भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर शुक्रवार को G20 देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में शामिल हुए. इस दौरान विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि दुनिया की समस्याओं का समाधान कूटनीति के जरिए होना चाहिए, न कि सैन्य ताकतों के जरिए.
बैठक में जयशंकर ने कई अहम मुद्दे उठाए. उन्होंने X पर पोस्ट करते हुए इस बैठक की जानकारी दी. उन्होंने नागरिक जहाजों और नाविकों पर हो रहे हमलों का जिक्र करते हुए साफ कहा कि इन सुमद्री रास्तों पर हो रहे हमलों का सबसे ज्यादा खामियाजा ग्लोबल साउथ को भुगतना पड़ रहा है. इसकी वजह से ईंधन, खाने-पीने की चीजों और खाद की उपलब्धता प्रभावित हो रही है. साथ ही, इनकी कीमतें भी बढ़ रही हैं.
विदेश मंत्री ने समुद्री रास्तों को सुरक्षित रखने और जहाजों पर हमले रोकने की जरूरत भी बताई. उन्होंने इसके लिए अंतरराष्ट्रीय कानून, खास कर UNCLOS (समुद्र के कानून पर संयुक्त राष्ट्र कन्वेंशन) के पालन पर जोर दिया.
साथ ही, जयशंकर ने बताया कि भारत और लाइबेरिया ने नाविकों की सुरक्षा के लिए एक संयुक्त पहल शुरू की है. विदेश मंत्री ने यह भी कहा कि सप्लाई चेन को हथियार की तरह इस्तेमाल करना, बाजारों तक पहुंच रोकना और जानबूझकर बाजार में गड़बड़ी पैदा करना विकासशील देशों को औद्योगीकरण के अधिकार से वंचित कर रहा है. उन्होंने इसे तुरंत रोकने की अपील की.
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विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि दुनिया अब जोखिम कम करने और दूसरे विकल्पों को तलाश रही है. ऐसे में, देशों के बीच मजबूत संपर्क और व्यापार के नए रास्ते तैयार करना बहुत जरूरी है.
वहीं, आतंकवाद के मुद्दे पर उन्होंने साफ कहा कि किसी भी रणनीतिक फायदे के लिए आतंकवाद के खतरे को नकारा नहीं जाना चाहिए. उन्होंने साफ कहा कि यह एक ऐसा जोखिम भरा काम है, जो अंत में आतंकवाद को बढ़ावा देने वालों के लिए ही परेशानी खड़ी कर सकता है.