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300 अरब डॉलर की फंडिंग, 60 दिन टोल फ्री होर्मुज... अमेरिका-ईरान MoU के 14 पॉइंट्स में क्या-क्या है

अमेरिका और ईरान के बीच हुए एमओयू के पहले पॉइंट में कहा गया है कि अमेरिका और ईरान इस एमओयू पर साइन कर सभी मोर्चों पर सैन्य कार्रवाइयों को तत्काल और स्थाई रूप से खत्म करने की घोषणा करते हैं.

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किन- किन मुद्दों पर अमेरिका-ईरान के बीच साइन हुआ MoU (Photo: AFP)
किन- किन मुद्दों पर अमेरिका-ईरान के बीच साइन हुआ MoU (Photo: AFP)

अमेरिका ने बीते दिनों ईरान के साथ मेमोरेंडेम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) पर साइन किए थे. दोनों देशों के बीच लगभग चार महीने से चल रही इस जंग को खत्म करने के लिए कई मुद्दों पर सहमति बनी. फाइनल डील पर 19 जून को साइन होने हैं लेकिन इससे पहले अमेरिका ने ईरान संग इस ड्राफ्ट समझौते को सार्वजनिक किया है.

अमेरिकी सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस 14 पॉइंट के इस ड्राफ्ट समझौते में होर्मुज को फिर से खोलने से लेकर ईरान को आर्थिक प्रतिबंधों से राहत देने सहित कई जरूरी बातें शामिल हैं.

अमेरिका-ईरान एमओयू के 14 पॉइंट्स:-

1) इस एमओयू के पहले पॉइंट में कहा गया है कि अमेरिका और ईरान इस एमओयू पर साइन कर सभी मोर्चों पर सैन्य कार्रवाइयों को तत्काल और स्थाई रूप से खत्म करने की घोषणा करते हैं. दोनों पक्ष ये सुनिश्चित करते हैं कि वे अब एक-दूसरे के खिलाफ किसी भी तरह का युद्ध या सैन्याभ्यान शुरू नहीं करेंगे. साथ ही लेबनान की क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता का भी सम्मान किया जाएगा. 

2) एमओयू की एक पॉइंट ये भी है कि अमेरिका और ईरान एक-दूसरे की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करने और एक-दूसरे के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करेंगे.

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3) दोनों देश 60 दिनों के भीतर बातचीत के जरिए अंतिम समझौता करने और उसे पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं. अगर दोनों पक्ष सहमत होते हैं तो इस अवधि को बढ़ाया जा सकता है.

4) इस एमओयू पर साइन होते ही अमेरिका, ईरान के खिलाफ लगाए गए अपने नौसैनिक नाकेबंदी और अन्य अवरोधों को हटाना शुरू करेगा और 30 दिनों के भीतर नाकेबंदी पूरी तरह खत्म कर देगा. इस अवधि के दौरान ईरान द्वारा युद्ध पूर्व स्तर पर जहाजों की आवाजाही को धीरे-धीरे बहाल किया जाएगा.

5) अमेरिका ने कहा कि अंतिम समझौता होने के 30 दिनों के भीतर ईरान के निकटवर्ती क्षेत्रों से अपनी सैन्य उपस्थिति और बलों को हटा लेगा. इस एमओयू  पर साइन होने के बाद ईरान फारस की खाड़ी से ओमान सागर और वापस आने-जाेन वाले वाणिज्यिक जहाजों के लिए 60 दिनों तक निशुल्क और सुरक्षित मार्ग उपलब्ध कराएगा. वाणिज्यिक जहाजों की आवाजाही तुरंत शुरू कर दी जाएगी. ईरान, ओमान के साथ बातचीत करेगा ताकि होर्मुज में निर्बाध समुद्री सेवाओं की व्यवस्था तय की जा सके.

6) इसके अलावा अमेरिका ने अपने क्षेत्रीय सहयोगियों के साथ मिलकर  ईरान के पुनर्वास और आर्थिक विकास के लिए एक व्यापक योजना तैयार करने की बात कही है, जिस पर दोनों पक्ष सहमत हों. अमेरिका कम से कम 300 अरब डॉलर की फंडिंग सुनिश्चित करेगा. अंतिम समझौते के हिस्से के रूप में इस योजना को लागू करने का तरीका 60 दिनों के भीतर तैयार किया जाएगा. 

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7) अमेरिका, ईरान पर लगाए गए सभी प्रकार के प्रतिबंधों को खत्म करने का वचन देता है. इसमें संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) के प्रस्तावों के तहत लगाए गए प्रतिबंध, आईएईए बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के प्रस्तावों से जुड़े प्रतिबंध और अमेरिका द्वारा लगाए गए सभी एकतरफा प्राथमिक और सेकेंडरी प्रतिबंध शामिल हैं.

8) ईरान और अमेरिका दोनों यह स्वीकार करते हैं कि प्रतिबंधों को समाप्त करने का मुद्दा अत्यंत महत्वपूर्ण है इसलिए वे इस विषय पर तुरंत बातचीत शुरू करने और आपसी सहमति तक पहुंचने के लिए गंभीर प्रयास करने की इच्छा व्यक्त करते हैं.

9) एमओयू में कहा गया कि ईरान पुष्टि करता है कि वह परमाणु हथियार नहीं बनाएगा. अमेरिका और ईरान के बीच सहमति बनी कि ईरान के पास मौजूद संवर्धित परमाणु सामग्री के भंडार के भविष्य के प्रबंधन और निपटान का समाधान एक ऐसे मैकेनिज्म के जरिए किया जाएगा, जिस पर दोनों पक्ष आपसी सहमति से फैसला लेंगे.

10) दोनों पक्षों ने यह भी सहमति व्यक्त की है कि वे यूरेनियम संवर्धन और ईरान की शांतिपूर्ण परमाणु आवश्यकताओं से जुड़े अन्य विषयों पर चर्चा करेंगे. यह चर्चा उस रूपरेखा के आधार पर होगी जिस पर अंतिम समझौते में सहमति बनेगी. दोनों देशों के बीच अंतिम समझौते तक लंबित अवधि में अमेरिका और ईरान यथास्थिति बनाए रखने पर सहमत हैं. ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम की वर्तमान स्थिति को बनाए रखेगा और अमेरिका कोई नए प्रतिबंध नहीं लगाएगा और ना ही क्षेत्र में अतिरिक्त सैन्य बलों की तैनाती नहीं करेगा.

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11) अमेरिका ने यह वादा किया कि इस एमओयू पर साइन होते ही और ईरान पर लगाए गए प्रतिबंधों के हटने तक अमेरिकी वित्त विभाग ईरानी कच्चे तेल, पेट्रोलियम उत्पादों और उनसे संबंधित अन्य उत्पादों के निर्यात के लिए आवश्यक छूट देगा. इसके साथ ही, इन निर्यातों से जुड़ी सभी सेवाओं जैसे बैंकिंग लेन-देन, बीमा, परिवहन आदि के लिए भी हरी झंडी देगा.

12) अमेरिका ने कहा कि एमओयू के लागू होने पर ईरान की फ्रीज की गई या प्रतिबंधित संपत्तियों को पूरी तरह से रिलीज किया जाएगा. अमेरिका और ईरान मिलकर इन फ्रीज संपत्तियों को जारी करने की प्रक्रिया पर बातचीत के दौरान आपसी सहमति से निर्णय लेंगे.

13) अमेरिका और ईरान इस बात पर सहमत हैं कि इस समझौता ज्ञापन के सफल कार्यान्वयन और अंतिम समझौते के भविष्य में पालन की निगरानी के लिए एक एग्जिक्यूटिव मैकेनिज्म स्थापित किया जाएगा.

14) अमेरिका और ईरान के बीच हुई इस फाइनल डील को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की मंजूरी मिलेगी.

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