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एक्सपोर्ट 35 गुना बढ़ा, 25 करोड़ लोग गरीबी से निकले... पीएम मोदी ने पेरिस में बताई 12 साल में कितना बदला भारत

फ्रांस के पेरिस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए पिछले 12 वर्षों में भारत की विकास यात्रा का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि इस दौरान भारत की जीडीपी, एयरपोर्ट और यूनिवर्सिटीज की संख्या दोगुनी हुई है.

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रांस के पेरिस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय समुदाय को संबोधित किया (Photo: Youtube/@Narendra Modi)
रांस के पेरिस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय समुदाय को संबोधित किया (Photo: Youtube/@Narendra Modi)

फ्रांस की राजधानी पेरिस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए भारत की विकास यात्रा और पिछले 12 सालों में हुए बदलावों का उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि बीते 12 वर्ष 140 करोड़ भारतीयों के अद्भुत सामर्थ्य के रहे हैं. 12 साल के इस कालखंड में भारत की जीडीपी दोगुनी हुई है. एयरपोर्ट की संख्या दोगुनी हुई है. यूनिवर्सिटीज की संख्या भी दोगुनी हो गई है. हाईवे निर्माण की रफ्तार तीन गुना बढ़ गई है और मेट्रो नेटवर्क चार गुना हो गया है.

उन्होंने कहा, मैं आपको कुछ और तथ्य बताऊंगा, जिससे आप अंदाजा लगा पाएंगे कि भारत कितनी गति से और कितने बड़े पैमाने पर काम कर रहा है. पिछले 12 वर्षों में भारत का एक्सपोर्ट तीन गुना बढ़ गया है. भारत में मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स की संख्या में 100 गुना वृद्धि हुई है. भारत आज दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरर है.

इसी गति और इसी प्रगति का नतीजा है कि आज भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली बड़ी अर्थव्यवस्था (फास्टेस्ट ग्रोइंग मेजर इकोनॉमी) है. लेकिन आज भारत की कहानी सिर्फ आर्थिक प्रगति की कहानी नहीं है. यह सामाजिक परिवर्तन की भी कहानी है.

पिछले 12 साल में देश में 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले हैं. यह आंकड़ा सुनकर आप भी हैरान हो जाएंगे. 25 करोड़ लोग. यानी यह ऐसी प्रगति है, जिसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है.

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फ्रांस में जितने घर हैं, पूरे फ्रांस में कुल जितने घर हैं, उससे भी अधिक पक्के घर बीते 12 वर्षों में हमने जरूरतमंदों के लिए बनाए हैं. आज हर परिवार के पास, चाहे वह कितना भी गरीब क्यों न हो, बैंक अकाउंट है. फाइनेंशियल इन्क्लूजन केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि सामाजिक परिवर्तन का एक बड़ा अभियान बन गया है.

इन 12 साल की उपलब्धियों में एक उपलब्धि ऐसी भी है, जिसे किसी आंकड़े या संख्या से नहीं मापा जा सकता. वह है 140 करोड़ भारतीयों का आत्मविश्वास.

आज का भारत और आज के भारत का युवा बहुत बड़े सपने देख रहा है. भारत का किसान नई संभावनाओं के साथ आगे बढ़ रहा है. भारत की महिलाएं नए नेतृत्व का परिचय दे रही हैं. इसलिए ये सिर्फ उपलब्धियों के 12 साल नहीं हैं, बल्कि भारत की आकांक्षाओं को नई बुलंदी देने का कालखंड रहा है.

एक समय था जब दूर-दराज के गांवों तक आधुनिक सुविधाएं पहुंचाना वास्तव में बहुत मुश्किल था. आज उन्हीं गांवों में बिजली भी है, इंटरनेट भी है और डिजिटल सेवाओं की पूरी दुनिया भी है.

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आज एक क्लिक पर, कभी भी और कहीं भी बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध हैं. आज मोबाइल फोन भारत के नागरिकों को अनेक सुविधाओं से जोड़ रहा है.

हमारे किसान, हमारे मछुआरे, हमारे डेयरी फार्मर्स, हमारी महिलाएं और हमारे विद्यार्थी, सभी तकनीक के माध्यम से सशक्त हो रहे हैं और अपने लिए नए अवसर बना रहे हैं.

आपने 150 करोड़ से अधिक आधार आईडी के बारे में सुना होगा. लेकिन आज भारत सिर्फ पहचान को डिजिटल नहीं बना रहा है.

आज करीब 90 करोड़ भारतीयों की यूनिक डिजिटल हेल्थ आईडी बनाई जा चुकी है, जिससे मेडिकल रिकॉर्ड सुरक्षित और आसानी से उपलब्ध हो गए हैं. इससे स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और गुणवत्ता दोनों में बड़ा सुधार आया है.

भारत की डिजिटल क्रांति सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है. आज दुनिया के अनेक देश भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर मॉडल का अध्ययन कर रहे हैं. यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस यानी UPI इसका एक बड़ा उदाहरण है.

आज भारत में हर महीने अरबों डिजिटल लेनदेन हो रहे हैं. छोटे दुकानदार से लेकर सड़क किनारे रेहड़ी लगाने वाले तक डिजिटल भुगतान को अपना चुके हैं.

भारत का यह मॉडल दिखाता है कि टेक्नोलॉजी केवल सुविधा का माध्यम नहीं है, बल्कि सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण का भी प्रभावी साधन है.

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भारत और फ्रांस के संबंध भी इसी विश्वास, नवाचार और साझी प्रगति पर आधारित हैं. आने वाले समय में रक्षा, अंतरिक्ष, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, स्वच्छ ऊर्जा, डिजिटल टेक्नोलॉजी और स्टार्टअप जैसे क्षेत्रों में हमारे सहयोग की संभावनाएं और अधिक व्यापक होने वाली हैं.

मुझे विश्वास है कि भारत और फ्रांस मिलकर न केवल अपने देशों के लिए, बल्कि पूरी दुनिया के लिए नए अवसर और नए समाधान तैयार करेंगे.

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