ईरान पर हमला कर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अब अपने ही घर में घिरते जा रहे हैं. अमेरिका के पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) जॉन बोल्टन ने ट्रंप पर हमला बोलते हुए कहा कि प्रेसिडेंट को शायद लगा होगा कि वह वेनेजुएला की तरह ही ईरान में भी जल्दी से तख्तापलट कर सकते हैं, जो उनके हिसाब से पूरी तरह गलत था.
इंडिया टुडे को दिए इंटरव्यू में जॉन बोल्टन ने कहा, 'उन्हें शायद लगा है कि वह वेनेजुएला जैसा कर सकते हैं. लेकिन जब उन्होंने ऐसा सोचा, तब वह गलत थे. आज वह साफ तौर पर गलत हैं.'
उन्होंने यह भी कहा कि ट्रंप बिना सोचे-समझे काम करते हैं. जॉन बोल्टन, ट्रंप के पिछली सरकार में NSA थे. उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रंप अक्सर मिलिट्री कैंपेन के लिए जरूरी प्लानिंग किए बिना ही बड़े फैसले ले लेते हैं. उन्होंने कहा, 'मुझे शक है कि वह इसके लिए तैयार है, क्योंकि वह शायद ही कभी किसी चीज के लिए तैयार होते हैं. वह स्ट्रेटजिक सोच को फॉलो नहीं करते. वह आवेश में आकर काम करते हैं.'
बोल्टन ने कहा कि उनके पहले कार्यकाल में भी उन्हें साफ-साफ बताया गया था कि ईरान में तख्तापलट के क्या खतरे हो सकते हैं. उन्हें बताया गया था कि होर्मुज स्ट्रेट और फारस की खाड़ी से तेल के आने-जाने पर खतरा हो सकता है.
बोल्टन ने अमेरिकी सेना की तारीफ की
ट्रंप के काम करने के तरीके की बुराई करने के बावजूद, जॉन बोल्टन ने अब तक मिलिट्री कैंपेन के कुछ हिस्सों की भी तारीफ की. उन्होंने कहा कि अब तक की मिलिट्री परफॉर्मेंस बहुत बढ़िया रही है और इशारा किया कि ईरान की मिलिट्री क्षमता के बड़े हिस्से पहले ही कमजोर हो चुके हैं.
उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि उनका कम्युनिकेशन, कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम असरदार तरीके से खत्म कर दिया गया है. उनके कई जरूरी एसेट्स खत्म कर दिए गए हैं.' उन्होंने कहा कि ईरान की एयर फोर्स और नेवी को काफी हद तक खत्म कर दिया गया है, हालांकि खाड़ी में शिपिंग के लिए खतरा अब भी बना हुआ है.
'नेतन्याहू नहीं, ट्रंप का फैसला था'
बोल्टन ने उन दावों को भी खारिज कर दिया कि इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अमेरिका को युद्ध में धकेला था. उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि नेतन्याहू, ट्रंप को बहका सकते हैं. उन्होंने कहा कि यह फैसला ट्रंप का था. उन्होंने कहा कि ट्रंप सरकार को जल्द से जल्द अपने मकसद साफ करने चाहिए.