अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई को और बड़ा करने पर विचार कर रहे हैं. वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि अपने वरिष्ठ सलाहकारों से कई दिनों तक जानकारी लेने के बाद ट्रंप इस दिशा में झुकाव दिखा रहे हैं. इसमें होर्मुज के पास ईरानी द्वीपों पर जमीनी सेना भेजकर कब्जा करने का विकल्प भी शामिल है.
रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि ट्रंप प्रशासन ईरान के खिलाफ अपनी सैन्य कार्रवाई का दायरा बढ़ाने पर गंभीरता से सोच रहा है. इसमें तीन बड़े विकल्पों पर चर्चा हो रही है.
पहला विकल्प है हवाई हमलों को और तेज करना. दूसरा विकल्प है होर्मुज के पास स्थित ईरानी द्वीपों पर जमीनी सेना भेजकर उन पर कब्जा करना. तीसरा विकल्प है एक मजबूत किलेबंद जगह पर बमबारी करना, जिसका इस्तेमाल गुप्त रूप से परमाणु काम के लिए किया जा सकता है.
यह भी पढ़ें: अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस का इजरायल पर बड़ा हमला, कहा- कुछ नेता ईरान युद्ध लंबा खींचना चाहते हैं
अमेरिकी समयानुसार मंगलवार शाम ट्रंप ने सिचुएशन रूम में एक अहम बैठक बुलाई. इस बैठक में खर्ग द्वीप और होर्मुज के आसपास की अन्य जगहों पर अमेरिकी सैनिकों के जरिए कब्जा करने की संभावना पर चर्चा हुई.
साथ ही पिकैक्स माउंटेन नाम की जगह पर बनी एक सुरंग परिसर पर बमबारी करने के विकल्प पर भी बात हुई. यह जगह परमाणु गतिविधियों से जुड़ी बताई जाती है और अमेरिका ने अभी तक इसे निशाना नहीं बनाया है.
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि ईरान के अंदर ऊर्जा से जुड़े ठिकानों समेत और भी कई जगहों पर हवाई हमले बढ़ाने का विकल्प अभी भी खुला हुआ है. यानी अमेरिका के पास कई रास्ते हैं और अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है. हालांकि इस पूरे घटनाक्रम से साफ है कि अमेरिका ईरान के मामले में अपनी सैन्य नीति में बड़ा बदलाव करने पर विचार कर रहा है.