इंडोनेशिया के पापुआ में हथियारबंद अलगाववादी विद्रोहियों ने एक अमेरिकी पायलट की गोली मारकर हत्या कर दी है. विद्रोहियों ने उसके विमान को भी आग के हवाले कर दिया. अलगाववादियों ने इस हमले को इंडोनेशिया और अमेरिकी सरकार के लिए बड़ी चेतावनी बताया है.
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, इस हमले की जिम्मेदारी सशस्त्र अलगाववादी समूह' वेस्ट पापुआ नेशनल लिबरेशन आर्मी' (TPNPB) ने ली है.
संगठन का दावा है कि उसके लड़ाकों ने अमेरिकी पायलट निकोलस एफ. गोसेलिन की उस समय गोली मारकर हत्या कर दी, जब उनका विमान हाइलैंड पापुआ प्रांत के सुदूर जिले याहुकिमो में उतरा.
वहीं, इंडोनेशियाई सरकार ने एयरपोर्ट पर विमान के जलने की पुष्टि तो की है, लेकिन पायलट की मौत या इसमें अलगाववादियों का हाथ होने पर अभी कुछ भी साफ नहीं किया है. सरकार का कहना है कि मामले की जांच जारी है.
अल्टीमेटम के बावजूद उल्लंघन का आरोप- TPNPB
TPNPB के प्रवक्ता सेब्य संबोम ने कहा कि इस हमले का मकसद जकार्ता और वॉशिंगटन को संदेश देना था. संबोम के मुताबिक, इस विमान ने संगठन की चेतावनियों के बावजूद बार-बार उनके कब्जे वाले क्षेत्र में प्रवेश किया था. संबोम ने कहा, 'हमने विमान पर तुरंत फायरिंग की और उसे जला दिया क्योंकि उसने TPNPB के अल्टीमेटम का उल्लंघन किया था.'
उन्होंने आरोप लगाया कि नागरिक विमानों का इस्तेमाल इंडोनेशियाई सेना के जवानों और रसद को उन इलाकों में ले जाने के लिए किया जा रहा था, जिन पर विद्रोहियों का दावा है. संबोम ने सरकार से बातचीत शुरू करने और बिना सेना या पुलिस भेजे पायलट का शव ले जाने को भी कहा है.
संबोम ने चेतावनी दी कि अगर नागरिक विमानों ने उनके 'रेड जोन' वाले इलाकों में उड़ान जारी रखी, तो आगे भी ऐसे हमले हो सकते हैं. उन्होंने कहा, 'हम पापुआ की धरती पर ऐसे किसी भी नागरिक विमान पर गोलीबारी करेंगे, जो इंडोनेशियाई सैन्य बलों को सैनिकों या सैन्य रसद ले जाने में मदद करेगा.'
इंडोनेशियाई प्रशासन जुटा रहा है जानकारी
इंडोनेशियाई अधिकारियों ने बताया कि याहुकिमो के एक एयरपोर्ट पर एक विमान जला हुआ पाया गया है. इस विमान में एक अमेरिकी पायलट और सात पापुआ के यात्री सवार थे. पापुआ में इंडोनेशिया के संयुक्त पुलिस-सैन्य अभियान के प्रवक्ता यूसुफ सुतेजो ने कहा कि अधिकारी अभी ये पता लगा रहे हैं कि आखिर क्या हुआ था.
इंडोनेशिया के नागरिक उड्डयन महानिदेशालय ने बताया कि विमान ने वामेना से उड़ान भरी थी और याहुकिमो में उतरने के तुरंत बाद उसका संपर्क टूट गया था. ये विमान 'पीटी एएमए' एयरलाइन का था, जो पापुआ के सुदूर इलाकों में खाना, ईंधन और दूसरे जरूरी सामान पहुंचाने का काम करती है.
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पहले भी निशाने पर रहे हैं विदेशी पायलट
पापुआ में साल 1969 से ही सशस्त्र अलगाववादी आंदोलन चल रहा है. हाल के सालों में विद्रोहियों के पास एडवांस हथियार आ गए हैं, जिससे हमले और घातक हो गए हैं. इससे पहले फरवरी 2023 में भी अलगाववादियों ने न्यूजीलैंड के एक पायलट फिलिप मेहरटेंस को अगवा कर लिया था. उन्हें करीब 19 महीने तक बंधक बनाकर रखा गया था और लंबी बातचीत के बाद 2024 में रिहा किया गया था.