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Supreme Court SIR Hearing Live: 'SIR की प्रक्रिया में कोई खामी नहीं', आ गया सुप्रीम कोर्ट का फैसला

aajtak.in | 27 मई 2026, 11:44 AM IST

SC Verdict Today Live Updates: बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुना दिया है. कोर्ट ने स्पष्ट किया SIR की प्रक्रिया में कोई खामी नहीं है.

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Supreme Court Hearing SIR: बिहार में SIR को लेकर आज 'सुप्रीम' फैसला आ गया है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि SIR की प्रक्रिया में कोई खामी नहीं है और यह प्रक्रिया पूरी तरह संवैधानिक है. इस फैसले के साथ ही यह भी स्पष्ट हो गया है कि चुनाव आयोग की जो शक्तियां हैं वह बरकरार हैं.

असल में याचिकाओं में पहले दावा किया गया था कि संविधान के अनुच्छेद 326, जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 और उसके तहत बनाए गए नियमों के तहत चुनाव आयोग को इतने बड़े स्तर पर SIR कराने का अधिकार नहीं है.

इन याचिकाओं पर सुनवाई कर रही चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने 29 जनवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था. 27 मई 2026 बुधवार को फैसला सुनाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि SIR की प्रक्रिया पूरी तरह वैध और कानूनी है.  

SIR को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले से जुड़े सभी Updates जानने के लिए LIVE Blog से जुड़े रहें.

11:28 AM (58 मिनट पहले)

Bihar sir Verdict Supreme Court Live: SIR के दौरान चुनाव आयोग ने किसी की नागरिकता तय नहीं की: सुप्रीम कोर्ट

Posted by :- Vikas Kumar Porwal

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि SIR प्रक्रिया वैध है और इस पर कोई रोक नहीं लगाई जा सकती. अदालत ने माना कि चुनाव आयोग ने यह प्रक्रिया अपने संवैधानिक अधिकारों के तहत की है. कोर्ट ने कहा कि वोटर लिस्ट से नाम हटाने में नियमों का पालन किया गया और लोगों को नोटिस देने व अपनी बात रखने का मौका भी मिला. अदालत ने यह भी कहा कि कौन-कौन से दस्तावेज मान्य होंगे, यह तय करने का अधिकार चुनाव आयोग के पास है. आधार कार्ड को भी कोर्ट के आदेश के बाद दस्तावेजों की सूची में शामिल किया गया और यह व्यवस्था मनमानी नहीं है.

सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया कि SIR के दौरान चुनाव आयोग ने किसी की नागरिकता तय नहीं की, बल्कि सिर्फ यह देखा कि कोई व्यक्ति वोटर लिस्ट में शामिल होने के योग्य है या नहीं. अदालत ने कहा कि SIR प्रक्रिया से किसी को नागरिकता मिलती या छिनती नहीं है. कोर्ट ने निर्देश दिया कि जिन लोगों के नाम गैर-नागरिक होने के शक में हटाए गए हैं, उनके मामलों को चार हफ्ते के भीतर गृह मंत्रालय और विदेशी न्यायाधिकरण जैसी संबंधित एजेंसियों को भेजा जाए, ताकि नागरिकता पर अंतिम फैसला वही करें.

11:24 AM (एक घंटा पहले)

SIR कराने के लिए EC के पास वैलिड रीजन- सुप्रीम कोर्ट

Posted by :- Vikas Kumar Porwal
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया वैध है और यह चुनाव आयोग की संवैधानिक शक्तियों से परे नहीं जाती. अदालत ने माना कि SIR अभ्यास अनुपातिकता (Proportionality) के सिद्धांत पर खरा उतरता है और इसमें पर्याप्त प्रक्रियात्मक सुरक्षा उपाय मौजूद हैं. कोर्ट ने यह भी कहा कि इस प्रक्रिया को शुरू करने के लिए चुनाव आयोग के पास वैध और उचित आधार थे.
11:21 AM (एक घंटा पहले)

SIR Verdict Supreme Court Live: सुप्रीम कोर्ट ने माना कि EC के पास वोटर लिस्ट में नाम शामिल करने से इनकार का अधिकार

Posted by :- Vikas Kumar Porwal

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि नागरिकता से जुड़ी जांच केवल मतदाता सूची में किसी व्यक्ति का नाम शामिल करने या हटाने के सीमित संदर्भ में ही की जा सकती है. अदालत ने साफ किया कि चुनाव आयोग ने भी इसी सीमित सवाल पर विचार किया है और ऐसी किसी भी जांच को कानून की निर्धारित सीमाओं के भीतर ही किया जाना चाहिए. कोर्ट ने कहा कि यह आकलन केवल परिस्थितियों और उपलब्ध तथ्यों के संदर्भ में होगा. सुप्रीम कोर्ट ने माना कि चुनाव आयोग के पास मतदाता सूची में नाम शामिल करने से इनकार करने का अधिकार है, लेकिन इस तरह की कार्रवाई को नागरिकता तय करने की प्रक्रिया नहीं माना जा सकता.

11:10 AM (एक घंटा पहले)

Bihar sir Verdict Supreme Court Live: SIR में पूरी प्रक्रिया का पालन हुआ- सुप्रीम कोर्ट

Posted by :- Vikas Kumar Porwal

सुप्रीम कोर्ट ने SIR को लेकर बड़ा फैसला सुनाया है. कोर्ट ने कहा कि SIR की प्रक्रिया में पूरे नियमों का पालन हुआ है. SIR चुनाव आयोग का अधिकार है. चुनाव आयोग SIR करा सकता है. उसकी शक्तियां बरकरार हैं. SIR की प्रक्रिया में कोई खामी नहीं है.

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11:06 AM (एक घंटा पहले)

Supreme Court Hearing Live: बिहार में SIR को लेकर जारी अधिसूचना से पैदा हुआ विवाद

Posted by :- Vikas Kumar Porwal

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि विवाद बिहार में SIR को लेकर जारी अधिसूचना से पैदा हुआ. याचिकाओं में चुनाव आयोग द्वारा कराए जा रहे SIR की वैधता को चुनौती दी गई है. अदालत को यह तय करना है कि क्या संविधान के अनुच्छेद 326, जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 और उससे जुड़े नियमों के तहत चुनाव आयोग को वर्तमान स्वरूप में SIR कराने का अधिकार है. इस मामले में एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR), PUCL समेत कई संगठनों के अलावा विपक्षी नेताओं Manoj Jha, Mahua Moitra, K. C. Venugopal, Pappu Yadav और आरजेडी सांसद Sudhakar Singh भी याचिकाकर्ताओं में शामिल हैं.

10:58 AM (एक घंटा पहले)

Bihar sir Verdict Supreme Court Live: सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाना शुरू किया

Posted by :- Vikas Kumar Porwal

सुप्रीम कोर्ट बिहार मे SIR के खिलाफ दाखिल उन याचिकाओं पर फैसला सुनाना शुरू कर दिया है.  चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच फैसला सुना रही है. याचिकाओं में चुनाव आयोग द्वारा वोटर लिस्ट की SIR की वैधता को चुनौती दी गई है.  कोर्ट को यह तय करना है कि क्या चुनाव आयोग को संविधान के आर्टिकल 326, जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 और उससे जुड़े नियमों के तहत वर्तमान स्वरूप में SIR कराने का अधिकार है. और क्या चुनाव आयोग को SIR कराने का अधिकार है. याचिकाकर्ताओं में एसोसिएशन फ़ॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स, PUCL जैसे संगठनों के अलावा  विपक्षी पार्टियों के नेता मनोज झा, महुआ मोइत्रा,के सी वेणुगोपाल,पप्पू यादव,आरजेडी MP सुधाकर सिंह  शामिल हैं.
 

10:46 AM (एक घंटा पहले)

Bihar sir Verdict Supreme Court Live: सुप्रीम कोर्ट में बैठी बेंच, थोड़ी देर में फैसला

Posted by :- Vikas Kumar Porwal

बिहार में SIR वैध या अवैध? इसे लेकर थोड़ी ही देर में फैसला आने वाला है. सुप्रीम कोर्ट में बेंच बैठ चुकी है. अभी फिलहाल अदालत में मेंशनिंग से जुड़े मामलों की सुनवाई की जा रही है. इसके बाद बिहार SIR मामले पर फैसला सुनाया जाएगा. याचिकाकर्ताओं का आरोप था कि यह प्रक्रिया “NRC जैसी” है, जिसमें चुनाव आयोग नागरिकता की जांच कर रहा है, जबकि यह अधिकार केंद्र सरकार के पास है.एडीआर की ओर से पेश वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने SIR प्रक्रिया पूरी करने की समयसीमा पर सवाल उठाए थे. उन्होंने यह भी पूछा था कि 65 लाख मतदाताओं को मृत, पलायन कर चुके या दूसरे निर्वाचन क्षेत्रों में पंजीकृत कैसे घोषित किया गया.
 

10:28 AM (एक घंटा पहले)

Supreme Court Hearing Live: तेजस्वी यादव ने कहा था- हम SIR के विरोध में नहीं, लेकिन प्रक्रिया के खिलाफ

Posted by :- Vikas Kumar Porwal

बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम फैसले को अपनी बड़ी जीत करार दिया था. उन्होंने कहा था कि बिहार बंद हो, सड़क पर आंदोलन हो, सदन में बहस हो या सुप्रीम कोर्ट हो, हमने हर जगह लड़ाई लड़ी और आज उसका परिणाम लोकतंत्र की जीत के रूप में सामने आया है. तेजस्वी ने स्पष्ट किया कि वह SIR का विरोध नहीं कर रहे थे, बल्कि उसकी प्रक्रिया पर सवाल उठा रहे थे. उन्होंने कहा कि आज दूध का दूध और पानी का पानी हो गया है. सुप्रीम कोर्ट ने हमारी सभी मांगों पर मुहर लगाई है. आधार को जोड़ने का फैसला ऐतिहासिक है. सुप्रीम कोर्ट ने 65 लाख वोटरों के नाम बूथ स्तर पर देने और नाम हटाने का कारण बताने का निर्देश भी दिया है.

10:26 AM (एक घंटा पहले)

Supreme Court Hearing SIR Live: सुप्रीम कोर्ट अगस्त 2025 में दिया था अंतरिम आदेश

Posted by :- Vikas Kumar Porwal

सुप्रीम कोर्ट ने पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए अगस्त 2025 में SIR पर अंतरिम आदेश दिए थे.

>मतदाता सूची से नाम हटाने का कारण स्पष्ट रूप से बताना.
>बूथ स्तर पर 65 लाख वोटरों के नाम और विवरण उपलब्ध कराना.
>आधार को मतदाता सूची से जोड़ने के फैसले को ऐतिहासिक बताते हुए उचित प्रक्रिया का पालन करने पर जोर दिया.

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10:22 AM (2 घंटे पहले)

Bihar sir Verdict Supreme Court Live: 10.30 बजे सुप्रीम कोर्ट सुनाएगा फैसला

Posted by :- Vikas Kumar Porwal

बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट बुधवार सुबह 10:30 बजे फैसला सुनाएगा. चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अगुवाई वाली बेंच यह तय करेगी कि मौजूदा स्वरूप में SIR कराने का अधिकार चुनाव आयोग के पास है या नहीं. याचिकाकर्ताओं ने चुनाव आयोग की शक्तियों और SIR प्रक्रिया की वैधता को चुनौती दी है. मामले में यह भी सवाल उठाया गया है कि क्या चुनाव आयोग नागरिकता से जुड़े पहलुओं की जांच कर सकता है, जिसे याचिकाकर्ताओं ने “NRC जैसी प्रक्रिया” बताया है.

10:13 AM (2 घंटे पहले)

Supreme Court Hearing Live: चुनाव आयोग ने किया था SIR का बचाव

Posted by :- Vikas Kumar Porwal

चुनाव आयोग ने SIR के तहत प्रकाशित ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में 65 लाख लोगों के नाम हटाए जाने की जानकारी दी थी. आयोग के नोटिफिकेशन के मुताबिक, जिन मतदाताओं का नाम 2002 या 2003 की मतदाता सूची में नहीं था, उन्हें उस समय की सूची में दर्ज किसी व्यक्ति से पैतृक संबंध साबित करना था.

चुनाव आयोग ने SIR का बचाव करते हुए कहा था कि आधार कार्ड और वोटर आईडी कार्ड को नागरिकता का अंतिम प्रमाण नहीं माना जा सकता.
 

10:11 AM (2 घंटे पहले)

Supreme Court Hearing SIR Live: कोर्ट ने 29 जनवरी को सुरक्षित रख लिया था फैसला

Posted by :- Vikas Kumar Porwal

याचिकाओं पर सुनवाई कर रही चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने 29 जनवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था. याचिकाकर्ताओं में गैर सरकारी संगठन एडीआर (Association for Democratic Reforms) भी शामिल है. बिहार में SIR प्रक्रिया पहले चरण में पूरी की गई थी. सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल 12 अगस्त से मामले में अंतिम सुनवाई शुरू की थी. उस दौरान अदालत ने कहा था कि मतदाता सूची में नाम जोड़ना या हटाना चुनाव आयोग के संवैधानिक अधिकार क्षेत्र में आता है.
 

10:10 AM (2 घंटे पहले)

Supreme Court Hearing SIR: याचिकाओं में ये हैं दावे

Posted by :- Vikas Kumar Porwal

बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट बुधवार को अपना फैसला सुनाने वाला है. याचिकाओं में दावा किया गया है कि संविधान के अनुच्छेद 326, जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 और उसके तहत बनाए गए नियमों के तहत चुनाव आयोग को इतने बड़े स्तर पर SIR कराने का अधिकार नहीं है.
 

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