यूएस के रक्षा विभाग के पेंटागन के व्हिसलब्लोअर्स और अंदरूनी अधिकारियों ने रक्षा सचिव पीट हेगसेथ के आचरण को ईरान संघर्ष के दौरान बेहद गैर-पेशेवर और लापरवाह बताया है. अधिकारियों ने उनके भाषणों और व्यवहार को गरममिजाज और आक्रामक करार देते हुए कहा है कि वे 'अत्यधिक हिंसा' का आह्वान कर रहे हैं.
हेगसेथ पर बिना किसी मंजूरी के रक्षा विभाग का नाम बदलकर 'युद्ध विभाग' करने और असुरक्षित चैट पर संवेदनशील हमले की योजनाएं साझा करने के आरोप हैं.
सैन्य अधिकारियों ने उनके व्यवहार को रक्तपिपासु और युद्ध के वक्त जरूरी व्यावसायिकता से रहित बताया है. यह विवाद तब और गहरा गया है, जब मिडिल ईस्ट में करीब 50,000 अमेरिकी सैनिक तैनात हैं और हताहतों की खबरें भी सामने आ रही हैं.
युद्ध को 'धर्मयुद्ध' बनाने का आरोप...
हेगसेथ के एक पेंटागन प्रेयर प्रोग्राम कार्यक्रम के दौरान दिए गए बयानों ने भारी चिंता पैदा कर दी है. उन्होंने ईरान में गॉड के 'प्रकोप' और 'अत्यधिक हिंसा' का आह्वान किया था. अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि वे इस संघर्ष को एक 'पवित्र युद्ध' की तरह पेश कर रहे हैं. उनके सांस्कृतिक रूप से असंवेदनशील बयानों, जैसे 'मैं केवल अमेरिकन बोलता हूं' ने भी विवाद को हवा दी है.
NBC न्यूज़ की रिपोर्ट के मुताबिक, हेगसेथ पर एक दर्जन से ज्यादा अश्वेत और महिला सीनियर अधिकारियों की पदोन्नति रोकने या देरी करने का भी आरोप है. नौ अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, इनमें से कुछ अधिकारियों को उनके नस्ल, लिंग या पिछली बिडेन प्रशासन की नीतियों से जुड़ाव की वजह से निशाना बनाया गया है. यह भेदभाव चारों सैन्य शाखाओं के अधिकारियों के साथ किया गया है.
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आलोचकों का कहना है कि जब देश जंग के मुहाने पर है, तब हेगसेथ का ध्यान छोटे मुद्दों पर केंद्रित है. वे बॉय स्काउट्स की फंडिंग, मीडिया कंट्रोल, ग्रूमिंग रूल्स और पादरी पॉलिसी जैसे विषयों में उलझे हुए हैं. एक्सपर्ट्स का मानना है कि जंग के दौरान आंतरिक नीतिगत बदलावों पर उनका ध्यान देना उनकी खराब प्राथमिकताओं को दर्शाता है.
व्हिसलब्लोअर्स की बढ़ती चिंता
पेंटागन के व्हिसलब्लोअर्स ने हेगसेथ को 'फेरल' और 'हॉटहेडेड' बताते हुए चेतावनी दी है कि उनका नेतृत्व खतरनाक साबित हो सकता है. हालांकि ये सभी आरोप गुमनाम सूत्रों पर आधारित हैं और आधिकारिक तौर पर अभी साबित नहीं हुए हैं. फिर भी, संवेदनशील स्ट्राइक प्लान को असुरक्षित माध्यमों से साझा करने की बात ने सुरक्षा एजेंसियों के बीच हड़कंप मचा दिया है.