Crude Oil Price Spike: होर्मुज में अमेरिका की नो-एंट्री, ईरान के बयान से तेल में फिर उबाल

ईरान ने सांसद में एक बिल प्रस्‍तावित किया है, जिसके तहत दुश्‍मन देशों के जहाजों को स्‍ट्रेट ऑफ होर्मुज से बैन किया जाएगा. अगर वे नियम तोड़ते हैं तो उनपर हैवी चार्ज लगाया जाएगा.

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ईरान के नए बिल से तेल की कीमतों में उछाल. (Photo: Reuters) ईरान के नए बिल से तेल की कीमतों में उछाल. (Photo: Reuters)

आजतक बिजनेस डेस्क

  • नई दिल्‍ली,
  • 07 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 10:08 AM IST

ईरान और अमेरिका के बीच होर्मुज को लेकर तनाव कम नहीं हो रहा है, जहां उम्‍मीद की जा रही थी कि जल्‍द ही दोनों पक्षों के बीच में समझौता हो सकती है और फिर स्‍ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोला जा सकता है, लेकिन अब ईरान के नए बयान ने सरगर्मी बढ़ा दी है. 

दरअसल, समाचार एजेंसी फार्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान की एक संसदीय समिति एक शुरुआती बिल की समीक्षा कर रही है. इसके तहत अमेरिका, इजरायल और अन्‍य दुश्‍मन देशों के जहाजों को स्‍ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने से रोका जाएगा. इस बिल के तहत कहा गया है कि अगर ये देश नियम को तोड़ते हैं तो इन जहाजों से 20 फीसदी तक का जुर्माना वसूला जाएगा. 

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हालांकि, अभी इस बिल पर अधिकारिक तौर पर मोहर नहीं लगी है, लेकिन एक्‍स्‍पर्ट्स द्वारा समीक्षा की जा रही है. उम्‍मीद की जा रही है कि इस समीक्षा के बाद इस बिल को पास किया जा सकता है. अब इस खबर के आने के बाद कच्‍चे तेल की कीमतों में एक बार फिर उबाल देखा जा रहा है. 

तेल की कीमतों में भारी उछाल 
शुक्रवार की सुबह ब्रेंट क्रूड आयल के दाम में 1.30% की तेजी देखने को मिली है और यह 84 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गई है, जबकि पिछले कुछ समय से स्थिति शांत होने के कारण कच्‍चे तेल के दाम 94 डॉलर से टूटकर 80 के करीब आए थे. 

अब अगर ईरान के इस कदम के बाद अमेरिका कोई एक्‍शन लेता है तो तेल की कीमतें और भी तेजी से ऊपर चढ़ सकती है. हालांकि, अभी तक अमेरिका की ओर से इसपर कोई टिप्‍पणी नहीं आई है. वहीं WTI क्रूड ऑयल की बात करें तो इसकी कीमत आज यह 1 फीसदी चढ़कर 78.03    डॉलर प्रति बैरल पर था. 

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शेयर बाजारों में गिरावट 
ईरान के इस अपडेट के बाद अमेरिका से लेकर एशियाई मार्केट तक में गिरावट देखी जा रही है. अमेरिकी बाजार में करीब 1 फीसदी की गिरावट देखी गई है, जबकि भारत के बाजारों में भी गिरावट आई है. इसके अलावा, साउथ कोरिया और जापान के मार्केट में भी एक फीसदी तक की गिरावट देखने को मिली है. 

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