अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ इन दिनों क्यूबा दौरे पर हैं, लेकिन इस बार चर्चा उनकी किसी सैन्य रणनीति या बयान की नहीं, बल्कि उनके शरीर पर बने टैटू की हो रही है. अमेरिकी सैनिकों के साथ मॉर्निंग पीटी सेशन के दौरान जब हेगसेथ पुश-अप्स और वेट ट्रेनिंग करते नजर आए, तब उनकी दाहिनी बांह पर अरबी भाषा में लिखा "काफिर" शब्द साफ दिखाई दिया.
"काफिर" का मतलब आमतौर पर उन लोगों से है जो एक अल्लाह में विश्वास नहीं रखते. यह टैटू पहली बार मार्च 2025 में तब सार्वजनिक रूप से चर्चा में आया था, जब हेगसेथ ने हवाई में अमेरिकी नौसेना के जवानों के साथ ट्रेनिंग की तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर की थीं.
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इस टैटू को लेकर अमेरिका में विवाद खड़ा हो गया. कई मुस्लिम संगठनों और अधिकार समूहों ने इसकी आलोचना करते हुए कहा कि रक्षा मंत्री जैसे संवेदनशील पद पर बैठे शख्स के शरीर पर ऐसा टैटू मुस्लिम समुदाय के प्रति नकारात्मक संदेश दे सकता है. आलोचकों ने इसे इस्लामोफोबिया से जोड़ते हुए हेगसेथ के पुराने बयानों और उनकी किताब अमेरिकी क्रूसेड का भी हवाला दिया.
हेगसेथ और उनके समर्थक इस आरोप को खारिज करते हैं. उनका कहना है कि "काफिर" टैटू किसी धर्म के खिलाफ नफरत का प्रतीक नहीं है. इराक और अफगानिस्तान जैसे युद्ध क्षेत्रों में तैनात कई अमेरिकी सैनिक खुद को कट्टरपंथी संगठनों के विरोध में "इन्फिडेल" या "काफिर" के रूप में पहचान देते रहे हैं.
दरअसल, हेगसेथ के शरीर पर सिर्फ "काफिर" ही नहीं, बल्कि कई अन्य धार्मिक और ऐतिहासिक प्रतीकों वाले टैटू भी बने हुए हैं. उनके सीने पर लैटिन भाषा में "Deus Vult" लिखा है, जिसका मतलब है "ईश्वर की यही इच्छा है". यह वाक्य मध्यकालीन क्रूसेड्स यानी धर्मयुद्धों के दौरान ईसाई सैनिकों का युद्धघोष माना जाता था.
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इसके अलावा उनके शरीर पर यरुशलम क्रॉस का टैटू भी बना हुआ है. यह प्रतीक ईसाई इतिहास से जुड़ा है, हालांकि कुछ दक्षिणपंथी समूह इसे पश्चिमी सभ्यता की रक्षा के प्रतीक के रूप में भी इस्तेमाल करते हैं.