scorecardresearch
 

ईरान में महंगा हुआ पेट्रोल, ज्यादा इस्तेमाल करने वालों के लिए दोगुनी हुई कीमत

ईरान में पेट्रोल की कीमत बढ़ गई है. अब तय सीमा से ज्यादा पेट्रोल खरीदने वालों को ज्यादा पैसे देने होंगे. नई व्यवस्था के तहत 110 लीटर से ज्यादा पेट्रोल खरीदने पर दोगुनी कीमत चुकानी होगी. सरकार ने यह फैसला ऐसे समय में लिया है, जब देश में महंगाई बढ़ रही है और मुद्रा कमजोर हो रही है.

Advertisement
X
ईरान में ज्यादा पेट्रोल खर्च करने वालों के लिए दाम बढ़ा दिए गए हैं. (Representational image-pixabay)
ईरान में ज्यादा पेट्रोल खर्च करने वालों के लिए दाम बढ़ा दिए गए हैं. (Representational image-pixabay)

ईरान ने ज्यादा पेट्रोल इस्तेमाल करने वाले लोगों के लिए कीमत बढ़ा दी है. मंगलवार से नई दर लागू हो गई है. अब तय सीमा से ज्यादा पेट्रोल खरीदने वालों को पहले के मुकाबले दोगुनी कीमत चुकानी होगी. यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है, जब ईरान पहले से युद्ध और महंगाई की मार झेल रहा है.

नई व्यवस्था के तहत हर महीने 110 लीटर से ज्यादा पेट्रोल खरीदने वालों को 1 लाख रियाल प्रति लीटर देना होगा. यह करीब 7 सेंट के बराबर है. दिसंबर से अब तक ऐसे लोगों को 50 हजार रियाल प्रति लीटर देना पड़ रहा था. यानी नई दर पहले से दोगुनी है.

सरकारी तेल वितरण कंपनी के प्रमुख केरामत वैस करामी ने बताया कि इस बढ़ोतरी का असर करीब 15 फीसदी उपभोक्ताओं पर पड़ेगा. सरकार का कहना है कि बढ़ी हुई कीमत से मिलने वाला अतिरिक्त पैसा परिवारों को दिया जाएगा.

हालांकि सरकार ने पेट्रोल की कीमत बढ़ाने की वजह के तौर पर सीधे अमेरिका के साथ चल रहे युद्ध का जिक्र नहीं किया. सरकार ने सिर्फ मौजूदा हालात का हवाला दिया है. ईरान में पेट्रोल की कीमत बढ़ाना बेहद संवेदनशील मुद्दा माना जाता है.

Advertisement

यह भी पढ़ें: अमेरिकी हमले के बाद ईरान का बड़ा कदम, होर्मुज के बाहर ‘एक्सक्लूजन जोन’ बनाने की तैयारी

ईरान में पेट्रोल की कीमत दुनिया में सबसे कम दरों में शामिल है. लेकिन देश की आर्थिक स्थिति लगातार खराब हो रही है. ईरानी मुद्रा रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच चुकी है. लोगों की खरीदने की क्षमता भी कम हुई है. सोमवार को अमेरिकी डॉलर 22.2 लाख रियाल पर ट्रेड कर रहा था. वहीं देश में सालाना महंगाई दर करीब 67 फीसदी है. ऐसे में पेट्रोल महंगा होने से आम लोगों की मुश्किलें और बढ़ने की आशंका है.

पेट्रोल की खपत भी रिकॉर्ड स्तर पर

ईरान में पेट्रोल की खपत लगातार बढ़ रही है. अगस्त में देश में हर दिन करीब 14.5 करोड़ लीटर पेट्रोल की खपत हुई. यह अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है. वहीं देश में रोजाना करीब 12.2 करोड़ लीटर पेट्रोल का उत्पादन होता है.

प्रोडक्शन और खपत के बीच करीब 2.3 करोड़ लीटर का अंतर है. इस कमी को पूरा करने के लिए ईरान को पेट्रोल आयात करना पड़ता है. विशेषज्ञों का कहना है कि कीमत बढ़ने से पेट्रोल की खपत कम हो सकती है. ईरान में बड़ी संख्या में पुरानी गाड़ियां चलती हैं. इनमें ईंधन की खपत ज्यादा होती है. स्पेयर पार्ट्स की समस्या और कमजोर सार्वजनिक परिवहन भी ज्यादा पेट्रोल खपत की वजह मानी जाती है.

Advertisement

यह भी पढ़ें: 'बिना परमिशन घुसे तो लगेगा बैन...', होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान का नया खेल, जहाजों को चेतावनी

2019 में कीमत बढ़ने पर हुए थे बड़े प्रदर्शन

ईरान में पेट्रोल की कीमत बढ़ने का पुराना इतिहास भी काफी संवेदनशील रहा है. 2019 में पेट्रोल की कीमत बढ़ाने के बाद देशभर में बड़े विरोध प्रदर्शन हुए थे. इसके बाद सरकार ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई की थी. उस दौरान 300 से ज्यादा लोगों के मारे जाने की रिपोर्ट सामने आई थी.

इससे पहले 1964 में भी पेट्रोल की कीमत बढ़ाने पर विरोध हुआ था. उस समय हड़ताल पर गए टैक्सी चालकों की जगह सैन्य वाहनों का इस्तेमाल करना पड़ा था.

ताजा बढ़ोतरी ने एक बार फिर आम लोगों पर आर्थिक दबाव बढ़ा दिया है. सरकार का कहना है कि इससे मिलने वाला अतिरिक्त पैसा परिवारों तक पहुंचाया जाएगा. वहीं विशेषज्ञों को डर है कि पेट्रोल महंगा होने से दूसरी जरूरी चीजों की कीमत भी बढ़ सकती है. ऐसे में युद्ध, कमजोर मुद्रा और महंगाई के बीच ईरान के लोगों की मुश्किलें और बढ़ने की आशंका है.


 

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement