युद्ध की मार झेल रहे यमन के ताएज शहर में ईंधन संकट पैदा हो गया है. हालात इतने बदतर हो चुके हैं कि सोमवार को लोगों को गैस सिलेंडर भरवाने के लिए कड़कड़ाती सुबह से लेकर घंटों तक लंबी कतारों में खड़ा रहना पड़ा.
सऊदी समर्थित यमन सरकार की सेना और ईरान समर्थित हूतियों के बीच जारी जंग के चलते आम नागरिकों की जिंदगी नर्क बन गई है.
सामने आई तस्वीरों और वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि शहर के अल-मुजफ्फर जिले में स्थित अल-हामदी LPG गैस स्टेशन के बाहर लोगों की भारी भीड़ उमड़ी हुई है. सड़क पर गैस सिलेंडरों की लंबी-लंबी कतारें लगी हैं.
सुबह से लाइन में लगे नागरिक
ये गैस स्टेशन संवेदनशील 'जबल हान' इलाके के पास स्थित है, जहां सुरक्षा व्यवस्था बेहद तनावपूर्ण है और आए दिन पास में ही गोलीबारी की आवाजें गूंजती रहती हैं. कतार में खड़े स्थानीय निवासी शिहाब हजाआ ने अपनी पीछे लगी लंबी लाइन की तरफ इशारा करते हुए बताया कि वो सुबह 6 बजे से अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं.
उन्होंने कहा कि ताएज के लोगों के लिए ये कोई नई बात नहीं है, बल्कि ये यहां की रोजमर्रा की जिंदगी बन चुकी है और नागरिकों की ये तकलीफ लगातार बनी हुई है.
एक और स्थानीय निवासी अली महबूब ने बताया कि वो सिर्फ आधा सिलेंडर गैस भरवाने के लिए सुबह 4 बजे से लाइन में आकर खड़े हो गए थे. उन्होंने कहा कि शहर के रास्ते पूरी तरह कटे हुए हैं, बाजार में पेट्रोल नदारद है और आसमान छूती महंगाई के कारण खाने-पीने की चीजों के दाम भी काफी बढ़ चुके हैं.
युद्ध के मोर्चे पर सुलगता शहर
यमन के कई मोर्चों पर पिछले कई हफ्तों से लगातार युद्ध जारी है, लेकिन सबसे ज्यादा संघर्ष दक्षिण-पश्चिम इलाके में देखने को मिल रहा है. ये जंग स्ट्रेट के पास के तटीय इलाकों से लेकर ताएज शहर के आसपास की पहाड़ियों तक फैला हुआ है, जहां हूती सरकारी सैनिकों को चारों तरफ से घेरने की कोशिश में जुटे हैं.
ताएज यमन का तीसरा सबसे बड़ा शहर है, जिसकी आबादी पांच लाख से ज्यादा है और यहां हजारों सरकारी लड़ाकों की फौज तैनात है. गृहयुद्ध की शुरुआत से ही ये शहर तनाव का केंद्र रहा है और अक्सर हूतियों की गोलीबारी और स्निपर हमलों की जद में रहता है. आम जनता बुनियादी जरूरतों के लिए संघर्ष कर रही है और ये ईंधन संकट उनके दर्द को और ज्यादा बढ़ा रहा है.