नेपाल के सुनसरी जिले के देवानगंज गांवपालिका स्थित कप्तानगंज से शुरू हुई सांप्रदायिक हिंसा अब और उग्र होती जा रही है. हिंसा की आग अब मधेश प्रदेश के सिरहा, धनुषा, पर्सा और सप्तरी जिलों तक फैल चुकी है. हालात को देखते हुए नेपाल पुलिस, सशस्त्र पुलिस बल (एपीएफ) और नेपाली सेना को हाई अलर्ट पर रखा गया है. संवेदनशील इलाकों में लगातार फ्लैग मार्च और गश्त की जा रही है.
स्थानीय प्रशासन के मुताबिक, सुरक्षा स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है. इसी वजह से सिरहा, धनुषा, पर्सा और सप्तरी में शुक्रवार को भी कर्फ्यू जारी रखा गया है. सिरहा के गोलबाजार, लहान और सिरहा बाजार, धनुषा के जनकपुरधाम, पर्सा के वीरगंज और सप्तरी के राजविराज व बोदे बर्साइन समेत कई संवेदनशील इलाकों में लोगों की आवाजाही पर रोक है.
यह भी पढ़ें: कैसे सुलग उठा नेपाल, कौन लोग हैं हिंसा के पीछे... जानिए अब कैसे हैं हालात
हिंसा के दौरान कई जगहों पर आगजनी, तोड़फोड़, लूटपाट और पथराव की घटनाएं सामने आई हैं. अब तक मधेश प्रदेश में कम से कम एक शख्स की मौत हो चुकी है, जबकि दर्जनों लोग घायल हुए हैं. घायलों में नेपाल पुलिस के दो डीएसपी समेत 22 पुलिसकर्मी भी शामिल बताए गए हैं.
हिंसा की वजह से ट्रेन सेवा भी प्रभावित
हिंसा का असर आम जनजीवन और परिवहन पर भी पड़ा है. कर्फ्यू और सड़क बंद होने की वजह से कई इलाकों में सार्वजनिक परिवहन प्रभावित हुआ है. भारत-नेपाल सीमा से जुड़े मार्गों पर भी सुरक्षा कड़ी कर दी गई है. रेलवे और बस सेवाओं पर भी असर पड़ा है और यात्रियों को कई जगहों पर दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.
यह भी पढ़ें: नेपाल हिंसा के बाद मदरसा की जांच का आदेश, सरकार और मारे गए लोगों के परिवार में करार
सोशल मीडिया अफवाह से सरकार ने किया आगाह
प्रशासन ने लोगों से बिना जरूरी काम घर से बाहर नहीं निकलने की अपील की है. साथ ही सोशल मीडिया पर अफवाहें या भड़काऊ सामग्री साझा नहीं करने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना सुरक्षा एजेंसियों को देने को कहा गया है.
अधिकारियों का कहना है कि हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है. जब तक कानून-व्यवस्था पूरी तरह सामान्य नहीं हो जाती, तब तक कर्फ्यू और अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था जारी रहेगी. नेपाल सरकार भी स्थिति पर लगातार समीक्षा कर रही है ताकि हिंसा को दूसरे इलाकों में फैलने से रोका जा सके.