पश्चिम एशिया तनाव के बीच भारत ने कच्चे तेल की सप्लाई के लिए नए सप्लायर जोड़े हैं. सरकार ने नाइजीरिया जैसे अफ्रीकी देशों से तेल खरीदना शुरू कर दिया है. नई दिल्ली के कर्तव्य भवन में हुई एक बड़ी बैठक के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने खुद इस बात की जानकारी दी. उन्होंने साफ कहा कि देश में पेट्रोल, डीजल या किसी भी जरूरी सामान की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी. भारत सरकार ने इसके लिए नए समझौतों पर हस्ताक्षर भी कर दिए हैं. इसलिए आम जनता को घबराने या पैनिक होकर फालतू खरीदारी करने की कोई जरूरत नहीं है.
राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में मंत्रियों के एक विशेष समूह (IGoM) ने देश की तैयारियों को लेकर छठी समीक्षा बैठक की. इस बैठक में जेपी नड्डा, पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और मनसुख मांडविया समेत कई केंद्रीय मंत्री शामिल हुए. बैठक में देश में जरूरी सामान की उपलब्धता और सप्लाई व्यवस्था की समीक्षा की गई, ताकि वैश्विक संकट का असर आम लोगों के बजट पर न पड़े. सरकार ने बताया कि इस समय देश में एलपीजी का रिकॉर्ड उत्पादन हो रहा है.
बैठक के बाद रक्षा मंत्री ने देश की जनता को भरोसा दिलाया कि भारत में ईंधन की सप्लाई की स्थिति पूरी तरह नॉर्मल है. सरकार हर जरूरी चीज की उपलब्धता बनाए रखने के लिए जमीन पर पूरा जोर लगा रही है. इस मुश्किल समय में बेहतरीन लीडरशिप के लिए मंत्रियों के समूह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार भी जताया. मंत्रियों का कहना है कि पीएम मोदी की नीतियों की वजह से ही भारत समय रहते बैकअप प्लान तैयार करने में कामयाब रहा.
सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर चल रही किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और बिना वजह घबराने से बचें. खासतौर पर पेट्रोल पंपों पर जाकर तेल जमा करने की होड़ न लगाने की सलाह दी गई है, क्योंकि इससे अनावश्यक दिक्कतें पैदा हो सकती हैं. सरकार ने यह भी कहा है कि पैनिक बाइंग यानी डर के कारण जरूरत से ज्यादा सामान खरीदने की आदत से लोगों को बचना चाहिए.
सरकार ने साफ कर दिया है कि देश में जरूरी सामान, ईंधन की सप्लाई पूरी तरह सामान्य है. तेल, एलपीजी, राशन जैसी चीजों की कोई कमी नहीं है. ऐसे में लोगों को किल्लत को लेकर चिंता करने की बिल्कुल जरूरत नहीं है, बाजार व्यवस्था हमेशा की तरह चल रही है.