ईरान की रक्षा परिषद ने सोमवार को चेतावनी दी कि अगर अमेरिका और इजरायल ने देश के तटों या द्वीपों पर किसी भी तरह का हमला किया तो पूरे फारस की खाड़ी (Persian Gulf) में बारूद बिछा देंगे. ईरान ने कहा कि वो फारस की खाड़ी में विस्फोटक समुद्री बारूदी सुरंगें बिछा देगा.
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, रक्षा परिषद ने कहा कि अगर ईरान ऐसा करता है तो खाड़ी क्षेत्र में जहाजों के रास्ते और संचार लाइनें बुरी तरह प्रभावित होंगी. परिषद ने चेताया कि ये माइन सीधे ईरान के तट से भी छोड़ी जा सकती हैं.
परिषद ने अपने बयान में कहा, 'ईरान के तटों या द्वीपों पर हमला करने की किसी भी कोशिश की स्थिति में खाड़ी देशों तक जाने वाले सभी रास्तों को अलग-अलग तरह की समुद्री बारूदी सुरंगों से भर दिया जाएगा. इनमें तैरने वाली माइन भी शामिल होंगी जिन्हें तट से छोड़ा जा सकता है.'
बयान में आगे कहा गया, 'ऐसी स्थिति में पूरा खाड़ी क्षेत्र लंबे समय तक होर्मुज स्ट्रेट जैसी स्थिति में आ जाएगा. 1980 के दशक में कुछ ही समुद्री माइन हटाने में 100 से ज्यादा माइनस्वीपर जहाज लग गए थे. वो बुरी तरह विफल रहे थे, उनकी विफलता को नहीं भूलना चाहिए.'
ईरान की तरफ से यह धमकी भरा बयान ऐसे वक्त में आया है जब खबर आ रही है कि अमेरिका इस क्षेत्र में मरीन तैनात कर सकता है.
ईरान के खार्ग द्वीप पर कब्जे की प्लानिंग में अमेरिका
एक्सियोस की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका ईरान पर दबाव बनाने के लिए उसके मुख्य तेल निर्यात केंद्र खार्ग द्वीप पर कब्जा करने या उसे ब्लॉक करने की प्लानिंग करने पर विचार कर रहा है, ताकि ईरान होर्मुज स्ट्रेट को सभी जहाजों के लिए फिर से खोल दे. वहीं, इजरायल ने भी संकेत दिया है कि वो युद्ध में जमीनी कार्रवाई कर सकता है.
डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को होर्मुज स्ट्रेट खोलने के लिए 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है जो मंगलवार आधी रात से ठीक पहले खत्म होने वाली है. इससे तनाव और बढ़ गया है और वैश्विक स्तर पर प्राकृतिक गैस और पेट्रोल की कीमतों में तेजी आई है. ट्रंप ने सोशल मीडिया पर चेतावनी दी है कि अगर ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट नहीं खोला तो अमेरिका उसके पावर प्लांट्स को 'पूरी तरह तबाह' कर देगा.
मिडिल ईस्ट में तेज होगी जंग की आग
28 फरवरी को ईरान के खिलाफ शुरू हुआ अमेरिका और इजरायल का युद्ध बढ़ता ही जा रहा है. इजरायल ने सोमवार को ईरान की राजधानी तेहरान पर बड़े हमले किए और कहा कि उसने इंफ्रास्ट्रक्चर ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हमलों की शुरुआत कर दी है.
इसके जवाब में, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में अबू धाबी के अल धफरा एयर बेस के पास एयर डिफेंस सिस्टम ने एक बैलिस्टिक मिसाइल को मार गिराया, हालांकि जमीन पर एक व्यक्ति छर्रे लगने से घायल हो गया.
बहरीन और कुवैत में चेतावनी के सायरन सुने गए जबकि सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि उसने रियाद की ओर आ रही ईरानी मिसाइल को इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया और पूर्वी प्रांत में ड्रोन भी इंटरसेप्ट हुए.
ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, अब तक युद्ध में मरने वालों की संख्या 1500 से ज्यादा हो चुकी है. वहीं ईरानी हमलों में इजरायल में 15 लोगों की मौत हुई है. वेस्ट बैंक व खाड़ी के अरब देशों में भी दर्जनों नागरिक मारे गए हैं.