पिछले साल बिश्केक में हुए एससीओ शिखर सम्मेलन के दौरान जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पीएम मोदी, राष्ट्रपति पुतिन और राष्ट्रपति शी जिनपिंग को एक साथ देखा था, तो उन्होंने तुरंत बयान दे दिया कि अमेरिका ने भारत और रूस को चीन के पाले में गंवा दिया है. लेकिन इस बार बाजी कहीं ज्यादा बड़ी है। कूटनीति में आज बात करेंगे... बिश्केक सम्मेलन, ईरान पर अमेरिकी पाबंदियों और मोदी, पुतिन तथा जिनपिंग के रुख की. बिश्केक में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की बैठक में पुतिन, जिनपिंग और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान एक मंच पर मौजूद थे, जहां पीएम नरेंद्र मोदी भी शामिल हुए. जब वाशिंगटन ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ा रहा है, तो सवाल उठता है कि क्या चीन और रूस मिलकर ईरान को अमेरिकी पाबंदियों से बचा सकते हैं .