
उत्तर प्रदेश के आगरा में एडवोकेट सुनील कुमार सिंह का परिवार अपने पालतू तोते 'माऊ' को वापस लाने के लिए हर मुमकिन कोशिश कर रहा है. इतना ही नहीं, सुनील कुमार सिंह ने फ्लेक्स लगाकर घोषणा की है कि जिसने भी 'माऊ' को सुरक्षित घर पहुंचाया या उसकी पुख्ता जानकारी दी, उसे 50 हजार रुपये का इनाम भी दिया जाएगा.
दरअसल आगरा के बोदला चौराहे पर इन दिनों एक होर्डिंग लोगों का ध्यान खींच रही है. इस होर्डिंग पर किसी नेता या कारोबारी का नहीं, बल्कि एक लापता पालतू तोते 'माऊ' का पोस्टर लगा है. साथ में लिखा है "सुराग देने वाले को ₹50 हजार का इनाम" . 'माऊ' आयकर अधिवक्ता सुनील कुमार सिंह के परिवार का पालतू तोता है. सुनील के मुताबिक करीब डेढ़ साल पहले 15 मार्च 2025 को यह तोता मेंटल एसाइलम रोड पर पेड़ से गिरा हुआ मिला था. उसके बाद सुनील कुमार सिंह ने उसे डॉक्टर को दिखाए.

डॉक्टर ने तोता का इलाज किया लेकिन तोते की बचने की संभावना कम थी. फिर सुनील उसे घर ले आए और परिवार के सदस्य की तरह उसका पालन पोषण करने लगे. खास बात यह है कि सुनील ने कभी उसे पिंजरे में बंद नहीं किया. तोता खुले में रहता और परिवार जहां जाता तोता उनके साथ-साथ जाता. उन्होंने उसे सदस्य की तरह पाला. लेकिन 13 जुलाई की दोपहर करीब साढ़े चार बजे अचानक वह घर से आवास विकास कॉलोनी सेक्टर 4 की तरफ उड़ गया और तब से उसका कोई पता नहीं चल सका.
माऊ के उड़ने से पूरा परिवार हुआ उदास
परिवार ने तोते की पहचान के लिए उसकी चोंच और पंखों पर मौजूद काले धब्बों का भी जिक्र किया है, ताकि कोई भ्रम न रहे. सोशल मीडिया से लेकर शहर की सड़कों तक 'माऊ' की तलाश जारी है. सुनील का कहना है कि कि माऊ सिर्फ एक पालतू पक्षी नहीं, बल्कि परिवार का सदस्य है. उसकी कमी से घर का हर सदस्य परेशान है. उसके उड़ जाने से पूरे परिवार की खुशियां जैसे उड़ गईं है. उन्होंने बताया कि तोता घर में सभी का नाम लेता था और आने वाले का इंट्रोडक्शन लेता था.
वहीं सुनिल की पत्नी ममता सिंह का कहना है कि सवेरे जब बच्चे पढ़ने बैठते थे तो वह जब तक उनके कंधे पर नहीं बैठ जाता था बच्चों को पढ़ने नहीं देता था. अब हर किसी को इंतजार है कि आखिर 'माऊ' कब अपने घर लौटेगा? खुले तौर पर कहा गया है कि अगर आपके पास भी इस तोते से जुड़ी कोई पुख्ता जानकारी है, तो आप परिवार से संपर्क कर सकते हैं. सुरक्षित वापसी या सही सूचना देने वाले को 50 हजार रुपये का इनाम दिया जाएगा.