पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के रावलाकोट में क्षेत्रीय चुनाव के पहले दिन हुई हिंसा को लेकर एमनेस्टी इंटरनेशनल ने पाकिस्तान सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं. संगठन ने कहा कि रावलाकोट से सामने आ रही रिपोर्ट्स जम्मू-कश्मीर में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पाकिस्तानी अधिकारियों की लंबे समय से चली आ रही गैरकानूनी हिंसा का नतीजा है. एमनेस्टी ने मुनीर आर्मी द्वारा PoK में की जा रही हिंसक घटनाओं पर रोक लगाने की अपील की है.
एमनेस्टी इंटरनेशनल की कार्यवाहक दक्षिण एशिया क्षेत्रीय निदेशक इसाबेल लासी ने कहा कि सुरक्षा बलों द्वारा प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग की तत्काल, स्वतंत्र और पारदर्शी जांच कराई जानी चाहिए. उन्होंने कहा कि इलाके में इंटरनेट और मोबाइल सेवाएं बंद होने से घटनाओं की स्वतंत्र पुष्टि करना मुश्किल हो रहा है. संगठन ने पाकिस्तान से सभी संचार सेवाएं बहाल करने और मीडिया और इंडिपेंडेंट ऑब्जर्वर को प्रभावित क्षेत्र में जाने की अनुमति देने की मांग की.
एमनेस्टी ने यह भी कहा कि चुनाव से पहले जम्मू-कश्मीर जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) पर लगाया गया प्रतिबंध तनाव को और बढ़ा रहा है. संगठन का आरोप है कि पाकिस्तान आतंकवाद विरोधी कानूनों का इस्तेमाल आंदोलन से जुड़े लोगों को चुप कराने और मनमाने ढंग से गिरफ्तार करने के लिए कर रहा है. एमनेस्टी ने दोहराया कि JAAC पर लगाया गया प्रतिबंध प्रदर्शनकारियों के खिलाफ घातक हिंसा का बहाना नहीं बन सकता.
सुरक्षा बलों की फायरिंग में 19 लोगों की मौत
27 जुलाई को रावलाकोट और कोटली में हिंसा की घटनाएं सामने आई थीं. कोटली में विपक्षी राजनीतिक दलों के समर्थकों के बीच झड़प में एक राजनीतिक कार्यकर्ता की मौत हुई थी. वहीं JAAC का दावा है कि सुरक्षा बलों की फायरिंग में 19 लोगों की मौत हुई. कई दर्जन लोग घायल हुए. हालांकि, मीडिया रिपोर्ट्स में हताहतों की पुष्टि तो की गई है, लेकिन संख्या स्पष्ट नहीं बताई गई है. पुलिस का कहना है कि उसके दो जवान भी घायल हुए हैं.
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विरोध-प्रदर्शनों में कुल 40 लोग मारे गए
5 जून को पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर सरकार ने JAAC को आतंकवाद निरोधक कानून के तहत प्रतिबंधित संगठन घोषित कर दिया था. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, चुनाव से पहले शुरू हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान अब तक कम से कम 40 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें 34 प्रदर्शनकारी और छह पुलिस और अर्धसैनिक बल के जवान शामिल बताए गए हैं.