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होर्मुज में टैंकर पर धमाका, UAE पोर्ट पर ड्रोन अटैक... ट्रंप की धमकी के बीच ईरान का शक्ति प्रदर्शन

होर्मुज में तनाव खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है. एक तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नौसेना के जरिए जहाजों को सुरक्षित रास्ता देने की बात कही, तो दूसरी ओर ईरान ने आक्रामक रुख दिखाते हुए ड्रोन हमले किए. दक्षिण कोरियाई जहाज में धमाका और UAE पोर्ट पर आग ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ा दी है.

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होर्मुज में बढ़ते तनाव के बीच जहाज में धमाके और ड्रोन हमले के बाद धुआं उठते देखा गया. (File Photo: ITG)
होर्मुज में बढ़ते तनाव के बीच जहाज में धमाके और ड्रोन हमले के बाद धुआं उठते देखा गया. (File Photo: ITG)

दुनिया के सबसे अहम तेल मार्गों में से एक होर्मुज स्ट्रेट में तनाव खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है. सोमवार को यहां एक दक्षिण कोरियाई व्यापारिक जहाज में धमाका हुआ, जबकि ईरान ने ड्रोन हमले के जरिए UAE के फुजैरा तेल बंदरगाह पर आग लगा दी. यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नौसेना के जरिए इस जलमार्ग को जहाजों के लिए खोलने का ऐलान किया था.

अमेरिकी सेना का दावा है कि उसके झंडे वाले दो व्यापारिक जहाज होर्मुज को सुरक्षित पार कर चुके हैं. हालांकि, उसने यह स्पष्ट नहीं किया कि यह कब हुआ. वहीं ईरान ने इस दावे को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि हाल के घंटों में कोई भी जहाज वहां से नहीं गुजरा है. ट्रंप होर्मुजे को खोलने के लिए नौसेना का इस्तेमाल कर रहे हैं. ऐसे में अमेरिका और ईरान के बीच सीधे टकराव की आशंका पैदा हो गई है. 

ईरान पहले ही साफ कर चुका है कि उसकी अनुमति के बिना कोई जहाज इस रास्ते से नहीं गुजर सकता. पिछले दो महीनों से अमेरिका और इजरायल के साथ बढ़े तनाव के बीच ईरान ने लगभग सभी विदेशी जहाजों के लिए इस होर्मुज को बंद कर दिया है. इससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर बड़ा असर पड़ा है. अमेरिका ने भी जवाब में ईरानी बंदरगाहों से आने-जाने वाले जहाजों पर अलग से नाकेबंदी लागू कर रखी है.

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इसी के बीच होर्मुज में दक्षिण कोरियाई शिपिंग कंपनी के जहाज नामू में धमाका हुआ और आग लग गई. यह पनामा-ध्वज वाला मालवाहक जहाज था, जिसके इंजन रूम में आग लगी. हालांकि किसी के हताहत होने की खबर नहीं है. दक्षिण कोरिया सरकार इस घटना की जांच कर रही है. हमले की आशंका से भी इनकार नहीं किया गया है. उधर, UAE ने फुजैरा बंदरगाह स्थित तेल प्रतिष्ठान में आग लगे की पुष्टि की है.

यह बंदरगाह अहम है, क्योंकि यह होर्मुज के बाहर स्थित है और तेल निर्यात का वैकल्पिक रास्ता माना जाता है. अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा कि उसके गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर जहाज ऑपरेशन में शामिल हैं और जहाजों की आवाजाही सुनिश्चित कर रहे हैं. लेकिन ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने अमेरिकी दावे को झूठा बताते हुए कहा कि कोई भी जहाज होर्मुज स्ट्रेट से पार नहीं हुआ है.

इससे पहले ईरान ने दावा किया था कि उसने एक अमेरिकी युद्धपोत पर गोलीबारी की, हालांकि बाद में इसे चेतावनी के तौर पर चलाई गई गोलियां बताया गया. खाड़ी में बढ़ते तनाव का असर तेल बाजार पर भी दिखा. तेल की कीमतों में 2 से 5 फीसदी तक उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया. वहीं शिपिंग कंपनियां अभी भी इस मार्ग को सुरक्षित मानने को तैयार नहीं हैं. ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने अलग दावा किया है.

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उन्होंने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य पर अमेरिका का नियंत्रण है, लेकिन जमीनी हालात इससे अलग तस्वीर दिखा रहे हैं. ईरान ने साफ चेतावनी दी है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की सुरक्षा उसके हाथ में है और किसी भी विदेशी सैन्य हस्तक्षेप को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. उसने कहा कि यदि अमेरिकी सेना इस क्षेत्र में घुसने की कोशिश करती है, तो उस पर हमला किया जाएगा. किसी तरह का हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं है.

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