फीफा मेन्स फुटबॉल वर्ल्ड कप का फाइनल मैच एक बड़े ड्रामे के साथ खत्म हुआ. न्यू यॉर्क न्यू जर्सी स्टेडियम में वर्ल्ड कप ट्रॉफी सेरेमनी के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को लोगों की गुस्से भरी हूटिंग का सामना करना पड़ा. लोगों ने हताशा भरी आवाजों के साथ उनका वेलकम किया.
फीफा वर्ल्ड कप में इस बार स्पेन ने अर्जेंटीना को हराकर जीत का ताज अपने नाम किया. इस दौरान जैसे ही ट्रंप और फीफा प्रमुख जियानी इन्फेंटिनो खिलाड़ियों को सम्मानित करने के लिए मैदान पर उतरे, दर्शकों ने गुस्से में हूटिंग शुरू कर दी. हालांकि, ये हूटिंग ज्यादा देर नहीं चली.
जब राष्ट्रपति ट्रंप और इन्फेंटिनो ने फाइनल खेलने वाले खिलाड़ियों और कोचों को मेडल पहनाना शुरू किया, तब तक दर्शकों का गुस्सा शांत हो चुका था और हूटिंग पूरी तरह रुक गई. इसके बाद दोनों नेताओं ने विनर टीम को वर्ल्ड कप ट्रॉफी सौंपी.
कैप्टन रोड्री के ट्रॉफी उठाने से पहले मंच पर रहे ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस ऐतिहासिक फाइनल मैच को देखने के लिए हेलीकॉप्टर से स्टेडियम पहुंचे थे. मैच के बाद वो पोडियम पर स्पेन के खिलाड़ियों के साथ ही खड़े रहे. इसके बाद, जब स्पेन के कप्तान रोड्री सैकड़ों फोटोग्राफरों और कैमरों के सामने वर्ल्ड कप की ट्रॉफी उठाने वाले थे, तब ट्रंप को फीफा चीफ ने मंच से एक किनारे किया.
ग्रुप स्टेज में ट्रंप के एक फोन कॉल से मचा था बवाल
दरअसल, ग्रुप स्टेज के एक मैच के दौरान अमेरिका का मुकाबला बोस्निया और हर्जेगोविना से था. इस मैच में अमेरिकी स्ट्राइकर फोलारिन बालोगुन को रेफरी ने रेड कार्ड दिखा दिया था. इस फैसले से नाराज होकर राष्ट्रपति ट्रंप ने सीधे फीफा प्रमुख जियानी इन्फेंटिनो को फोन लगा दिया था. ट्रंप ने इन्फेंटिनो से बालोगुन को दिए गए रेड कार्ड के फैसले का दोबारा रिव्यू करने को कहा था.
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किसी देश के राष्ट्राध्यक्ष के खेल के नियमों और फैसलों में सीधे दखल देने की इस कोशिश की दुनिया भर के फुटबॉल विशेषज्ञों और फैन्स ने तीखी आलोचना की थी. ऐसे में इस विवाद की गूंज फाइनल की अवॉर्ड सेरेमनी में भी साफ दिखाई दी. यही वजह थी कि फाइनल के दिन स्टेडियम में मौजूद फुटबॉल लवर्स उनके खिलाफ हूटिंग कर रहे थे.