अमेरिका और इजरायल के हमलों को देखते हुए ईरान ने वैश्विक व्यापार के लिए अहम समुद्री रास्ते होर्मुज स्ट्रेट को बंद कर दिया है. इस रास्ते के बंद होने से तेल और गैस की कीमतें आसमान छू रही हैं और दुनिया के सभी देशों पर इसका बुरा असर पड़ रहा है. दुनिया के देश होर्मुज को खोलने पर जोर दे रहे हैं और अब ईरान के अहम सहयोगी चीन ने भी कह दिया है कि होर्मुज को खोला जाना चाहिए.
गुरुवार को जर्मनी के विदेश मंत्री जोहान वाडेफुल ने अपने चीनी समकक्ष वांग यी से फोन पर बातचीत की जिस दौरान दोनों देशों ने होर्मुज को खोले जाने पर सहमति जताई. उन्होंने कहा कि जर्मनी और चीन, मध्य पूर्व में बढ़ते संकट को लेकर चिंतित हैं.
बातचीत के दौरान वांग यी ने जर्मन विदेश मंत्री की इस बात पर सहमति जताई है कि होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों के आने-जाने की आजादी बहाल करने की जरूरत है. बर्लिन के विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों नेता इस बात पर सहमत हुए कि किसी एक देश का समुद्री मार्गों पर कंट्रोल नहीं होना चाहिए और न ही वहां से गुजरने वाले जहाजों से टोल वसूला जाना चाहिए.
युद्ध खत्म करवाने के लिए ईरान पर अपने प्रभाव का इस्तेमाल करे चीन
जर्मनी के विदेश मंत्रालय की तरफ से कहा गया कि बातचीत के दौरान जर्मन विदेश मंत्री ने वांग यी से कहा कि चीन अपने प्रभाव का इस्तेमाल ईरान पर कर सकता है, ताकि बातचीत के जरिए समाधान निकाला जा सके और खाड़ी देशों के खिलाफ जारी तनाव को खत्म किया जा सके.
जोहान वाडेफुल ने सोशल मीडिया पर जारी बयान में कहा, 'चीन ईरान पर अपने प्रभाव का सही तरीके से इस्तेमाल कर सकता है, ताकि बातचीत के जरिए समाधान निकले और खाड़ी देशों के खिलाफ जारी सैन्य गतिविधियों को रोका जा सके.'
उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में जर्मनी और चीन के बीच करीबी बातचीत बेहद जरूरी है. दोनों देश इस संघर्ष को जल्द खत्म करने और अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार की सुरक्षा और स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं.
बात करें चीन की तो, ईरान ने चीन के जहाजों के लिए होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह खोल रखा है और उससे टोल भी नहीं ले रहा.
ईरान का कहना है कि मित्र देशों के जहाजों के लिए होर्मुज बंद नहीं है. ईरान चीन, रूस, भारत, पाकिस्तान, ईराक, थाईलैंड जैसे देशों के जहाजों को होर्मुज से गुजरने की इजाजत दे रहा है.