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लैटिन अमेरिका में लाखों लोग 'जीका वायरस' की चपेट में, केवल बचाव ही उपाय

3893 लोग संदिग्ध रूप से जीका वायरस से प्रभावित हैं और अब तक 50 लोगों की इससे जान जा चुकी है.

लैटिन अमेरिका में जीका वायरस का कहर लैटिन अमेरिका में जीका वायरस का कहर

लैटिन अमेरिका के कई देशों को अपनी चपेट में ले चुका 'जीका वायरस' एक ग्लोबल खतरा बनता जा रहा है. इसके खतरे का अंदाजा इस बात से ही लगाया जा सकता है कि अकेले ब्राजील में 15 लाख लोग इस वायरस के खतरे के दायरे में हैं. 3893 लोग संदिग्ध रूप से जीका वायरस से प्रभावित हैं और अब तक 50 लोगों की इससे जान जा चुकी है.

महिलाओं-बच्चों को सबसे ज्यादा खतरा
जीका वायरस के निशाने पर गर्भवती महिलाएं ज्यादा हैं. और इसे अजन्मे बच्चो के लिए महामारी के तौर पर देखा जा रहा है. इस वायरस की वजह से भ्रूण में मस्तिष्क का विकास रुक जाता है माइक्रोसेफाले (microcephaly) नाम का दिमागी बीमारी फैल जाती है.


बचाव के लिए कारगर उपाय
ब्राजील में ये वायरस करीब 8 महीने पहले घुसा था. जीका वायरस दुनिया के और हिस्सों में अपने पैर फैला सकता है. हालांकि भारत अभी उसके ठिकाने से दूर दिख रहा है. विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इससे बचाव के लिए उपाय सुझाए हैं. हम आपको बताते हैं जीका वायरस से बचाव के लिए कारगर पांच उपाय:
1. लैटिन अमेरिकी देशों में एडीज मच्छरों की वजह से जीका वायरस का संक्रमण बढ़ा है. विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार जीका वायरस के संक्रमण को रोकने का सबसे अच्छा उपाय है मच्छरों की रोकथाम.
2. डब्ल्यूएचओ का कहना है कि मच्छरों से बचने के लिए पूरे शरीर को ढककर रखें और हल्के रंग के कपड़े पहनें.
3. मच्छरों के प्रजनन को रोकने के लिए अपने घर के आसपास गमले, बाल्टी, कूलर आदि में भरा पानी निकाल दें.
4. बुखार, गले में खराश, जोड़ों में दर्द, आंखें लाल होने जैसे लक्षण नजर आने पर अधिक से अधिक तरल पदार्थों का सेवन और भरपूर आराम करें.
5. जीका वायरस का फिलहाल कोई टीका उपलब्ध नहीं है. डब्ल्यूएचओ का कहना है कि स्थिति में सुधार नहीं होने पर फौरन डॉक्टर को दिखाना चाहिए.

गर्भ में पल रहे बच्चे को सबसे ज्यादा खतरा
इस वायरस के कारण गर्भ में पल रहे बच्चों को सबसे ज्यादा नुकसान हो सकता है. जिसका उदाहरण हाल में ब्राजील में उस वक्त देखने में आया जब जीका वायरस से पीड़ित महिलाओं से जन्में बच्चे वहां जन्में अन्य शिशुओं के मुकाबले छोटे सिर वाले पैदा हुए. अक्‍टूबर से लेकर अब तक ब्राजील में 3500 से ज्‍यादा छोटे सिर और अवि‍कसि‍त दिमाग वाले बच्‍चे पैदा हुए हैं. अल सल्वाडोर की सरकार ने तो महिलाओं को अगले दो साल तक प्रेगनेंसी से बचने की सलाह दी है.

कहां-कहां फैला
अब इसका फैलाव ब्राजील समेत कई दक्षिण अमेरिकी देशों में हो चुका है. ब्राजील में ऐसा तब हो रहा है जब 6 महीने बाद वहां ओलंपिक होने जा रहे हैं. ब्राजील में विश्व भर से पर्यटकों के आने जाने के कारण वहां से इसके पूरी दुनिया में फैलने का डर है. ब्राजील में घर-घर जाकर मच्छर पनपने वाली जगहों पर दवाइयां डालने के काम में सेना को लगाना पड़ा है. ब्राजील में 28 में से 21 राज्य जीका वायरस की चपेट में हैं और 6 राज्यों में हेल्थ इमरजेंसी का ऐलान किया गया है.


ब्राजील के साथ ही पैरागुए, कोलंबिया, वेनेजुएला, फ्रेंच गयाना, सूरीनाम और मेक्सिको, हैती, प्युएर्तो रीको में जीका वायरस का कहर है. जबकि अर्जेंटीना, चिली, बोलिविया, पेरू, एक्वाडॉर, कोस्टा रिका, एल सैल्वडॉर, ग्वातेमाला, होंडूरास, पनामा, में खतरा मंडरा रहा है.

1947 में हुई थी पहचान
जीका वायरस की पहचान पहली बार 1947 में हुई थी. जिसके बाद ये कई बार अफ्रीका व साउथ ईस्ट एशिया के देशों के कुछ हिस्सों में फैला था. ताजा हालात पर अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने चिंता व्यक्त की है. विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि ये वायरस दक्षिण व उत्तर अमेरिकी महाद्वीपों के लगभग सभी क्षेत्रों में फैल सकता है. अभी तक कैरेबियाई ,उत्तर व दक्षिणी अमेरिका के 21 देशों में ये वायरस फैल चुका है.

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