क्यूबा
क्यूबा (Cuba) का आधिकारिक नाम क्यूबा गणतंत्र (Republic of Cuba) है, जो एक द्विपीय देश है. यह कैरिबियाई सागर, मैक्सिको की खाड़ी और अटलांटिक महासागर के मिलने वाली जगह पर स्थित है (Cuba Location). क्यूबा की राजधानी हवाना है और यह सबसे बड़ा शहर है (Capital of Cuba). क्यूबा का दूसरा सबसे बड़ा शहर सेंटिआगो डे है. क्यूबा में क्यूबा द्वीप, इस्ला दी ला जुवेतुद जैसे कई द्वीप समूह शामिल हैं. यह कैरेबियाई समूह में सबसे ज्यादा आबादी वाला द्वीप है. 2020 में यहां की आबादी लगभग 1 करोड़ 12 लाख थी (Cuba Population). क्यूबा लंबे वक्त तक उपनिवेश बना रहा लिहाजा अलग-अलग जगह से पहुंचे लोगों का असर यहां की संस्कृति पर साफ नजर आता है.
28 अक्टूबर 1492 को क्रिस्टोफर कोलम्बस ने क्यूबा की धरती पर कदम रखा और विश्व को एक नये देश से परिचित करवाया. 16वीं और 17वीं शताब्दी तक यह स्पेन का उपनिवेश रहा. क्यूबा लेटिन अमेरिका का एक समाजवादी गणतंत्र है. 1959 में फिदेल कास्त्रो के नेतृत्व में हुई क्रांति से पहले इस देश ने तानाशाही व्यवस्था से निजात पायी और एक दलीय जनतंत्र को अपनाया. पूर्व राष्ट्रपति फिदेल कास्त्रो (Fidel Castro) और रऊल कास्त्रो की अगुवाई में इसने समाजवादी शासन व्यवस्था को अपनाया (Cuba History).
2018 तक, क्यूबा ने अपने सशस्त्र बलों पर लगभग 91.8 मिलियन अमेरिकी डॉलर या अपने सकल घरेलू उत्पाद का 2.9% खर्च किया (Cuba Military Expenditure). 2020 में, क्यूबा का सकल घरेलू उत्पाद 107 अरब अमेरिकी डॉलर था (Cuba GDP). यह देश 2019 में मानव विकास सूचकांक में 70वें स्थान पर था (Cuba in Human Development Index). यहां की मुद्रा क्यूबन पेसो है (Cuba Currency). क्यूबा की 59.2 फीसदी आबादी ईसाई धर्म को मानती है, जबकि 23 प्रतिशत किसी भी धर्म विशेष से संबद्ध नहीं हैं (Cuba Religion). स्पेनिश यहां की राजकीय भाषा है (Cuba Language).
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लुला डा सिल्वा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के साथ बातचीत की. इन बैठकों में व्यापार, टैरिफ और ईरान के परमाणु मुद्दे पर चर्चा हुई. वहीं, ट्रंप ने क्यूबा पर नए कड़े प्रतिबंध भी लगाए, जिन्हें मार्को रुबियो ने राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए जरूरी बताया.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान पर वही नौसैनिक नाकेबंदी रणनीति लागू करना चाहते हैं, जो वेनेजुएला और क्यूबा में अपनाई गई थी, लेकिन ईरान ने यह फार्मूला कमजोर कर दिया है. स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज पर ईरान की पकड़, तेल सप्लाई पर असर और सैन्य जवाबी क्षमता अमेरिका के लिए चुनौती बन गई है.
अमेरिकी नौसेना का MQ-4C ट्राइटन ड्रोन 6 घंटे तक क्यूबा के पूरे दक्षिणी तट पर चक्कर लगाता रहा. इसने सैंटियागो डी क्यूबा और हवाना के आसपास भी घूमकर निगरानी की. ट्रंप ने हाल ही में कहा था कि उन्हें क्यूबा लेने का सम्मान मिलेगा. पेंटागन क्यूबा पर ऑपरेशन की प्लानिंग तेज कर रहा है. यह वही ड्रोन है जो वेनेजुएला रेड से पहले उड़ा था.
अमेरिकी प्रतिबंधों और टैरिफ धमकियों के बावजूद रूस ने क्यूबा को सात लाख बैरल तेल सप्लाई कर संकट के समय उसका साथ दिया है. क्यूबा के लिए यह मदद बेहद महत्वपूर्ण है. भारत में क्यूबा के राजदूत जुआन कार्लोस एगुइलेरा ने कहा कि रूस का यह कदम दुनिया को संदेश देता है कि रूस संकट की घड़ी में क्यूबा का साथ देगा.
ट्रंप ईरान की जंग से लगभग बाहर निकल आए हैं, अब लोगों की नजर क्यूबा पर है. ग्लोबल फायरपावर इंडेक्स 2026 के अनुसार क्यूबा सैन्य ताकत के मामले दुनिया में 65वें नंबर पर है. उसके पास करीब 50,000 सैनिक और पुराने सोवियत हथियार हैं. क्यूबा अमेरिका को सीधी टक्कर नहीं दे सकता, लेकिन गुरिल्ला युद्ध में लंबा चला सकता है. हथियार मुख्य रूप से रूस और चीन से लेता है.
ईरान के साथ जंग अभी थमी भी नहीं, लेकिन ट्रंप ने अपना अगला टारगेट चुन लिया है. उन्होंने क्यूबा पर कब्जा करने या वहां बड़े बदलाव लाने की बात की है. अमेरिका के 13 राष्ट्रपतियों की 67 साल पुरानी हसरत अब ट्रंप पूरी करना चाहते हैं. फिलहाल क्यूबा में तेल और बिजली का भारी संकट है. देश ब्लैकआउट में है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने क्यूबा की ऊर्जा नाकेबंदी कर रखी है और कई बार चेतावनी दी है कि ईरान के बाद क्यूबा का नंबर है. ट्रंप की धमकियों के बावजूद रूस ने क्यूबा को पहले ही एक तेल टैंकर भेजा है और अब दूसरा टैंकर भेजने की तैयारी में है.
अमेरिका छोटे से देश क्यूबा पर कब्जा क्यों करना चाहता है? 1492 से लेकर फिडेल कास्त्रो की क्रांति और ट्रंप के ताजा बयान तक, जानिए 500 साल की पूरी कहानी और क्यूबा संकट की असली वजह. ये कहानी आपको हैरान कर देगी.
अभी ईरान के साथ अमेरिका की जंग खत्म भी नहीं हुई कि ट्रंप ने अपना अगला शिकार चुन लिया है. ट्रंप अब अमेरिकी राज्य फिलोरिडा से करीब 170 किलोमीटर दूर 1 करोड़ 10 लाख की आबादी वाले क्लूबा देश पर कब्जा करना चाहते हैं. हालांकि जिस तरह पिछले 500 सालों में ईरान को कभी कोई हरा नहीं पाया. ठीक उसी तरह बीते 67 सालों में अमेरिका के 13 राष्ट्रपति क्यूबा पर कब्जे की हसरत पाले चले गए. लेकिन क्यूबा पर कब्जा नहीं कर पाए.
रूस ने अमेरिकी नाकेबंदी के बावजूद क्यूबा को लाखों बैरल कच्चा तेल भेजा है, जिससे क्यूबा के ऊर्जा संकट में राहत मिली है. ट्रंप ने क्यूबा को तेल सप्लाई करने वाले देशों को चेतावनी दी थी, लेकिन रूस ने क्यूबा को दोस्त बताते हुए उसे तेल भेजा है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वैश्विक राजनीति में एक नया मोर्चा खोलने के संकेत दिए हैं. मियामी में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ट्रंप ने स्पष्ट रूप से कहा कि ईरान और वेनेजुएला के बाद अब'क्यूबा की बारी है'.हालांकि उन्होंने यह साफ नहीं किया कि अमेरिका क्यूबा के खिलाफ क्या कार्रवाई करेगा
कैरेबियाई देश गंभीर आर्थिक और ऊर्जा संकट से जूझ रहा है. बाहरी दबाव और कूटनीतिक बातचीत साथ-साथ चल रही है. क्षेत्रीय राजनीति में बदलाव की संभावना बढ़ी है. आने वाले समय में यह मुद्दा अंतरराष्ट्रीय शक्ति संतुलन और रणनीतिक प्रभाव के लिहाज से महत्वपूर्ण साबित हो सकता है.
अमेरिका की सैन्य कार्रवाई की धमकी के बाद क्यूबा ने अपनी सुरक्षा तैयारियां तेज कर दी हैं. राष्ट्रपति ट्रंप ने क्यूबा पर दबाव बढ़ाते हुए शर्त रखी है कि या तो क्यूबा अमेरिकी शर्तें माने या सैन्य कार्रवाई के लिए तैयार रहे.
अमेरिका ने क्यूबा पर ऊर्जा नाकेबंदी कड़ी कर दी है, जिससे क्यूबा गंभीर ऊर्जा संकट का सामना कर रहा है. ट्रंप प्रशासन ने क्यूबा को रूस से कच्चा तेल लेने से रोक दिया है. इस बीच रूस के दो तेल-गैस टैंकर क्यूबा की तरफ बढ़ रहे हैं जिससे तनाव बढ़ गया है.
ट्रंप ने दी क्यूबा पर कब्जे की धमकी तो सामने खड़ा हो गया चीन. अमेरिका और क्यूबा के बीच बढ़ते तनाव के कारण हालात और जटिल हो गए हैं. अमेरिकी दबाव और ईंधन सप्लाई रुकने से क्यूबा गंभीर बिजली संकट का सामना कर रहा है, जिससे देश में बड़े पैमाने पर ब्लैकआउट की स्थिति बनी हुई है. इस बीच चीन ने क्यूबा की मदद के लिए कदम बढ़ाया है. चीन ने सौर ऊर्जा परियोजनाओं के जरिए क्यूबा को राहत देने की पेशकश की है
अमेरिका की नाकेबंदी और ट्रंप की धमकियों के बीच क्यूबा गंभीर ऊर्जा संकट से जूझ रहा है. ट्रंप के टैरिफ की डर से कोई भी देश क्यूबा की मदद को सामने नहीं आ रहा है. इस बीच चीन ने क्यूबा के आगे मदद का हाथ बढ़ाया है.
डोनाल्ड ट्रंप ने क्यूबा की समाजवादी सरकार के खिलाफ जल्द कार्रवाई का संकेत दिया है. अमेरिकी प्रतिबंधों से देश में बिजली संकट गहरा गया है.
ईरान अमेरिका जंग के बीच डोनाल्ड ट्रंप जिस देश पर नजर गड़ाए हुए हैं, उसका नाम है- क्यूबा. ट्रंप पिछले कई महीनों से क्यूबा पर अपना कंट्रोल स्थापित करने की बात कर रहे हैं. जानिए क्यूबा को लेकर अब क्या बयान दिया.
अचानक इस देश में ब्लैकआउट से हाहाकार, अंधेरे में डूबे देश के 1.1 करोड़ लोग.क्यूबा एक बार फिर बड़े बिजली संकट की चपेट में आ गया है. सोमवार यानि 16 मार्च को राजधानी हवाना समेत पूरे देश में अचानक ब्लैकआउट हो गया, जिससे करीब 1.1 करोड़ लोग प्रभावित हुए. कई घंटों तक बिजली ठप रहने से घरों, अस्पतालों और परिवहन सेवाओं पर गंभीर असर पड़ा. क्यूबा के ऊर्जा मंत्रालय के मुताबिक, देश का पावर ग्रिड अचानक बंद हो गया, जिससे व्यापक स्तर पर बिजली सप्लाई बाधित हुई
ईरान जंग के बीच एक और देश पर अमेरिकी हमले का खतरा मंडरा रहा है. अमेरिका ने द्वीप देश क्यूबा का तेल बंद कर रखा है और किसी भी देश को उसे तेल सप्लाई करने नहीं दे रहा है. इस बीच ट्रंप ने क्यूबा को बड़ी धमकी दी है जिससे नए जंग की आहट मानी जा रही है.
ईरान युद्ध के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक अहम बयान दिया है. उन्होंने कहा कि क्यूबा अब अपने अंत के करीब पहुंच चुका है और वह व्यक्तिगत रूप से तथा अन्य राजनेताओं के माध्यम से क्यूबा के साथ डील कर रहे हैं. देखें वीडियो.