डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर से टैरिफ (Trump Tariff Bomb) बम फोड़ा है और अमेरिका के 60 ट्रेडिंग पार्टनर्स पर टैरिफ का ऐलान किया है. अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय (USTR) ने सेक्शन 301 के तहत की गई जांच के बाद भारत समेत इनमें शामिल 17 देशों से आयात किए जाने वाले सामनों पर 10% का टैरिफ लगाया है, जो 24 जुलाई से लागू हो गया है.
ट्रंप के टैरिफ का ऐलान होने के बाद एशियाई बाजारों में कारोबार की शुरुआत भारी गिरावट के साथ हुई. जापान का निक्केई हो या फिर साउथ कोरिया का कोस्पी इंडेक्स सभी क्रैश नजर आए हैं. इस बीच भारतीय शेयर बाजार में भी तबाही के संकेत मिल रहे हैं और सेंसेक्स-निफ्टी के लिए प्रमुख संकेतक माना जाने वाला Gift Nifty करीब 200 अंक की गिरावट में कारोबार करता नजर आया है.
निक्केई 2000 अंक, तो KOSPI भी धड़ाम
डोनाल्ड ट्रंप के 10 फीसदी टैरिफ की खबर का सीधा असर दुनियाभर के शेयर बाजारों पर देखने को मिला है. शुक्रवार को जैसे ही एशियाई शेयर मार्केट्स में ट्रेडिंग शुरू हुई, तमाम देशों के इंडेक्स भरभराकर टूट गए. जापान का निक्केई इंडेक्स 2000 अंक से ज्यादा फिसलकर 64,334 पर कारोबार करता नजर आया, तो वहीं साउथ कोरिया का कोस्पी इंडेक्स करीब 6 फीसदी की बड़ी गिरावट लेकर 6665 के लेवल पर कारोबार कर रहा था.
इसके अलावा अन्य बाजारों पर नजर डालें, तो हांगकांग का हैंगसेंग इंडेक्स करीब 2 फीसदी फिसलकर 24,825 पर ट्रेड कर रहा था. DAX, CAC से लेकर ब्रिटेन के शेयर मार्केट FTSE-100 में भी गिरावट के साथ रेड जोन में कारोबार हो रहा था.
सेंसेक्स-निफ्टी में आ सकता है भूचाल
एशियाई शेयर बाजारों में मचे हाहाकार (Asian Stock Market Crash) के बीच बीते लगातार चार दिनों से टूट रहे भारतीय स्टॉक मार्केट में भी बड़ी गिरावट के संकेत मिल रहे हैं. दरअसल, सेंसेक्स-निफ्टी के लिए प्रमुख संकेतक माना जाने वाला गिफ्टी निफ्टी इंडेक्स (Gift Nifty) करीब 200 अंक की गिरावट लेकर ट्रेडिंग कर रहा था.
बता दें कि बीते कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार में लगातार चौथे दिन गिरावट में कारोबार हुआ था और सेंसेक्स-निफ्टी दोनों इंडेक्स रेड जोन में क्लोज हुए थे. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला Sensex अंक में 363 अंक फिसलकर 76,391.39 के लेवल पर बंद हुआ, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का Nifty 127 अंक टूटकर 23,869.60 पर बंद हुआ था.
ये भी शेयर बाजारों में गिरावट की वजह
न सिर्फ Donald Trump 10% Tariff, बल्कि शेयर बाजारों में गिरावट की और भी वजह हैं. दरअसल, मिडिल ईस्ट में अमेरिका-ईरान में युद्ध जारी है, होर्मुज स्ट्रेट से तेल-गैस के जहाजों का आवाजाही बाधित है, तो वहीं हूती विद्रोहियों द्वारा सऊदी के जहाजों पर अटैक ने ग्लोबल टेंशन को और भी बढ़ा दिया है, जिससे कच्चे तेल की कीमतों में 100 डॉलर प्रति बैरल का स्तर फिर से छू लिया है. इससे दुनिया में महंगाई का जोखिम बढ़ा है और तेल ने शेयर बाजार निवेशकों का सेंटिमेंट भी खराब किया है.
(नोट- शेयर बाजार में किसी भी तरह के निवेश से पहले अपने मार्केट एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें.)
आजतक बिजनेस डेस्क