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बांदा पुजारी हत्याकांड: भांजी संग सोता देख भड़का मामा, डंडे से पीट-पीटकर की हत्या, दोनों गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश के बांदा में मंदिर के पुजारी की हत्या का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है. जांच में सामने आया कि पुजारी की हत्या उसकी शिष्या के मामा ने की थी. आरोपी ने दावा किया कि उसने पुजारी को अपनी भांजी के साथ सोते देख आपा खो दिया और डंडे से हमला कर हत्या कर दी. पुलिस ने मामा और भांजी दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है.

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शिष्या बदलती रही बयान.(Photo: Siddhartha Gupta/ITG)
शिष्या बदलती रही बयान.(Photo: Siddhartha Gupta/ITG)

उत्तर प्रदेश के बांदा में मंदिर के पुजारी की हत्या के ब्लाइंड मर्डर केस का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है. पुलिस के मुताबिक, पुजारी की हत्या किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि उसकी शिष्या के मामा ने की थी. आरोपी ने पूछताछ में बताया कि उसने पुजारी को अपनी भांजी के साथ सोते हुए देखा था. इसके बाद विवाद हुआ और गुस्से में उसने डंडे से ताबड़तोड़ हमला कर पुजारी की हत्या कर दी.

इस मामले में पुलिस ने आरोपी मामा रामविशाल और उसकी भांजी रोशनी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. पुलिस का कहना है कि दोनों से पूछताछ के दौरान घटना से जुड़े कई अहम तथ्य सामने आए. वैज्ञानिक साक्ष्यों, मोबाइल सर्विलांस और अन्य सबूतों के आधार पर पुलिस ने पूरे मामले का खुलासा किया.

यह भी पढ़ें: तंत्र-मंत्र से पैसा डबल! बांदा में झांसा देकर ठगी करने वाले 3 शातिर गिरफ्तार,75 हजार से ज्यादा कैश बरामद

हत्या के बाद सबसे बड़ी चुनौती पुलिस के सामने यह थी कि वारदात की प्रत्यक्षदर्शी शिष्या लगातार अपने बयान बदल रही थी. पुलिस के अनुसार उसने जांच को कई बार भटकाने की कोशिश की, लेकिन आखिरकार साक्ष्यों के सामने उसकी हर कोशिश नाकाम साबित हुई.

20-21 जून की रात हुई थी वारदात

दरअसल, पूरा मामला शहर कोतवाली क्षेत्र के तिंदवारा गांव का है. यहां 20 और 21 जून की दरमियानी रात मंदिर के पुजारी की डंडे से पीट-पीटकर निर्मम हत्या कर दी गई थी. सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया.

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घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने खुलासे के लिए चार अलग-अलग टीमें गठित की थीं. मृतक पुजारी के भाई की तहरीर पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई.

घटना के कुछ ही मिनट बाद मंदिर में मौजूद शिष्या रोशनी ने पुलिस और पुजारी के परिजनों को घटना की सूचना दी थी. इसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की, क्योंकि वारदात के समय वह घटनास्थल पर मौजूद थी.

बीमारी के इलाज के लिए आई, फिर बन गई शिष्या

पुलिस जांच में सामने आया कि मध्य प्रदेश के पन्ना जिले के अजयगढ़ की रहने वाली रोशनी बीमारी के चलते अपने मामा रामविशाल के पास बांदा आई थी. रामविशाल उसे मंदिर के पुजारी के पास लेकर गया, जहां पुजारी ने उसका इलाज किया. इलाज के बाद उसकी तबीयत में सुधार हुआ.

इसके बाद रोशनी का मंदिर में आना-जाना बढ़ गया. धीरे-धीरे वह पुजारी की शिष्या बन गई और पिछले कुछ महीनों से आश्रम में ही रहने लगी. पुलिस के मुताबिक समय के साथ पुजारी का उस पर भरोसा बढ़ गया और वह आश्रम की गतिविधियों से पूरी तरह जुड़ गई.

मृतक की फाइल फोटो.
मृतक की फाइल फोटो.

इसी दौरान गांव में दोनों के एक साथ रहने और उनके संबंधों को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं होने लगीं. यही चर्चाएं बाद में इस हत्याकांड की वजह बनने लगीं.

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भांजी को पुजारी के साथ देखकर खो बैठा आपा

पुलिस के अनुसार गांव में फैल रही चर्चाओं की जानकारी रोशनी के मामा रामविशाल तक भी पहुंच गई थी. इसके बाद वह एक रात सच्चाई जानने के लिए आश्रम पहुंचा. वहां उसने कथित तौर पर पुजारी और अपनी भांजी को एक साथ सोते हुए देखा.

बताया गया कि इस बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी भी हुई. हालांकि उस समय मामला शांत हो गया, लेकिन रामविशाल के मन में गुस्सा बना रहा.

पुलिस के मुताबिक रात करीब एक बजे वह दोबारा आश्रम पहुंचा. वहां का दृश्य देखकर उसने अपना आपा खो दिया और पास में पड़ा डंडा उठाकर पुजारी पर ताबड़तोड़ वार कर दिए. गंभीर चोट लगने से पुजारी की मौके पर ही मौत हो गई. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी सिर, हाथ और पैरों पर गंभीर चोटों के निशान मिले.

शिष्या बदलती रही बयान, पुलिस को करती रही गुमराह

जांच के दौरान पुलिस ने रोशनी से लगातार पूछताछ की, लेकिन वह हर बार अलग-अलग बयान देती रही. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक वह हत्या की प्रत्यक्षदर्शी थी, क्योंकि वारदात के समय वह वहीं सो रही थी.

पुलिस का कहना है कि रोशनी ने अपने एक पूर्व प्रेमी पर भी शक जताने की कोशिश की, लेकिन मोबाइल सर्विलांस और वैज्ञानिक साक्ष्यों में उसकी मौजूदगी घटनास्थल पर नहीं मिली. इसके बाद जांच का पूरा फोकस दोबारा रामविशाल और रोशनी पर गया.

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बांदा

सभी तकनीकी और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों को जोड़ने के बाद पुलिस ने दोनों से सख्ती से पूछताछ की. पूछताछ में दोनों ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया. पुलिस का कहना है कि उसने यह सुनिश्चित किया कि किसी निर्दोष व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई न हो, इसलिए हर साक्ष्य का बारीकी से परीक्षण किया गया.

संपत्ति को लेकर भी चर्चा, पुलिस ने फिलहाल नहीं की पुष्टि

स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि रोशनी की नजर पुजारी की कीमती संपत्ति पर थी. वहीं यह भी कहा जा रहा है कि उसका मामा अपनी बेटी को पुजारी की शिष्या बनाना चाहता था. हालांकि पुलिस ने इन चर्चाओं की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और फिलहाल जांच उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ाई गई.

अपर पुलिस अधीक्षक शिवराज ने बताया कि तिंदवारा गांव के जमुनी पुरवा निवासी रामविशाल और उसकी भांजी रोशनी को गिरफ्तार किया गया है. जांच में सामने आया कि आपसी विवाद के बाद रामविशाल ने डंडे से हमला कर पुजारी की हत्या की थी.

उन्होंने बताया कि मामले के खुलासे के लिए चार पुलिस टीमें लगाई गई थीं. वैज्ञानिक साक्ष्यों, मोबाइल सर्विलांस और अन्य सबूतों के आधार पर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है. मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है.

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