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मंत्री हरपाल सिंह चीमा से ड्रग्स की शिकायत, बाद में शख्स ने खाया जहर, विपक्ष ने AAP को घेरा

पंजाब के संगरूर में ड्रग्स को लेकर विवाद बढ़ गया है. गुलजार सिंह नाम के शख्स ने मंत्री हरपाल सिंह चीमा से ड्रग्स की शिकायत की थी. उन्होंने गांव में खुलेआम ड्रग्स बिकने की बात कही थी. इसके बाद उन्होंने जहर खा लिया.

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 पंजाब के वित्त मंत्री और AAP नेता हरपाल सिंह चीमा से शख्स ने शिकायत की थी. (Photo: X/@HarpalCheemaMLA)
पंजाब के वित्त मंत्री और AAP नेता हरपाल सिंह चीमा से शख्स ने शिकायत की थी. (Photo: X/@HarpalCheemaMLA)

पंजाब के संगरूर में ड्रग्स को लेकर सियासी विवाद बढ़ गया है. दरअसल, यहां 50 साल के गुलजार सिंह ने कथित तौर पर जहरीला पदार्थ खा लिया. इससे पहले उन्होंने पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के सामने गांव में खुलेआम ड्रग्स बिकने का मुद्दा उठाया था. गुलजार सिंह की हालत गंभीर बताई जा रही है. उनका इलाज लुधियाना के DMC अस्पताल में चल रहा है.

गुलजार सिंह तुर बंजारा गांव के रहने वाले हैं. बताया जा रहा है कि वह गांव में एक विकास कार्यक्रम के दौरान मंत्री हरपाल सिंह चीमा से मिले थे. इसी दौरान उन्होंने गांव में खुलेआम ड्रग्स बिकने की शिकायत की. उन्होंने मंत्री को यह भी बताया कि उनका बेटा चिट्टा का आदी है. मालूम हो, पंजाब में हेरोइन के लिए चिट्टा शब्द का इस्तेमाल आम तौर पर किया जाता है.

पंचायत पर दबाव बनाने का आरोप

गुलजार के परिवार और गांव के कुछ लोगों ने पंचायत के सदस्यों पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि मंत्री के सामने ड्रग्स का मुद्दा उठाने के बाद गुलजार पर माफी मांगने का दबाव बनाया गया. परिवार का दावा है कि इस दबाव से गुलजार परेशान हो गए. इसके बाद उन्होंने जहरीला पदार्थ खा लिया.

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घटना के बाद उन्हें पहले संगरूर के सरकारी अस्पताल ले जाया गया. हालत गंभीर होने पर उन्हें पटियाला के राजिंदरा अस्पताल रेफर किया गया. बाद में उन्हें लुधियाना के DMC अस्पताल ले जाया गया. वहां उनका इलाज चल रहा है.

घटना की जानकारी मिलने के बाद वरिष्ठ पुलिस अधिकारी रुपिंदर कौर बाजवा अस्पताल पहुंचीं. उन्होंने गुलजार और उनके परिवार के बयान दर्ज किए जाने की बात कही. पुलिस का कहना है कि बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है. गुलजार पर दबाव बनाया गया था या नहीं. इसकी भी जांच होगी. पुलिस घटना से जुड़े दूसरे पहलुओं को भी देख रही है.

सरपंच पक्ष ने आरोपों को बताया गलत

गुलजार के परिवार के आरोपों को सरपंच पक्ष ने खारिज किया है. सरपंच बलजिंदर कौर सिद्धू के पति बलजीत सिंह ने आरोपों को पूरी तरह गलत बताया है. उनका कहना है कि गुलजार ने मंत्री के सामने गांव में ड्रग्स का मुद्दा उठाया था. इसके बाद हरपाल सिंह चीमा और पंचायत के सदस्यों ने उनसे बात की थी. उन्हें समझाया गया था. साथ ही ड्रग्स के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा भी दिया गया था.

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 बलजीत सिंह का कहना है कि गुलजार कार्यक्रम से चले गए थे. बाद में पंचायत को पता चला कि उन्होंने जहरीला पदार्थ खा लिया है. उन्होंने किसी तरह की धमकी देने या बहस होने से इनकार किया है. उन्होंने यह भी कहा कि गांव के दो युवकों की पहले ड्रग्स से जुड़ी वजहों के कारण मौत हो चुकी है.

संगरूर में ड्रग्स को लेकर यह विवाद ऐसे समय सामने आया है, जब कुछ दिन पहले भी इसी मुद्दे पर विरोध हुआ था. 2 सितंबर को मुख्यमंत्री भगवंत मान के लोक मिलनी कार्यक्रम में एक युवक ने विरोध किया था. सुनाम विधानसभा क्षेत्र के शेरों गांव में 37 साल के मोहंजीत सिंह एक पड़ोसी के घर की छत पर चढ़ गए थे. उन्होंने हाथ में काला झंडा लहराया. उन्होंने सरकार के ड्रग्स के खिलाफ अभियान पर सवाल उठाए थे.

 पुलिस ने मोहंजीत को हिरासत में लिया था. अगले दिन उन्हें जमानत पर छोड़ दिया गया. इसके बाद उन्होंने पुलिस हिरासत में मारपीट का आरोप लगाया था. उन्हें संगरूर के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया था. हालांकि, पुलिस ने कहा था कि मोहंजीत के खिलाफ पहले से आठ FIR दर्ज हैं. पुलिस ने उन्हें हिस्ट्रीशीटर बताया था. पुलिस के मुताबिक, उनका डोप टेस्ट भी पॉजिटिव आया था.

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विपक्ष ने AAP सरकार को घेरा

गुलजार सिंह की घटना के बाद विपक्ष ने पंजाब की भगवंत मान सरकार पर हमला बोला है. शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि ड्रग्स का मुद्दा उठाने के बाद गुलजार को अपमानित किया गया और दबाव बनाया गया.

कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैरा ने भी सरकार पर सवाल उठाए. उन्होंने आरोप लगाया कि ड्रग्स के मुद्दे पर सवाल पूछने के बाद गुलजार मानसिक दबाव में आए. खैरा ने मंत्री और कथित तौर पर शामिल लोगों के खिलाफ FIR की मांग की.

यह भी पढ़ें: पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल चीमा को समन जारी, 15 नवंबर को कोर्ट में पेश होने के आदेश

 पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने भी घटना पर सरकार को घेरा. उन्होंने कहा कि ड्रग्स के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों को डराने का आरोप गंभीर है.

 पंजाब कांग्रेस ने भी मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की है. पार्टी ने कहा कि गुलजार को न्याय मिलना चाहिए. हालांकि, विपक्ष के लगाए आरोप अभी साबित नहीं हुए हैं. पुलिस गुलजार और उनके परिवार के बयान दर्ज कर रही है. जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति साफ होगी.

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