फ्लाईदुबई के को-पायलट हमाम अल-हम्मामी, जिसने कैप्टन स्मित मछार पर हमला किया था, उसे पैसेंजर जेट का कंट्रोल संभालने से पहले ही 'संभावित मुसीबत' (पोटेंशियल प्रॉब्लम) मान लिया गया था. अब अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने सवाल उठाया है कि उसे एयरक्राफ्ट के कॉकपिट में वापस जाने की इजाजत कैसे दी गई.
बता दें, वेंस की यह टिप्पणी उन खबरों के बाद आई है जिनमें कहा गया था कि ओमान के अधिकारियों ने पहले अल-हम्मामी के व्यवहार को लेकर चिंता जताई थी और उसे उड़ान भरने की ड्यूटी से हटा दिया गया था. इसके बावजूद, बाद में फ्लाईदुबई ने उसे नौकरी पर रखा और दुबई-तेल अवीव रूट समेत पैसेंजर उड़ानों की जिम्मेदारी सौंपी.
सोमवार को वेंस ने कहा, 'इस कहानी में दिलचस्प बात यह है कि हमें पता था कि वह व्यक्ति समस्या पैदा कर सकता है, मेरा मतलब अमेरिकी खुफिया एजेंसी से नहीं है लेकिन अगर आप इतिहास देखें, तो उस व्यक्ति को एयरलाइन के लिए उड़ान नहीं भरनी चाहिए थी.
वेंस ने कहा कि इस घटना के बाद अमेरिकी प्रशासन अपनी एविएशन सिक्योरिटी प्रक्रियाओं की बारीकी से समीक्षा कर रहा है, खासकर इस बात की कि अधिकारी यह कैसे तय करते हैं कि कोई व्यक्ति पैसेंजर एयरक्राफ्ट उड़ाने के लायक है या नहीं.
बता दें, हमाम अल-हमामी एक ओमानी नागरिक है, जिसका नाम दुबई से इजरायल जा रही एक यात्री उड़ान में हुई घटना के बाद सामने आया. वह विमान में को-पायलट के रूप में काम कर रहा था. उस पर भारतीय कप्तान के साथ कॉकपिट में हमला करने और विमान पर कंट्रोल हासिल करने की कोशिश करने का आरोप लगाया गया.
हमाम अल-हमामी का जन्म संयुक्त अरब अमीरात में हुआ था. उसके पिता ओमानी और मां सीरियाई थीं. उसके पास ओमान की नागरिकता है. बताया गया है कि उसने अपने जीवन का एक बड़ा हिस्सा ओमान से बाहर बिताया और कई सालों तक सीरिया में भी रहा.