आज की सबसे बड़ी दस्तक कल की बकरीद से जुड़ी हुई है. बकरीद यानी इंसानियत, भाईचारे और अल्लाह के प्रति अटूट विश्वास का त्योहार. जहां कुर्बानी से मतलब अपने स्वार्थ को छोड़ना है और अच्छाई को अपनाना है. उसी बकरीद पर वर्षों से गोवंश की कुर्बानी बंगाल में चलती रही. वो गोवंश जिसे देश में गोमाता कहकर पूजा जाता रहा है. लेकिन अबकी बंगाल में गोरक्षा का वो पुराना नियम फिर से स्थापित किया गया.