चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग अमेरिका दौरे पर आने वाले हैं, लेकिन इससे ठीक पहले अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कम्युनिस्टों की विचारधारा कम्युनिज्म को अमेरिका के इतिहास का सबसे बड़ा खतरा करार दिया है. मध्यावधि चुनावों से ठीक पहले डेमोक्रेट्स पर कम्युनिस्ट होने का आरोप लगाते हुए ट्रंप ने कहा कि अगर विपक्ष सत्ता में आया तो देश कम्युनिस्ट बन जाएगा. लेकिन विरोधाभास यह है कि ठीक इसी हफ्ते वे दुनिया के सबसे शक्तिशाली कम्युनिस्ट देश चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग का राजकीय स्वागत करने वाले हैं.
ट्रंप ने राष्ट्र के संबोधन में चीन पर 2020 के चुनावों में “दुष्ट हस्तक्षेप” का आरोप लगाया. उन्होंने दावा किया था कि चीन ने 22 करोड़ अमेरिकी मतदाताओं के रिकॉर्ड्स चुराए और चुनाव परिणाम प्रभावित करने की कोशिश की. ट्रंप ने उस हार को लेकर भी अपनी पुरानी आपत्ति दोहराई.
अब नवंबर के मध्यावधि चुनावों से पहले रिपब्लिकन पार्टी डेमोक्रेट्स को चरमपंथी और कम्युनिस्ट बताने का अभियान तेज कर रही है. हाल ही में डलास में हुए सम्मेलन में ट्रंप ने कहा, “अगर वे जीते तो यह कम्युनिस्ट देश बन जाएगा. अमेरिका ने पहले भी कम्युनिज्म को हराया है और फिर हराएगा.”
लेकिन इसी बीच व्हाइट हाउस में शी जिनपिंग के स्वागत की तैयारियां जोरों पर हैं. 24 सितंबर को होने वाले स्टेट विजिट के लिए ट्रंप ने व्हाइट हाउस के दक्षिण लॉन पर नया हेलीपैड बनवाया है, जिसे वे “वर्क ऑफ आर्ट” बताते हैं. वे खुलेआम कह चुके हैं कि शी से उनके अच्छे निजी संबंध हैं और बीजिंग की मई यात्रा “अद्भुत” रही.
जिनपिंग के स्वागत में स्टेट डिनर आयोजित किया जाएगा. इस दौरान व्यापार, एआई और टैरिफ जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है. ट्रंप प्रशासन की कुछ आर्थिक नीतियों पर भी सवाल उठ रहे हैं. सरकार निजी कंपनियों में बड़े हिस्सेदारी ले रही है, जिसे कुछ रिपब्लिकन भी “कॉरपोरेट सोशलिज्म” बता रहे हैं. पूर्व वाइस प्रेसिडेंट माइक पेंस के चीफ ऑफ स्टाफ मार्क शॉर्ट ने कहा कि पार्टी स्पष्ट विरोधाभास पेश नहीं कर पा रही. ट्रंप के शब्दों और कार्यों के बीच यह अंतर रिपब्लिकन हमले की धार को कमजोर कर सकता है.
एक ओर वे घरेलू राजनीति में कम्युनिज्म का डर फैला रहे हैं, दूसरी ओर दुनिया के सबसे बड़े कम्युनिस्ट नेता के स्वागत में लाल कालीन बिछा रहे हैं. शी के दौरे से अमेरिका-चीन संबंधों की दिशा तय होगी, लेकिन ट्रंप की इस दोहरी भाषा ने राजनीतिक बहस को नया मोड़ दे दिया है.
23 सितंबर को अमेरिका जाएंगे जिनपिंग
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग 23 सितंबर को दो दिनों के राजकीय दौरे पर अमेरिका आ रहे हैं.