बांग्लादेश के अंतिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस लंबे समय बाद न्यूयॉर्क एयरपोर्ट पर दिखे. लेकिन तभी बांग्लादेशी नागरिकों के एक समूह ने उन्हें घेर लिया और उन्हें आंतकी कहते हुए चिल्लाने लगा. ये घटना 12 अक्टूबर 2026 को हुई, जब यूनुस एयरपोर्ट से बाहर निकल रहे थे.
सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो के मुताबिक बांग्लादेशी प्रवासियों के एक समूह ने उन्हें घेरकर नारेबाजी की. इस दौरान एक व्यक्ति चिल्लाया, “You are a terrorist!” यानी “तुम आतंकवादी हो.” प्रदर्शनकारियों ने उन पर बांग्लादेश में हजारों लोगों और पुलिसकर्मियों की मौत के लिए जिम्मेदार होने और लोकतंत्र को कमजोर करने के आरोप भी लगाए.
अब इस घटना पर बांग्लादेश सरकार की प्रतिक्रिया आई है. बांग्लादेश सरकार ने इसके लिए अवामी लीग को जिम्मेदार ठहराया है. और इसे 'अवामी लीग का आतंक' बताया है.
प्रधानमंत्री तारिक रहमान के सूचना और प्रसारण सलाहकार ज़ाहेद उर रहमान ने कहा है कि सरकार अमेरिका में अंतरिम सरकार के पूर्व मुख्य सलाहकार डॉ. मुहम्मद यूनुस को परेशान किए जाने को "अवामी आतंक" मानती है और इस पर ज़रूरी कार्रवाई करेगी.
पहले की घटनाओं का जिक्र करते हुए ज़ाहिद ने कहा, "अंतरिम सरकार के कार्यकाल के दौरान आंदोलन से जुड़े कई लोगों को भी ऐसी स्थितियों का सामना करना पड़ा था."
मंगलवार सचिवालय में सरकारी गतिविधियों पर साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग में उन्होंने कहा, "सरकार इन घटनाओं को अवामी लीग का आतंक मानती है."
उन्होंने आगे कहा, "अगर विदेश में अवामी लीग का कोई व्यक्ति ऐसे कदम उठाने की कोशिश करता है, तो इस पर एक्शन लिया जाएगा."
राज्य मंत्री का दर्जा रखने वाले ज़ाहिद ने कहा कि यूनुस अभी अमेरिका में हैं, जहां एयरपोर्ट पर उन्हें परेशान करने की कोशिश की गई. उन्होंने कहा कि यह घटना शेख हसीना के देश से भागने के बाद यूनुस के देश की कमान संभालने से जुड़ी हो सकती है.
जाहिद ने कहा कि अंतरिम सरकार के प्रमुख के तौर पर यूनुस के कामों की जायज़ आलोचना हो सकती है, लेकिन इस तरह परेशान करना मंज़ूर नहीं है. उन्होंने कहा कि सरकार इस बात की जांच करेगी कि पूर्व मुख्य सलाहकार के तौर पर यूनुस के VVIP स्टेटस से जुड़ी व्यवस्थाओं में कोई चूक तो नहीं हुई.
उन्होंने कहा, "जाहिर है यह अपराध करने वालों के ख़िलाफ़ कानूनी कार्रवाई की जाएगी. मुझे उस कानूनी प्रक्रिया के बारे में पता है जो एक अभिनेत्री के साथ बदसलूकी के बाद शुरू हुई थी. इस मामले में भी वैसा ही होगा." ये मामला अभिनेत्री अजमेरी हक बधन से जुड़ा है.
एक सवाल के जवाब में ज़ाहिद ने कहा कि मीडिया संस्थान घटनाओं को अपने नजरिए से देखने के लिए आज़ाद हैं, लेकिन जो कोई भी कानूनी सीमा पार करेगा, उसे कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है.