scorecardresearch
 

होर्मुज नहीं... इस बार खतरनाक रूट 'बाब अल मंदेब' से भारत आया क्रूड ऑयल से भरा टैंकर

कच्चे तेल का टैंकर एमटी सनमार हेराल्ड हाई रिस्क बाबा-अल-मंदेब स्ट्रेट से भारतीय नौसेना के युद्धपोत की निगरानी में सुरक्षित रूप से पार हुआ. यह रास्ता कूटनीतिक रूप से भी भारत के लिए बहुत खास है.

Advertisement
X
कच्चे तेल का टैंकर MT Sanmar Herald
कच्चे तेल का टैंकर MT Sanmar Herald

भारतीय नौसेना के युद्धपोत ने कच्चे तेल के टैंकर एमटी सनमार हेराल्ड को हाई रिस्क बाबा-अल-मंदेब स्ट्रेट से सुरक्षित रूप से पार कराया. इंडियन नेवी ने X पर पोस्ट करते हुए इसकी जानकारी दी है कि 20 अगस्त को नौसेना की मिशन तैनात यूनिट ने टैंकर की सुरक्षित आवाजाही पर नजर रखी. 

बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य लाल सागर, हिंद महासागर और स्वेज नहर को जोड़ने वाला एक बहुत ही खास समुद्री मार्ग है. भारत के लिए रणनीतिक रूप से इसकी अहमियत इसलिए भी बढ़ जाती है क्योंकि पश्चिम एशिया से आने वाले तेल और दूसरे जरूरी सामान की सप्लाई इस समुद्री रास्ते से ही प्रभावित होती है. यानी यहां अगर किसी तरह का तनाव या जहाजों की आवाजाही में रुकावट आई तो उसका असर भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर पड़ेगा. ऐसे में, शिपिंग लागत और तेल की कीमतों पर असर पड़ेगा. ऐसे में इस रणनीतिक महत्व को ध्यान में रखते हुए भारतीय नौसेना लगातार इस इलाके में निगरानी और सुरक्षा अभियान चला रही है. 

20 अगस्त को मिशन पर तैनात भारतीय नौसेना की एक यूनिट ने जोखिम वाले बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्यम से कच्चे तेल के टैंकर एमटी सनमार हेराल्ड की सुरक्षित आवाजाही पर नजर रखी. होर्मुज की बजाय बाब-अल-मंदेब क्षेत्र से तेल की आवाजाही भारत के लिए कूटनीतिक रूप से भी बहुत खास है. पश्चिम एशिया में तनाव के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों की आवाजाही पर असर पड़ा है. इसका असर भारत में भी देखने को मिला है. ऐसे में, बाब-अल-मंदेब क्षेत्र भारत के लिए बहुत अहम हो जाता है. हालांकि, यह रास्ता भी जोखिम के खाली नहीं है. यहां हूती हमलों और सुरक्षा का खतरा बना रहता है.

Advertisement

यह भी पढ़ें: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज अब 'अमेरिकी इलाका', ट्रंप ने शेयर किया मैप... ईरान पर नए प्रतिबंध भी

भारत एक ही समुद्री रास्ते पर निर्भर नहीं होना चाहता, ऐसे में यह रास्ता भारत के लिए अहम है. बाब-अल-मंदेब क्षेत्र के जरिए आने वाले समय में अगर सप्लाई सुरक्षित रहती है तो भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए वैकल्पिक रास्ता बना सकता है. ऐसे में, इस इलाके में भारतीय नौसेना की निगरानी और तेल टैंकरों की सुरक्षित आवाजाही रणनीतिक रूप से बहुत ही खास हो जाती है. 

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement