स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में बुधवार को भीषण जंग हुई है. दोनों ही पक्षों ने कुल मिलाकर 15 जहाजों को तहस नहस कर दिया. छह महीने से चल रहे युद्ध के दौरान दोनों पक्षों की ओर से जहाजों पर किए गए जवाबी हमलों की यह सबसे बड़ी घटना है. ईरान ने बुधवार को कहा कि उसने होर्मुज स्ट्रेट के पास 10 जहाजों पर हमला किया. यह हमला अमेरिका द्वारा ईरान के पांच तेल टैंकरों को डुबोए जाने के बाद किया गया.
इन हमलों के कारण तेल की कीमतों में भारी उछाल आया और बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स की कीमत जुलाई के बाद पहली बार 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई. खबर है कि एक टैंकर पर सवार कम से कम एक नाविक की मौत हो गई और एक अन्य लापता है.
ईरान ने यह भी कहा कि उसने जॉर्डन में अमेरिकी सेना के इस्तेमाल वाले बेस पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं. अगस्त के आखिर से दोनों तरफ से हो रहे हमलों ने एक महीने की शांति को खत्म कर दिया है; अमेरिका और ईरान ने एक-दूसरे के मिलिट्री, शिपिंग और एनर्जी से जुड़े ठिकानों पर हमले किए हैं.
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने कहा कि वे किसी भी और हमले का बहुत कड़ा जवाब देंगे; अगर दुश्मन दो या तीन हमले करता है, तो वे 20 ठिकानों पर हमला करेंगे. गार्ड्स ने कहा कि ईरान जल्द ही समुद्र में एक नए, बड़े 'नो-गो ज़ोन' का नक्शा जारी करेगा, जो चाबहार तक फैला होगा.
हाल के दिनों में यमन में सऊदी अरब और हूतियों के बीच लड़ाई भी तेज हुई है. यह लड़ाई का दूसरा मोर्चा है, जिससे मिडिल ईस्ट से होने वाली ग्लोबल एनर्जी सप्लाई पर खतरा मंडरा रहा है.
ईरानी टैंकरों में लगी
अमेरिकी सेना ने कहा कि उन्होंने रात भर में ईरान के पांच तेल टैंकरों को नष्ट कर दिया और डूबने से पहले उनमें लगी आग का वीडियो जारी किया. अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड ने इन हमलों को ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स द्वारा पिछले दो दिनों में बैलिस्टिक मिसाइलों से अमेरिकी नौसेना के युद्धपोत को दो बार निशाना बनाने का जवाब बताया. अमेरिका ने कहा कि किसी भी अमेरिकी को कोई नुकसान नहीं पहुंचा.
वॉशिंगटन ने अपने युद्धपोतों के लिए खतरा पैदा करने वाले हमलों के जवाब में ईरानी टैंकरों पर हमला करने की एक नई नीति की घोषणा की है और कहा है कि पिछले एक हफ्ते में उसने अब तक 10 टैंकरों को निशाना बनाया है.
कोलंबिया की यात्रा के दौरान पत्रकारों से बात करते हुए अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा, "ईरान अमेरिकी नौसेना के जहाजों को निशाना बनाने की कोशिश करता रहता है, और हर बार जब वे ऐसा करते हैं या ऐसा करने की कोशिश करते हैं, तो उन्हें अपने टैंकर गंवाने पड़ेंगे." ईरान ने कहा कि उसने जवाब में दो अमेरिकी जहाजों और आठ टैंकरों पर हमला किया.
इस हमले में दुबई के पास लंगर डाले हुए ऑयल प्रोडक्ट्स टैंकर 'हरक्यूलिस स्टार' पर एक नाविक की मौत हो गई और क्रू का एक सदस्य लापता है. मैरीटाइम सिक्योरिटी सूत्रों का कहना है कि हो सकता है कि इसे किसी ड्रोन ने निशाना बनाया हो.
जल गए लाखों बैरल तेल
इराक के दो बंदरगाह अधिकारियों ने बताया कि 'न्यू एंड्रोस' नाम का एक टैंकर जिसमें 20 लाख बैरल फ्यूल ऑयल था, इराकी समुद्री इलाके में ड्रोन हमले के बाद आग की चपेट में आ गया. टैंकर के 22 क्रू सदस्यों में से किसी के हताहत होने की खबर नहीं है. इराकी सरकार ने इस घटना की पुष्टि की और कहा कि टैंकर का इस्तेमाल स्टोरेज के लिए किया जा रहा था.
UKMTO ने बताया कि उसे उत्तरी खाड़ी और ओमान की खाड़ी में कई कमर्शियल जहाजों पर हमले की खबरें मिली हैं, जिनसे वे जहाज बेकार हो गए. ये हमले स्ट्रेट के दोनों ओर हुए.
सरकारी मीडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक ईरान ने कुवैत और बहरीन के बंदरगाहों पर मौजूद तेल टैंकरों को भी धमकी दी. समुद्री सुरक्षा से जुड़े एक सूत्र ने बताया कि संयुक्त अरब अमीरातके खोर फक्कन बंदरगाह पर लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) ले जा रहे एक टैंकर को नुकसान पहुंचा है.
IRGC ने बुधवार को यह भी कहा कि उसने पूर्वी जॉर्डन में अल-अजराक के पास अमेरिकी सेना के एक बेस पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं. जॉर्डन ने कहा कि उसके एयर डिफेंस सिस्टम ने ईरान की 20 में से 18 मिसाइलों को रोक दिया, जबकि दो मिसाइलें बिना किसी नुकसान के आबादी से दूर इलाकों में गिरीं. एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि जॉर्डन में ईरान के हमले बेअसर रहे और सभी अमेरिकी सैनिक सुरक्षित हैं.