अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को लेकर दी गई धमकी के बाद दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया है. ईरान के सशस्त्र बलों के जनरल स्टाफ और खातम अल-अनबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर ने मंगलवार को संयुक्त बयान जारी कर अमेरिका और इजरायल को चेतावनी दी. बयान में कहा गया कि किसी भी हमले के जवाब में ईरान पहले से भी ज्यादा कड़े, विनाशकारी और अप्रत्याशित हमले कर सकता है.
ईरानी सैन्य कमांड ने ट्रंप के संयुक्त राष्ट्र महासभा में दिए बयान को प्रोपेगेंडा बताया. ईरानी सेना ने कहा कि वह हमलावरों के खिलाफ ज्यादा गंभीर और अप्रत्याशित जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है. बयान में कहा गया कि अमेरिका की धमकियों से ईरान के सैन्य रुख या ताकत के आकलन में कोई बदलाव नहीं आएगा.
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ट्रंप ने UNGA में क्या कहा?
डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र को संबोधित करते हुए ईरान को लेकर सख्त बयान दिया. उन्होंने कहा कि उनके सामने एक बड़ा फैसला है. ट्रंप ने संकेत दिया कि ईरान के साथ समझौता होता है तो बातचीत का रास्ता खुल सकता है, लेकिन अगर समझौता नहीं हुआ तो वह ईरान के खिलाफ और कड़ी सैन्य कार्रवाई का फैसला ले सकते हैं और ईरान को नेस्तनाबूद कर सकते हैं.
ट्रंप ने ईरान पर परमाणु हथियार हासिल करने की कोशिश करने का आरोप भी लगाया. हालांकि ईरान इन आरोपों को खारिज करता रहा है. ट्रंप के बयान के बाद ईरानी सैन्य अधिकारियों ने कहा कि अमेरिका की धमकियां उसकी ताकत नहीं, बल्कि रणनीतिक मुश्किलों को दिखाती हैं.
धमकियों के बीच बातचीत भी जारी
दोनों देशों के बीच तीखी बयानबाजी के बावजूद कूटनीतिक बातचीत की कोशिशें जारी हैं. अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ ने सोशल मीडिया पर बताया कि मंगलवार को अमेरिका और ईरान के बीच लंबी बातचीत हुई. यह बातचीत संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान मध्यस्थों के जरिए हुई, जो पूरे दिन दोनों पक्षों के बीच संपर्क कराते रहे.
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ईरानी सैन्य बयान में अमेरिका की ओर से लगाए गए प्रतिबंधों का भी जिक्र किया गया. ईरान ने इन कदमों को आर्थिक दबाव बढ़ाने की कोशिश बताया. साथ ही कहा कि अमेरिकी दबाव और धमकियां उसके रुख को नहीं बदल सकतीं.
ईरानी सैन्य कमांड ने उम्मीद जताई कि राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने संबोधन के दौरान ईरानी जनता और सशस्त्र बलों का संदेश दुनिया के सामने रखेंगे. अब निगाहें पेजेश्कियान के UNGA संबोधन और अमेरिका-ईरान के बीच चल रही कूटनीतिक कोशिशों पर हैं.