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ब्रिटेन में तेल टैंकर के भारतीय कैप्टन पर रूस की मदद का आरोप, पत्नी बोलीं- 'उन्हें बलि का बकरा बनाया गया'

इंग्लिश चैनल में जब्त तेल टैंकर स्मिर्टोस के भारतीय कैप्टन अजय पंत, 38, पर ब्रिटेन में सैंक्शन उल्लंघन का आरोप लगा है, जिसमें अधिकतम 10 साल की सजा हो सकती है. उनका मुकदमा 15 दिसंबर से शुरू होगा. पत्नी रितु पंत ने बताया कि उनके पति को बलि का बकरा बनाया गया है. जून में हुई गिरफ्तारी के बाद पंत को जमानत नहीं मिली और वो हिरासत में टूट चुके थे.

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ब्रिटेन में भारतीय कैप्टन अजय पंत पर प्रतिबंध संबंधी अपराधों का आरोप लगाया गया है (Photo: AFP)
ब्रिटेन में भारतीय कैप्टन अजय पंत पर प्रतिबंध संबंधी अपराधों का आरोप लगाया गया है (Photo: AFP)

ब्रिटेन में तेल टैंकर के भारतीय कैप्टन अजय पंत को उनकी पत्नी ने बलि का बकरा बताया है. पंत पर सैंक्शन से जुड़े अपराधों का आरोप है और उनका मुकदमा 15 दिसंबर से शुरू होगा. 38 साल के अजय पंत पर सैंक्शन उल्लंघन के आरोप हैं, जिसमें अधिकतम 10 साल जेल की सजा हो सकती है. उनकी पत्नी रितु पंत, 36, ने जून में गिरफ्तारी के बाद पहली बार मीडिया को दिए इंटरव्यू में कहा, "मेरे पति सिर्फ बलि का बकरा बन गए. वो गलत समय पर गलत जगह मौजूद थे."

14 जून को ब्रिटिश कमांडो हेलीकॉप्टर से रस्सी के सहारे उतरकर प्रतिबंधित तेल टैंकर स्मिर्टोस पर चढ़े थे, जिसकी कमान अजय पंत के हाथ में थी. आरोप है कि यह जहाज रूस के शैडो फ्लीट का हिस्सा है. शैडो फ्लीट उन जहाजों के नेटवर्क को कहा जाता है जिनकी मालिकाना हक और बीमा से जुड़ी जानकारी साफ नहीं होती, और यूक्रेन पर हमले के बाद लगे तेल सैंक्शन से बचने के लिए रूस पर इनके इस्तेमाल का आरोप है.

मरीनट्रैफिक के मुताबिक स्मिर्टोस जहाज 5 जून को रूस के उस्त-लुगा बंदरगाह से रवाना हुआ और बाल्टिक सागर से होते हुए मिस्र के पोर्ट सईद की तरफ जा रहा था. जब यह इंग्लिश चैनल से गुजर रहा था, तभी ब्रिटिश कमांडो ने इसे रोक लिया. उस वक्त के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने इस ऑपरेशन को "रूस को बड़ा झटका" बताया था.

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पंत की पत्नी ने बताया कि गिरफ्तारी के बाद पहली बार फोन पर बात हुई तो उनके पति टूट चुके थे और रो रहे थे. उन्होंने बताया, "उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि उनके साथ क्या हुआ है. उन्होंने बस इतना कहा, मैं जेल में हूं, मुझे यहां से निकालो." पंत को जमानत नहीं मिली है और वो अभी भी हिरासत में हैं.

अभियोजन पक्ष का कहना है कि पंत जहाज के "मास्टर" यानी मुख्य कमांडर थे और उन्हें जहाज पर लदे करीब 98 हजार टन तेल के बारे में जानकारी थी. पंत के वकील ने अदालत में कहा कि कैप्टन जहाज के मालिक के एक कर्मचारी के तौर पर सिर्फ आदेशों का पालन कर रहे थे. उनकी पत्नी का भी यही कहना है कि उनकी जिम्मेदारी सिर्फ कार्गो को सुरक्षित तरीके से मंजिल तक पहुंचाना था.

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यह मामला कानूनी तौर पर कई अहम सवाल खड़े करता है और यूरोपीय देशों द्वारा रूस के शैडो फ्लीट के खिलाफ कार्रवाई तेज करने के बीच एक बड़ा टेस्ट केस बन सकता है. माना जा रहा है कि यूरोप में यह पहला मामला है जिसमें सिर्फ जहाज या उसके मालिकों की बजाय कैप्टन पर सैंक्शन उल्लंघन का आरोप लगाया गया है.

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भारत के विदेश मंत्रालय ने कहा कि उसके काउंसलर अधिकारियों ने पंत से मुलाकात कर उनकी सेहत के बारे में जानकारी ली. जहाज के चालक दल में सिर्फ पंत पर ही आरोप लगाए गए हैं, जबकि बाकी 24 क्रू मेंबर्स में से ज्यादातर को वापस भेजा जा चुका है. स्मिर्टोस जहाज अभी भी इंग्लैंड के दक्षिणी तट के पास लंगर डाले खड़ा है.

इंटरनेशनल ट्रांसपोर्ट वर्कर्स फेडरेशन के सीफेयरर्स सेक्शन के कोऑर्डिनेटर स्टीव यैंडेल के मुताबिक इस मामले ने नाविकों के बीच इस बात को लेकर चिंता बढ़ा दी है कि वो भू-राजनीतिक ताकतों के बीच फंस सकते हैं. भारत में 3 लाख 20 हजार से ज्यादा नाविक हैं और भारत वैश्विक मर्चेंट शिपिंग वर्कफोर्स में एक बड़ा योगदानकर्ता है.

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