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होर्मुज में अपने नाविकों की सुरक्षा पर एक्शन में भारत सरकार, लागू किया 'Seafarer First' प्लान

मिडिल-ईस्ट के स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में दो भारतीय व्यापारिक जहाजों पर हुए हमलों के बाद भारत सरकार ने नाविकों की सुरक्षा के लिए कड़े कदम उठाए हैं. केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने 'सीफेरर-फर्स्ट' प्रतिक्रिया की शुरुआत की है, जिसमें रियल-टाइम मॉनिटरिंग और हर नाविक के लिए समर्पित संपर्क अधिकारी शामिल हैं.

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केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने नाविकों की सुरक्षा के लिए रणनीति बनाई. (Photo- ITG)
केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने नाविकों की सुरक्षा के लिए रणनीति बनाई. (Photo- ITG)

मिडिल-ईस्ट में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में दो व्यापारिक जहाजों पर हुए हमलों के बाद समुद्र में सुरक्षा संकट बढ़ गया है. हालात को देखते हुए भारत सरकार ने अपने नाविकों की सुरक्षा के लिए बड़े कदम उठाए हैं. केंद्रीय बंदरगाह, शिपिंग और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने 'सीफेरर-फर्स्ट' प्रतिक्रिया की शुरुआत की है.

सोनोवाल ने होर्मुज में काम कर रहे हर भारतीय नाविक की सुरक्षा के लिए सरकार के सभी विभागों को मिलकर काम करने के निर्देश दिए हैं. केंद्रीय मंत्री सोनोवाल ने आज एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में इस मामले पर विस्तार से बातचीत की.

इस बैठक में जहाजरानी राज्य मंत्री शांतनु ठाकुर के साथ विदेश मंत्रालय, भारतीय नौसेना, जहाजरानी महानिदेशालय (DGS), ईरान और ओमान में भारतीय दूतावासों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए. 

होर्मुज में मारा गया था एक नाविक 

सोनोवाल की अध्यक्षता में हुई बैठक में फारस की खाड़ी, होर्मुज और ओमान की खाड़ी में सुरक्षा के हालात की समीक्षा की गई. होर्मुज में दो कमर्शियल जहाजों-'एमटी अल बहिया' और 'एमटी मोम्बासा' पर हुए हमलों में एक भारतीय की मौत हो गई थी. इस पर सोनोवाल ने शोक जताते हुए कहा, 'भारत ने रक्षाहीन नागरिक व्यापारिक जहाजों पर किए गए इन हमलों के तरीके पर अपना कड़ा विरोध और आपत्ति दर्ज कराई है.'

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केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा, 'ग्लोबल सप्लाई चेन को बनाए रखने वाले भारतीय नाविकों की मौत और गंभीर चोटें इन गैर-जिम्मेदाराना हमलों का नतीजा हैं. मैं इस हादसे से बेहद आहत हूं. मैं शहीद नाविक के परिवार के प्रति संवेदना जाहिर करता हूं और घायलों के जल्द ठीक होने की प्रार्थना करता हूं. सरकार नाविकों के परिवारों की हर मुमकिन देखभाल और मदद के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है.'

रियल-टाइम मॉनिटरिंग का निर्देश

सोनोवाल ने DGS को निर्देश दिया है कि वो एक रियल-टाइम डैशबोर्ड तैयार करे. इसके जरिए फारस की खाड़ी और होर्मुज में मौजूद हर जहाज की पल-पल की लोकेशन ट्रैक की जाएगी. मंत्री ने कहा कि जहाज चाहे किसी भी देश के झंडे का हो, उस पर सवार हर एक भारतीय नाविक का पूरा रिकॉर्ड रखा जाएगा.

हर नाविक के लिए संपर्क अधिकारी

प्रभावित परिवारों की मदद के लिए सरकार ने हर पीड़ित भारतीय नाविक के लिए एक समर्पित संपर्क अधिकारी नियुक्त करने का आदेश दिया है. ये अधिकारी पीड़ित परिवार के लिए सिंगल पॉइंट ऑफ कॉन्टेक्ट होगा. वो इलाज, यात्रा के दस्तावेज, घर वापसी और नाविक कल्याण कोष से मिलने वाले मुआवजे से जुड़े सभी कामों में परिवार की मदद करेगा.

यह भी पढ़ें: होर्मुज ब्लॉकेड पर गजब कंफ्यूजन... बाहर अमेरिका, अंदर ईरान- कैसे निकलेंगे जहाज?

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इसके साथ ही सरकार ने बताया कि अब इस क्षेत्र से कोई भी जहाज नया खतरा आकलन किए बिना और शिप मास्टर की अनुमति के बिना आगे नहीं बढ़ेगा. जहाजों के मालिकों और एजेंसियों को भी रिपोर्ट देनी होगी कि किसी भी भारतीय नाविक को बिना सुरक्षा के जबरन यात्रा पर नहीं भेजा जा रहा है.

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