. इसके अलावा चीन की 4.5% और इंडोनेशिया की 5.2% रहने की उम्मीद है. ये अनुमान वेस्ट एशिया संकट और Energy Price Hike से व्यापक अर्थव्यवस्था पर पड़ रहे दबाव के बावजूद ग्लोबल ग्रोथ को समर्थन देने में एशिया की भूमिका को प्रदर्शित करते हैं. 

Advertisement

US-चीन से बदला व्यापार का गणित
रिपोर्ट में अमेरिका-चीन के बीच तनाव जारी रहने से व्यापार में बदलाव का जिक्र किया गया है. यूएनसीटीएडी ने कहा कि 2024 से चीन और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच व्यापार में 20% से अधिक की गिरावट आई है, जबकि पूर्वी एशिया ने चीन और उत्तरी अमेरिका दोनों के साथ व्यापार का विस्तार किया है.

एजेंसी की ओर से चेतावनी दी गई है कि व्यापार और निवेश पर लगे प्रतिबंधों के कारण नई कंपनियों के लिए रणनीतिक क्षेत्रों में प्रवेश करना लगातार कठिन होता जा रहा है. UNCTAD के अनुसार, निर्यात नियंत्रण, निवेश की जांच और सप्लाई चेन की स्थितियां नए एंट्री लेने वाले बिजनेस के लिए रणनीतिक क्षेत्रों तक पहुंच जटिल बना रही है. 

AI को लेकर ये बड़ा अलर्ट
एनर्जी प्राइस से लेकर अमेरिका-चीन में तनाव (US-China Tension) के असर का जिक्र करने के साथ ही एजेंसी की एआई के बढ़ते उपयोग से व्यापार के अवसर और वित्तीय जोखिम दोनों के बारे में अनुमान जाहिर किया है. UNCTAD के अनुसार, सेमीकंडक्टर समेत AI से संबंधित उत्पाद, माल व्यापार के मुख्य चालक के रूप में उभरे हैं. हालांकि, एआई से जुड़े व्यापार में ग्रोथ का मतलब यह नहीं है कि व्यापक विकास में भी स्वतः ही लाभ होगा.

Advertisement

रिपोर्ट में यह चेतावनी भी दी गई है कि एआई की बढ़ती लोकप्रियता वित्तीय स्थिरता के लिए जोखिम पैदा कर सकती है, क्योंकि बाजार तेजी से कुछ ही कंपनियों पर निर्भर होते जा रहे हैं. हालांकि, एजेंसी ने इन कंपनियों के नामों का खुलासा नहीं किया है. 

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »