रूस में 18 से 20 सितंबर 2026 तक हुए संसदीय चुनाव के बाद अब वोटों की गिनती जारी है. यह चुनाव 2022 में यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद रूस का पहला संसदीय चुनाव है. 450 सदस्यों वाली स्टेट ड्यूमा यानी रूस की संसद के निचले सदन के लिए वोट डाले गए. शुरुआती नतीजों में पुतिन की पार्टी यूनाइटेड रशिया करीब 58% वोट के साथ सबसे आगे चल रही है.
रूस की सेंट्रल इलेक्शन कमीशन के शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक, यूनाइटेड रशिया के बाद कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ द रशियन फेडरेशन यानी KPRF दूसरे नंबर पर है. शुरुआती गिनती में उसे करीब 14% वोट मिले हैं. इसके बाद 'लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ रशिया' यानी LDPR करीब 9% वोट के साथ तीसरे स्थान पर है. 'न्यू पीपल पार्टी' को करीब 8% वोट मिले हैं.
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वहीं 'ए जस्ट रशिया' करीब 5% के आसपास है. शुरुआती नतीजों में यूनाइटेड रशिया करीब 57.5% वोट के साथ आगे है, वहीं कम्यूनिस्ट पार्टी, LDPR और न्यू पीपल्स जैसी पार्टियां संसद में पहुंचने की हालत में हैं. यहीं एक जरूरी बात समझना जरूरी है कि चुनाव के नतीजे अभी जारी नहीं किए गए हैं.
रूस की संसद में कुल 450 सीटें हैं. इनमें 225 सीटें पार्टी की सूची के वोट से और 225 सीटें सीधे चुनाव क्षेत्रों से तय होती हैं. शुरुआती गिनती में यूनाइटेड रशिया के उम्मीदवार 225 में से 161 सिंगल-सीट वाले चुनाव क्षेत्रों में आगे चल रहे थे. कम्युनिस्ट पार्टी चार, ए जस्ट रशिया तीन और LDPR दो सीटों पर आगे थी.
मैदान में उतरी कितनी पार्टियां?
इस चुनाव में 10 पार्टियों ने हिस्सा लिया. हालांकि याब्लोको पार्टी को चुनाव से पहले सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद बैलेट से हटा दिया गया था. रिपोर्ट के मुताबिक, याब्लोको रूस की उन पार्टियों में थी जो युद्ध के खिलाफ खुलकर आवाज उठा रही थीं.
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वोटों की गिनती पूरी होने के बाद ही यह साफ होगा कि 450 सीटों में हर पार्टी के खाते में कितनी सीटें गईं. इसलिए फिलहाल वोट प्रतिशत और शुरुआती बढ़त पर लगातार नजर रखी जा रही है. अंतिम नतीजे आने के बाद तस्वीर पूरी तरह साफ होगी.