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अब अमेरिका जाना आसान नहीं! अफ्रीका में ट्रंप सरकार ने 50 से घटाकर 20 किए दूतावास

ट्रंप सरकार ने अफ्रीका में अमेरिकी वीजा सेवाओं को सीमित करते हुए दूतावासों की संख्या 50 से घटाकर 20 करने का फैसला लिया है. नए नियमों के तहत जिन देशों में वीजा हब नहीं होंगे, वहां के नागरिकों को वीजा प्रक्रिया के लिए दूर के शहरों में जाना होगा. इससे यात्रा खर्च और मुश्किलें बढ़ेंगी.

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अमेरिका वीजा के नए नियम जून 2026 से ही लागू कर सकता है. (File Photo)
अमेरिका वीजा के नए नियम जून 2026 से ही लागू कर सकता है. (File Photo)

अमेरिका जाने का प्लान बना रहे अफ्रीकी नागरिकों को ट्रंप सरकार ने बड़ा झटका दे दिया है. अमेरिका अब अफ्रीका में वीजा प्रोसेस करने वाले दूतावासों और वाणिज्य दूतावासों (कंसुलेट) की संख्या में भारी कटौती करने जा रहा है.

इस समय अफ्रीका में करीब 50 अमेरिकी दूतावास और वाणिज्य दूतावास वीजा आवेदनों की प्रोसेसिंग कर रहे हैं. आने वाले कुछ हफ्तों में इनकी संख्या घटाकर सिर्फ 20 कर दी जाएगी. एक मेमो और तीन अमेरिकी अधिकारियों ने इस बात की पुष्टि की है.

अधिकारियों के मुताबिक इस बड़े बदलाव की कोई तारीख अभी तय नहीं हुई है, लेकिन ये नियम इसी साल जून में लागू होने की पूरी उम्मीद है.

प्रवासियों और वीजा नियमों पर सख्ती की तैयारी

ट्रंप सरकार ने प्रवासियों और गैर-प्रवासियों को जारी होने वाले वीजा पर लगाम कसने के लिए ये फैसला लिया है. इसका मकसद अमेरिका में आने वाले प्रवासियों की संख्या को सीमित करना है. इसके साथ ही अमेरिका उन लोगों पर भी सख्ती करना चाहती है जो अस्थायी वीजा पर अमेरिका आते हैं, लेकिन अवधि खत्म होने के बाद भी वहीं रुक जाते हैं.

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इस नीति के तहत प्रशासन दुनिया भर के अमेरिकी दूतावासों में अपने स्टाफ की संख्या भी घटा रहा है. एक अधिकारी ने बताया कि पिछले शुक्रवार को एक कॉन्फ्रेंस कॉल के दौरान कांसुलर प्रमुखों सहित अमेरिकी राजनयिकों को बता दिया गया था कि अब पूरे अफ्रीका में वीजा सेवाओं को सीमित किया जा रहा है.

विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने पिछले हफ्ते ही इस बारे में एक निर्देश को मंजूरी दी है, जिसके बाद अब अफ्रीका में सिर्फ 20 हब ही वीजा कामकाज के लिए बचेंगे.

आवेदकों की जेब पर बढ़ेगा खर्च

अफ्रीका में अमेरिकी वीजा की प्रक्रिया पहले से ही कई पाबंदियों के कारण प्रभावित चल रही है. कुछ देशों पर यात्रा प्रतिबंध, आवेदकों के लिए 15,000 अमेरिकी डॉलर तक का बांड जमा करने की शर्त और हाल ही में फैले इबोला संकट के चलते पहले ही वीजा मिलना मुश्किल हो रहा था.

अब नए नियमों की वजह से जिन देशों में ये 'हब' नहीं होंगे, वहां के नागरिकों को वीजा इंटरव्यू और प्रोसेसिंग के लिए इन 20 स्वीकृत शहरों में से किसी एक में जाना होगा. इससे आवेदकों के लिए यात्रा का खर्च और मुश्किलें बहुत ज्यादा बढ़ जाएंगी.

गैर-हब देशों में सिर्फ अमेरिकी नागरिकों को मिलेगी मदद

जिन देशों को 'हब' नहीं बनाया गया है, वहां के अमेरिकी वाणिज्य दूतावास खुले तो रहेंगे, लेकिन उनका काम बेहद सीमित होगा. वो आम लोगों के वीजा प्रोसेस नहीं करेंगे. वो सिर्फ अमेरिकी नागरिकों के पासपोर्ट रिन्यू करने, आपातकालीन सहायता देने, विशेष राष्ट्रीय हित के मामलों और डिप्लोमैटिक वीजा के आवेदनों को संभालने का ही काम करेंगे.

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इन 20 शहरों में खुले रहेंगे 'वीजा हब'

मेमो के मुताबिक, अब सिर्फ 20 शहरों में सभी तरह की वीजा प्रोसेसिंग जारी रहेगी. इनमें अबिजान (आइवरी कोस्ट), अकरा (घाना), अदीस अबाबा (इथियोपिया), केपटाउन (दक्षिण अफ्रीका) और डकार (सेनेगल) शामिल हैं. इसके अलावा दार-एस-सलाम (तंजानिया), जिबूती (जिबूती), जोहान्सबर्ग (दक्षिण अफ्रीका) और कंपाला (युगांडा) में हब मौजूद रहेंगे.

किगाली (रवांडा), किंशासा (कांगो), लागोस (नाइजीरिया), लोमे (टोगो), लुआंडा (अंगोला) और मलाबो (इक्विटोरियल गिनी) में भी वीजा हब बने रहेंगे. इस लिस्ट में मोनरोविया (लाइबेरिया), नैरोबी (केन्या), पोर्ट लुई (मॉरीशस), प्रैया (केप वर्डे) और याउंडे (कैमरून) भी शामिल हैं.

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