ठंड बढ़ने के साथ ही देश के कई राज्यों में शीतलहर ने दस्तक दे दी है. तापमान में भी गिरावट दर्ज की जा रही है. रबी की फसलों की बुवाई कर चुके किसानों को यह खबर खुशखबरी देने वाली है. इससे पहले चिंतिंत थे. दिसंबर के शुरुआती दिन सामान्य के मुकाबले गर्म थे. ऐसी स्थिति में किसानों को रबी फसलों के खराब होने या उपज गिरने की चिंता सता रही थी.
इन फसलों के लिए फायदेमंद शीतलहर
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि अगर ठंड के दौरान अधिक तापमान रबी के फसलों को काफी नुकसान पहुंचाता है. दो साल पहले भी ऐसी ही स्थितियां सामने थी. उस वक्त गेहूं के उत्पादन में रिकॉर्ड कमी देखी गई थी. अगर सर्दी और शीतलहर बढ़ रही है तो कई फसलों के लिए ये फायदेमंद है. गेहूं व सरसों का इस मौसम में पैदावार बढ़ेगा. जितनी ठंड बढ़े उतना ही किसान के लिए अच्छा रहेगा.
सब्जियों की फसलों के लिए नुकसानदायक
हालांकि, इस ठंड का असर टमाटर, बैंगन, भिंडी, गोभी, मूली जैसी फसलों पर पड़ सकता है. सब्जियों के पौधे ठंड से काला पड़ना शुरू हो जाता है. कुछ उपायों से किसान अपने फसल को ठंड से खराब होने से बचा सकते हैं. इससे बचने के लिए किसान कई तरह के उपाय पर भी अमल कर सकते हैं. ठंड से बचाने के लिए पौधे को प्लास्टिक की चादर से ढक सकते हैं. हालांकि, ये महंगी तकनीक.है. हर किसान इस तकनीक को नहीं अपना सकता है.
देसी तरीके से बचाए अपनी फसल
पुआल से पौधों को ढक कर भी उन्हें बचाया जा सकता है. हालांकि, पुआल से पौधे को इस तरह ढके जिससे उन्हें धूप मिलती रहे और पौधे का विकास सही तरीके से हो सके. साथ ही मेड़ के चारों ओर झाड़िया लगा कर पौधों को गर्मी पहुंचा कर उसे पाले से बचाया जा सकता है.