कर्नाटक सरकार बच्चों में हेल्दी फूड्स की आदतों डालने के लिए एक बड़ा कदम उठाने जा रही है. सरकार स्कूलों और उनके आसपास बर्गर और पिज्जा जैसे जंक फूड की बिक्री पर पूरी तरह बैन लगाने की तैयारी कर रही है. राज्य के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री यू.टी. खादर ने शनिवार को मंगलुरु में इसका ऐलान किया है.
यू.टी. खादर ने ये भी बताया कि फूड सेफ्टी नियमों में भी बड़े बदलाव किए जा रहे हैं. वेनलॉक सरकारी अस्पताल के कार्यों की समीक्षा और समस्याओं के समाधान के लिए आयोजित एक बैठक के दौरान उन्होंने जंक फूड को बीमारियों की बड़ी वजह बताया.
पत्रकारों से बातचीत करते हुए स्वास्थ्य मंत्री खादर ने कहा कि बच्चों को ऐसे खाने की जरूरत होती है जो उनके फिजिकल और मेंटल डेवलपमेंट में मदद करे. अगर स्कूल लेवल पर ही जंक फूड के इस्तेमाल को रोक दिया जाए, तो बच्चों में स्वास्थ्य के लिए अच्छी आदतें बढ़ेंगी.
स्कूल के आसपास जंक फूड बेचने पर बैन
खादर ने बताया कि बच्चों में होने वाली कई बीमारियों की असल वजह जंक फूड खाना है. उन्होंने कहा, 'हम फूड टेस्टिंग लैबोरेट्रीज को मजबूत कर रहे हैं. बच्चों में स्वास्थ्य समस्याएं पैदा करने वाले जंक फूड को स्कूलों में और उनके आसपास बेचने की इजाजत बिल्कुल नहीं दी जाएगी.'
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि जंक फूड बैन करने को लेकर बहुत जल्द ही आदेश जारी कर दिए जाएंगे. उन्होंने इस मुद्दे पर हाल ही में विभाग के शीर्ष अधिकारियों के साथ एक बैठक भी की है.
मिलावट और खराब खाने पर लगाम लगाने की कोशिश
कर्नाटक सरकार जंक फूड पर बैन लगाने के साथ-साथ मिलावट और खराब खाने पर लगाम लगाने के लिए भी काम कर रही है. इसके तहत मौजूदा सरकारी फूड टेस्टिंग लैब को अपग्रेड किया जाएगा. वहीं, पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल के तहत नए एडवांस लैब्स स्थापित करने पर भी तेजी से काम चल रहा है.
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मंत्री खादर ने चेतावनी देते हुए कहा, 'ये लैब्स ऐसी रिपोर्ट तैयार करेंगे जो कानूनी जांच और अदालती कार्यवाही के सामने भी टिक सकें.' उन्होंने सुपरस्टोर्स और सुपरमार्केट्स को चेताते हुए सलाह दी कि वो बिना जांचे-परखे और मानकों पर खरे न उतरने वाले फूड प्रोडक्ट्स को बेचने से पूरी तरह परहेज करें.