मिडिल-ईस्ट में चल रहा युद्ध थमने का नाम नहीं ले रहा है. इजरायल और अमेरिका अब ईरान के खिलाफ एक बड़े जमीनी हमले की तैयारी में जुट गए हैं. युद्ध के 10वें दिन भी इजरायल के कई हिस्सों में सायरन और धमाकों की आवाजें गूंज रही हैं.
'आज तक' की टीम इजरायल के तेल अवीव पहुंची और वहां से ग्राउंड रिपोर्ट दी. इजरायल में हालात तनावपूर्ण हैं. लोग सायरन बजते ही तुरंत बॉम्ब शेल्टरों की ओर भागते हैं. तेल अवीव और मध्य जिलों को बहुत टारगेट किया जा रहा है. ऐसे में सरकार ने बहुत अलर्ट रहने के आदेश दिए हैं. यहां हर 200 मीटर पर एक शेल्टर बनाया गया है ताकि लोग अपनी जान बचा सकें.
वहीं, अमेरिकी अधिकारियों ने संकेत दिया है कि फिलहाल हवाई हमले कुछ और दिनों तक जारी रहेंगे. इसका मकसद ईरान की सैन्य शक्ति को पूरी तरह तोड़ना है, ताकि अगर भविष्य में सैनिकों को जमीन पर उतारना पड़े, तो जीत आसान हो सके.
क्यों ईरान पर हमले कर रहा इजरायल?
इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने साफ किया है कि ये युद्ध ईरान के परमाणु कार्यक्रम को रोकने के लिए जरूरी है. कहा जा रहा है कि ईरान ने पिछले साल से अब तक इतना यूरेनियम जमा कर लिया है कि वो कभी भी परमाणु बम बना सकता है. इजरायल को डर है कि ईरान अपने परमाणु ठिकानों को जमीन की इतनी गहराई में न ले जाए जहाँ उन पर हमला करना नामुमकिन हो जाए.
इजरायल में 'क्लस्टर बम' की आहट और तबाही
रविवार को उत्तरी तेल अवीव और पैता टिकवा के इलाकों में भारी नुकसान की खबरें आईं. एक सवाल ये भी है कि क्या ईरान की बैलिस्टिक मिसाइलें अब 'क्लस्टर बम' लेकर आ रही हैं? अंतरराष्ट्रीय स्तर पर युद्ध में इन बमों के इस्तेमाल पर पाबंदी है. इजरायली प्रशासन फिलहाल इसकी जांच कर रहा है कि ये नुकसान सीधे हमले से हुआ है या मिसाइलों के मलबे से.
छह महीने तक खिंच सकता है युद्ध
ईरान ने दावा किया है कि वो इस युद्ध को छह महीने से भी ज्यादा समय तक खींचने के लिए तैयार है. वहीं, अमेरिका की नीति को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं कि वो युद्ध शुरू करना तो जानता है, लेकिन उसे खत्म करना नहीं आता. दूसरी तरफ नेतन्याहू ने चेतावनी दी है कि ईरान में जो भी नया नेता या उत्तराधिकारी चुना जाएगा, वो इजरायल के निशाने पर होगा.
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जानें क्या है ताजा अपडेट
बता दें कि यूएस-इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध को 10 दिन हो चुके हैं. इन हमलों में अब तक ईरान में करीब 1,230 लोग मारे जा चुके हैं. वहीं, लेबनान में 400 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है. अमेरिकी-इजरायली हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई थी. उनकी मौत के 9 दिन बाद उनके बेटे मोजतबा खामेनेई को ईरान का नया सुप्रीम लीडर बनाया गया है.