
सोचिए, आप किसी प्राचीन शहर के संकरे पत्थरों वाले रास्तों पर टहल रहे हों. चारों तरफ ऊंची-ऊंची पीली दीवारों वाली इमारतें हों, लेकिन न तो गाड़ियों के हॉर्न की आवाज हो, न ही लाउडस्पीकर का शोर और न ही ट्रैफिक का कोई कोलाहल. यहां तक कि पैदल चलने वाले लोग भी आपस में बेहद धीमी आवाज में बात कर रहे हों.
सुनने में यह किसी काल्पनिक फिल्म का दृश्य लग सकता है, लेकिन यह कोई कल्पना नहीं बल्कि हकीकत है. यूरोपीय देश माल्टा में बसा म्डीना एक ऐसा ही शहर है, जिसे दुनिया 'द साइलेंट सिटी' के नाम से जानती है. यहां की सड़कों पर पसरा सन्नाटा किसी रहस्य से कम नहीं लगता.
म्डीना माल्टा की पुरानी राजधानी हुआ करता था. इस शहर का इतिहास लगभग 4,000 साल पुराना है. ईसा पूर्व 800 के आसपास फोनिशियन लोगों ने सबसे पहले इसे बसाया था. बाद में रोमनों ने इस पर शासन किया. अरब शासन के दौरान इसे 'म्डीना' नाम मिला, जिसका अरबी में अर्थ घेराबंदी वाला शहर होता है.
लेकिन फिर ऐसा क्या हुआ कि इतना महत्वपूर्ण शहर अचानक शांत हो गया?
1530 के दशक में जब 'ऑर्डर ऑफ सेंट जॉन' के शूरवीरों ने माल्टा पर नियंत्रण किया, तो उन्होंने प्रशासनिक और रणनीतिक कारणों से अपनी राजधानी को समुद्र तटीय शहर वलेटा स्थानांतरित कर दिया. राजधानी बदलते ही म्डीना का राजनीतिक और व्यापारिक महत्व घटने लगा. अधिकांश व्यापारी, सरकारी अधिकारी और अमीर लोग शहर छोड़कर नए केंद्र में जाकर बस गए. देखते ही देखते चहल-पहल से भरा यह शहर लगभग खाली हो गया और यहां एक गहरा सन्नाटा पसर गया. इसी दौर के बाद से इसे 'द साइलेंट सिटी' कहा जाने लगा.
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फिर आया सख्त नियमों का दौर. शहर खाली होने के बाद म्डीना ने अपनी नई पहचान गढ़ी और शांति को ही अपनी सबसे बड़ी ताकत बना लिया. आज म्डीना की आबादी बेहद कम है. यहां मुश्किल से 250 से 300 नागरिक ही स्थाई रूप से रहते हैं. इस शहर ने अपनी ऐतिहासिक धरोहर और शांति को बनाए रखने के लिए बेहद सख्त नियम लागू किए.

बाहरी और पर्यटकों की गाड़ियों का शहर के अंदर आना पूरी तरह प्रतिबंधित है. शहर के भीतर केवल वही सीमित गाड़ियां आ सकती हैं जिनके पास विशेष रेजिडेंट परमिट होता है, या फिर आपातकालीन सेवाएं जैसे- एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड. शहर में गाड़ी चलाने वाले स्थानीय निवासी भी हॉर्न का इस्तेमाल बिल्कुल नहीं कर सकते. शहर के भीतर रात के समय तेज संगीत बजाना या देर रात तक शोर-शराबा करने वाले कार्यक्रम आयोजित करना पूरी तरह मना है.
यहां आने वाले पर्यटकों को प्रवेश द्वार पर ही यह संदेश दिया जाता है कि वे यहां की शांति का सम्मान करें और ऊंची आवाज में बातचीत न करें.
म्डीना के सन्नाटे के पीछे यहाँ की अनूठी वास्तुकला का भी बड़ा हाथ है. शहर की गलियां बहुत संकरी और घुमावदार बनाई गई थीं ताकि मध्यकाल में दुश्मनों के हमले के समय तीरंदाजों को रक्षा करने में आसानी हो. यह तंग गलियां न केवल हवा के तेज बहाव को रोकती हैं, बल्कि बाहरी दुनिया के शोर को भी अंदर आने से रोक देती हैं.
म्डीना में कदम रखते ही लगता है मानो समय ठहर सा गया हो. यहां के नॉर्मन और बारोक शैली में बने महल, सेंट पॉल्स कैथेड्रल और चूना पत्थर से बनी इमारतें सूरज की रोशनी में सुनहरी चमकती हैं.
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यह शहर हॉलीवुड और टीवी सीरीज का पसंदीदा ठिकाना है. अपनी रहस्यमयी खामोशी और मध्यकालीन खूबसूरती के कारण म्डीना हमेशा से फिल्म निर्माताओं का पसंदीदा स्थान रहा है. मशहूर फैंटेसी सीरीज 'गेम ऑफ थ्रोन्स' के पहले सीजन में 'किंग्स लैंडिंग' के कई शुरुआती दृश्यों की शूटिंग म्डीना के ऐतिहासिक मुख्य द्वार और गलियों में ही की गई थी. इसके अलावा भी कई हॉलीवुड फिल्मों में इस शहर के ऐतिहासिक दृश्यों को दर्शाया गया है.
आज म्डीना माल्टा के सबसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में से एक है. दिन के समय यहां कुछ पर्यटक इतिहास और वास्तुकला को निहारने आते हैं, लेकिन सूरज ढलते ही जैसे ही पर्यटक वापस लौटते हैं, म्डीना अपनी असली रंगत में आ जाता है. रात के समय मंद पीली लाइटों में चमकती गलियां और चारों तरफ फैला सन्नाटा यहां आने वाले हर शख्स को एक अनोखी, शांत और जादुई दुनिया में ले जाता है.