scorecardresearch
 

भारतीय दूतावास ने न्यूयॉर्क टाइम्स को लगाई लताड़, PoK में बवाल को लेकर कही थी ये बात

पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर को लेकर प्रकाशित एक रिपोर्ट पर भारत ने न्यूयॉर्क टाइम्स की शब्दावली पर कड़ा ऐतराज जताया है. भारतीय दूतावास ने इसे भ्रामक बताते हुए अपना स्पष्ट रुख दोहराया.

Advertisement
X
PoK में जून से जारी विरोध प्रदर्शन के बीच 27 जुलाई को हुआ पहले चरण का मतदान. (Image: File)
PoK में जून से जारी विरोध प्रदर्शन के बीच 27 जुलाई को हुआ पहले चरण का मतदान. (Image: File)

पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में हिंसा पर छपी एक खबर को लेकर भारत ने अमेरिकी अखबार 'द न्यूयॉर्क टाइम्स' पर कड़ा ऐतराज जताया है. अमेरिका में भारतीय दूतावास ने अखबार की हेडलाइन में इस्तेमाल किए गए 'पाकिस्तानी कश्मीर' शब्द को भ्रामक और गलत बताया. दूतावास ने साफ किया कि 'पाकिस्तानी कश्मीर' जैसी कोई जगह नहीं है, यह पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) है, जो भारत का अटूट हिस्सा है.

पूरा विवाद न्यूयॉर्क टाइम्स की उस रिपोर्ट से शुरू हुआ, जिसमें PoK में चुनाव के साथ-साथ भड़की हिंसा का जिक्र करते हुए 'Pakistani Kashmir' शब्द का इस्तेमाल किया गया था. भारतीय दूतावास ने इसे देश की संप्रभुता से जुड़ा मामला बताते हुए तुरंत आपत्ति दर्ज कराई. दूतावास ने स्पष्ट किया कि ऐसी शब्दावली न सिर्फ गलत है, बल्कि लोगों को गुमराह भी करती है. भारत का स्टैंड हमेशा से साफ रहा है कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख, दोनों केंद्र शासित प्रदेश भारत का अभिन्न अंग हैं और हमेशा रहेंगे."

भारतीय दूतावास ने क्या कहा?

भारतीय दूतावास के मुताबिक, 'पाकिस्तानी कश्मीर' जैसी कोई पहचान नहीं है. इसके लिए सही शब्द 'पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK)' है. पाकिस्तान ने भारत के इस हिस्से पर अवैध कब्जा कर रखा है. दूतावास ने यह भी यह भी कहा कि पाकिस्तान अधिकृत इलाकों में रहने वाले आम नागरिकों के साथ हिंसा और दमन की घटनाएं लगातार सामने आती रही हैं. ऐसे मामलों की रिपोर्टिंग करते समय अंतरराष्ट्रीय मीडिया को तथ्यों के अनुरूप ही शब्दों का चयन करना चाहिए.

Advertisement

अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत का रुख हमेशा साफ रहा है. ऐसे में जब कोई विदेशी संस्थान या मीडिया संगठन PoK की जगह किसी गलत शब्द का इस्तेमाल करता है, तो भारत इसे महज़ भाषाई गलती नहीं, बल्कि एक संवेदनशील राजनीतिक मुद्दा मानता है. यही वजह है कि भारत पहले भी कई बार अंतरराष्ट्रीय मीडिया और विदेशी सरकारों के सामने अपनी बात मजबूती से रख चुका है.

PoK में आखिर क्या हो रहा है?

जिस रिपोर्ट को लेकर यह विवाद हुआ, उसमें PoK में चुनाव के दौरान बढ़ते तनाव का जिक्र था. वहां हाल के दिनों में पुलिस और 'जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी' (JAAC) से जुड़े प्रदर्शनकारियों के बीच कई बार तीखी झड़पें हुई हैं. स्थानीय लोगों का आरोप है कि बिजली के बढ़ते दाम, कमरतोड़ महंगाई, बुनियादी अधिकारों की अनदेखी और चुनावी व्यवस्था में गड़बड़ी के खिलाफ यह गुस्सा भड़का है. हालांकि, हिंसा में हुई मौतों और हताहतों के दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है.

भारतीय दूतावास के कड़े ऐतराज के बाद अब यह देखना होगा कि 'द न्यूयॉर्क टाइम्स' अपनी इस गलती को सुधारता है या नहीं. फिलहाल भारत ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि PoK भारत का हिस्सा है और उसे किसी दूसरे नाम से संबोधित करना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement