राजस्थान के उदयपुर में एक टेलर की बेरहमी से हत्या को लेकर पूरे देश में तनाव का माहौल है. इस घटना को लेकर लोगों में गुस्सा है. ऐसे में पैगंबर मोहम्मद मामले पर भाजपा से सस्पेंड की गई नेता नूपुर शर्मा का समर्थन करने वाले डच सांसद ने भी नाराजगी जाहिर की है.
डच सांसद गीर्ट विल्डर्स ने उदयपुर हत्याकांड को लेकर मंगलवार को ट्वीट कर कहा कि भारत को मेरी सलाह है कि उसे असहिष्णु लोगों के प्रति सहिष्णु बनना बंद करना होगा.
बता दें कि राजस्थान के उदयपुर के धानमंडी इलाके में मंगलवार को दो लोगों ने पेशे से दर्जी एक शख्स कन्हैया लाल की बेरहमी से हत्या कर दी थी.
इस मामले पर अब गीर्ट ने ट्वीट कर कहा है, भारत, एक दोस्त होने के नाते, मैं आपसे कहता हूं कि असहिष्णु के प्रति सहिष्णु होना बंद करें. चरमपंथियों, आतंकियों और जिहादियों से हिंदुत्व की रक्षा करें. इस्लाम का तुष्टिकरण नहीं करें, यह आपको बहुत महंगा पड़ेगा. हिंदुओं को ऐसे नेता चाहिए जो उनकी 100 फीसदी रक्षा कर सकें.
Please India as a friend I tell you: stop being tolerant to the intolerant. Defend Hinduism against the extremists, terrorists and jihadists. Don’t appease Islam, for it will cost you dearly. Hindus deserve leaders that protect them for the full 100%!
— Geert Wilders (@geertwilderspvv)
नीदरलैंड्स के दक्षिणपंथी सांसद गीर्ट ने सिलसिलेवार ट्वीट कर कहा, भारत में हिंदुओं को सुरक्षित होना चाहिए. यह उनका देश, उनकी मातृभूमि है. भारत उनका है. भारत कोई इस्लामिक देश नहीं है.
Hindus should be safe in India.
— Geert Wilders (@geertwilderspvv)
It is their country, their homeland, it’s theirs!
India is no Islamic nation.
बता दें कि राजस्थान के उदयपुर के एक टेलर कन्हैया लाल साहू की मंगलवार को गला रेतकर हत्या कर दी गई थी. इस घटना को रियाज और मोहम्मद गौस नाम के दो लोगों ने अंजाम दिया. दोनों ने इस घटना का वीडियो बनाकर इसे शेयर भी किया था.
उन्होंने इस वीडियो में कहा कि इस्लाम के अपमान का बदला लेने के लिए वारदात को अंजाम दिया गया है. पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.
जानकारी के मुताबिक, टेलर कन्हैया लाल के आठ साल के बेटे ने उनके मोबाइल से नूपुर शर्मा के समर्थन में सोशल मीडिया पोस्ट की थी. इससे गुस्साए आरोपियों ने उसके पिता की बेरहमी से हत्या कर दी.
गीर्ट इससे पहले पैगंबर मोहम्मद मामले पर नूपुर शर्मा का बचाव कर चुके हैं. उन्होंने पैगंबर मोहम्मद मामले पर भारत पर इस्लामिक देशों के दबाव को लेकर कहा था कि किसी देश को आर्थिक कारणों के लिए अपनी स्वतंत्रता नहीं खोनी चाहिए.